Winter Wardrobe : सुबह और शाम की हवा में हल्की ठंडक घुलने लगी है। मौसम बदलते ही सबसे पहली फिक्र अलमारी में रखे गर्म कपड़ों की होती है। अक्सर लोग कड़ाके की ठंड पड़ने पर आनन-फानन में बाजार भागते हैं, जिससे न तो मनपसंद कपड़े मिलते हैं और बजट भी बिगड़ जाता है।
अगर आप अक्टूबर के महीने में ही थोड़ी समझदारी से प्लानिंग कर लें, तो पूरे सीजन न ठंड सताएगी और न ही पैसों की तंगी होगी।
खरीदारी से पहले अलमारी की छंटनी जरूरी
सीधे बाजार जाने या ऑनलाइन कार्ट भरने से पहले अपनी अलमारी खोलकर बैठें। पिछले साल के जैकेट, स्वेटर, कार्डिगन और शॉल बाहर निकालें और एक-एक करके जांचें।
देखें कि कौन-से कपड़े अब भी बिल्कुल नए जैसे हैं और किन्हें रिपेयरिंग की जरूरत है। जो कपड़े छोटे हो गए हैं या जिन्हें आप अब नहीं पहनते, उन्हें अलग निकाल दें। इन्हें किसी जरूरतमंद को देकर आप अलमारी में नई जगह भी बना सकते हैं।
भारी कपड़ों की जगह लेयरिंग का फॉर्मूला अपनाएं
अक्सर लोग ठंड से बचने के लिए एक ही बहुत भारी जैकेट या कोट खरीद लेते हैं, जिसे रोज पहनना भारी लगता है। सर्दियों का सबसे आसान और फैशनेबल नियम है ‘लेयरिंग’।
इसका मतलब है कि एक भारी कपड़े की जगह तीन हल्की परतें पहनना:
- पहली परत (बेस लेयर): अच्छी क्वालिटी का थर्मल इनरवियर, जो शरीर की गर्मी को रोककर रखे।
- दूसरी परत (मिड लेयर): हल्का वुलन स्वेटर, कार्डिगन या फ्लीस हुडी।
- तीसरी परत (आउटर लेयर): विंडप्रूफ जैकेट या कोट, जो बाहर की ठंडी हवा को अंदर न आने दे।
इस तरीके का सबसे बड़ा फायदा यह है कि दिन में धूप निकलने पर आप ऊपर की जैकेट उतार सकते हैं और शाम होते ही दोबारा पहन सकते हैं।
बेसिक वॉर्डरोब में क्या-क्या होना जरूरी है?
शॉपिंग लिस्ट बनाते समय ट्रेंड से ज्यादा जरूरत पर ध्यान दें। आपके पास ये बेसिक चीजें जरूर होनी चाहिए:
- 2 जोड़ी अच्छी फिटिंग वाले थर्मल सेट (फुल और हाफ दोनों रख सकते हैं)
- 1 न्यूट्रल कलर की ऑल-वेदर जैकेट (काली, नेवी ब्लू या बेज)
- 2 से 3 हल्के और पहनने में आरामदायक स्वेटर
- 3 से 4 जोड़ी मोटे कॉटन या वुलन मोजे
- 1 अच्छी वॉर्म शॉल या स्टोल
- सिर और कान ढकने के लिए कैप और मफलर
रंग चुनते समय ब्लैक, ग्रे, ऑलिव ग्रीन, ऑफ-व्हाइट और डार्क ब्लू जैसे शेड्स को प्राथमिकता दें। ये रंग किसी भी पैंट या जींस के साथ आसानी से मैच हो जाते हैं।
अक्टूबर में शॉपिंग करने का फायदा
इस महीने फेस्टिव सीजन की सेल चलती है, जहां गर्म कपड़ों के शुरुआती स्टॉक पर बेहतरीन ऑफर मिल जाते हैं। जैसे-जैसे नवंबर और दिसंबर में ठंड बढ़ती है, मांग बढ़ने के साथ कीमतें भी बढ़ जाती हैं।
खरीदारी करते वक्त सिर्फ कम दाम न देखें, फैब्रिक की सिलाई और गर्माहट जरूर जांचें। बहुत सस्ता स्वेटर धोने के बाद अक्सर ढीला पड़ जाता है या रोएं छोड़ देता है, जबकि एक अच्छा वुलन फैब्रिक कई सालों तक साथ निभाता है।








