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Waqf Board Uttarakhand : वक्फ संपत्तियों में करोड़ों का गोलमाल! गढ़वाल कमिश्नर सख्त, 10 दिन में तलब की जांच रिपोर्ट

उत्तराखंड में करोड़ों की वक्फ संपत्तियों में हुए फर्जीवाड़े की जांच रिपोर्ट गढ़वाल कमिश्नर ने 10 दिन के भीतर तलब की है। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारियों से राजस्व रिकॉर्ड का मिलान कर आख्या मांगी गई है।

Waqf Board Uttarakhand : वक्फ संपत्तियों में करोड़ों का गोलमाल! गढ़वाल कमिश्नर सख्त, 10 दिन में तलब की जांच रिपोर्ट

HIGHLIGHTS

  • गढ़वाल कमिश्नर ने 10 दिन में मांगी जांच रिपोर्ट।
  • चार जिलों के डीएम को राजस्व रिकॉर्ड मिलान के आदेश।
  • वक्फ बोर्ड से गायब हैं कई संपत्तियों के अहम दस्तावेज।
  • फर्जीवाड़ा साबित होने पर लैंड फ्रॉड समिति करेगी कार्रवाई।

देहरादून, 12 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Waqf Board Uttarakhand : उत्तराखंड में करोड़ों रुपये की वक्फ संपत्तियों को खुर्द-बुर्द करने का मामला शासन स्तर पर अटक गया है। जांच लंबित होने पर गढ़वाल कमिश्नर कार्यालय ने सख्त रुख अपना लिया है। संबंधित अधिकारियों को 10 दिन के भीतर जांच आख्या प्रस्तुत करने के स्पष्ट निर्देश जारी हुए हैं।

शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए कमिश्नर कार्यालय ने देहरादून जिलाधिकारी को पत्र भेजा है। पत्र में जांच रिपोर्ट न भेजे जाने पर नाराजगी व्यक्त की गई है। अधिकारियों का मानना है कि इस देरी से पूरे प्रकरण का निस्तारण सीधे तौर पर प्रभावित हो रहा है।

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने शासन से संपत्तियों में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं की लिखित शिकायत की थी। उन्होंने दावा किया था कि बोर्ड की कई महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों से जुड़े मूल दस्तावेज कार्यालय से गायब कर दिए गए हैं। संपत्तियों के वास्तविक रिकॉर्ड और प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

शासन स्तर पर इस मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के निर्देश जारी किए गए थे। देहरादून, हरिद्वार, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर के जिलाधिकारियों को राजस्व रिकॉर्ड खंगालने का जिम्मा सौंपा गया था। सरकारी अभिलेखों और वक्फ बोर्ड के रिकॉर्ड का मिलान होना है।

जांच का मुख्य उद्देश्य संपत्तियों में फर्जीवाड़ा, रिकॉर्ड में हेरफेर और अवैध कब्जों की स्थिति का पता लगाना है। कमिश्नर कार्यालय ने अब 10 दिन की समय सीमा तय कर दी है। समयबद्ध निस्तारण के लिए यह डेडलाइन जारी की गई है।

जांच रिपोर्ट में अनियमितता या फर्जीवाड़े की पुष्टि होती है तो मामले को लैंड फ्रॉड समन्वय समिति के समक्ष रखा जाएगा। समिति इसके बाद कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करेगी। देशभर में वक्फ बोर्ड के अधीन भूमि पर अतिक्रमण और दुरुपयोग के आरोप लगातार लगते रहे हैं।

शादाब शम्स पहले ही वक्फ परिसंपत्तियों के खुर्द-बुर्द होने का मुद्दा उठा चुके हैं। निष्पक्ष जांच के लिए उन्होंने सीधे सीबीआई जांच की मांग शासन के सामने रखी है। शम्स का मानना है कि डीएम स्तर की रिपोर्ट आने के बाद कई अहम तथ्य उजागर होंगे।

देहरादून के जिलाधिकारी आशीष चौहान ने कमिश्नर के पत्र पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने पूरे मामले में गंभीरता के साथ कार्यवाही तेज करने का भरोसा दिलाया है। जल्द ही देहरादून जिले की जांच आख्या कमिश्नर कार्यालय भेज दी जाएगी।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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