रुद्रप्रयाग (23 अक्टूबर) : उत्तराखण्ड के शांत पर्वतीय जनपदों में कानून-व्यवस्था की जो तस्वीर सामने आई है, उसने सामाजिक और प्रशासनिक हलकों में बेचैनी पैदा कर दी है। पुलिस मुख्यालय द्वारा साझा की गई आधिकारिक रिपोर्ट के आधार पर दावा किया गया है कि राज्य के 9 पर्वतीय जनपदों में से 6—टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में डकैती, लूट, चोरी और हत्या जैसे पारंपरिक अपराधों की तुलना में महिलाओं के खिलाफ दर्ज अपराधों की संख्या कहीं अधिक निकल गई है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने चमोली के नंदप्रयाग और कर्णप्रयाग तथा रुद्रप्रयाग के गौचर और जिला मुख्यालय में आयोजित ‘न्याय यात्रा’ की विशाल जनसभाओं में यह ब्योरा सार्वजनिक करते हुए राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि सितंबर 2022 के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में अदालत से तीन दोषियों को उम्रकैद मिलने के बावजूद कथित “वीआईपी” चेहरे का सच चार साल बाद भी बाहर नहीं आ सका है।
6 पर्वतीय जनपदों में सामान्य जुर्म से ज्यादा महिला अपराध
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने जनसभाओं में पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था) के अधिकृत पत्र संख्या डीजी-क्राइम-180/2026 का हवाला देते हुए स्थिति स्पष्ट की। सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, 23 मार्च 2022 से 20 फरवरी 2026 के बीच पूरे राज्य में डकैती, वाहन लूट, चेन स्नेचिंग, अन्य लूट, चोरी, हत्या, फिरौती अपहरण और बलवा जैसे कुल 18,094 वास्तविक अपराध दर्ज हुए, जबकि इसी अवधि में महिला अपराधों का आंकड़ा 11,625 तक पहुंच गया।
यानी राज्य के कुल 29,719 दर्ज गंभीर मामलों में 39.1 प्रतिशत हिस्सेदारी सीधे तौर पर महिला अपराधों की है। सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में कुल अपराधों का 58.2 प्रतिशत हिस्सा महिला अपराधों का है, जबकि अल्मोड़ा में यह 55.4%, टिहरी में 53.3%, बागेश्वर में 53.1% और चमोली व रुद्रप्रयाग दोनों जनपदों में ठीक 52.2% दर्ज किया गया है। गोदियाल ने सवाल उठाया कि जिन शांत वादियों को देश में सबसे सुरक्षित माना जाता था, वहां बेटियों के खिलाफ अपराधों का अनुपात पारंपरिक अपराधों से आगे निकल जाना गंभीर प्रशासनिक विफलता की ओर इशारा करता है।
संपूर्ण उत्तराखण्ड में महिला अपराधों का वर्गीकरण (23 मार्च 2022 से 20 फरवरी 2026)
| अपराध श्रेणी | कुल पंजीकृत मामले | निस्तारित | विवेचनाधीन | महिला अपराधों में हिस्सेदारी (%) |
| बलात्कार | 3,485 | 3,325 | 160 | 30.0% |
| धारा 498ए / दहेज प्रतिषेध अधिनियम | 3,027 | 2,669 | 358 | 26.0% |
| छेड़खानी | 2,631 | 2,416 | 215 | 22.6% |
| व्यपहरण | 1,915 | 1,805 | 110 | 16.5% |
| हत्या | 202 | 184 | 18 | 1.7% |
| दहेज हत्या | 200 | 184 | 16 | 1.7% |
| साइबर यौन अपराध | 165 | 142 | 23 | 1.4% |
| कुल महिला अपराध | 11,625 | 10,725 | 900 | 100% |
स्रोत: पुलिस महानिरीक्षक (अपराध एवं कानून व्यवस्था), उत्तराखण्ड (पत्र सं. डीजी-क्राइम-180/2026)
अंकिता भंडारी प्रकरण के कथित वीआईपी की जांच अटकी
पौड़ी जनपद के यमकेश्वर स्थित रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट रहीं 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। मई 2025 में कोटद्वार की अदालत ने इस मामले में नामजद तीन मुख्य आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। हालांकि, अंकिता के माता-पिता लगातार यह आरोप लगाते रहे हैं कि घटना के पीछे जिस “वीआईपी” को स्पेशल सर्विस देने का दबाव बनाया गया था, उस पहलू की विस्तृत जांच निष्पक्ष तरीके से नहीं हुई।
जनवरी 2026 में इस मामले के तूल पकड़ने पर सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश जरूर की, लेकिन कांग्रेस का आरोप है कि जांच एजेंसी की वास्तविक प्रगति आज तक सार्वजनिक नहीं की गई। गोदियाल ने कहा कि चार साल बीत जाने के बाद भी पीड़ित माता-पिता न्याय की आस लगाए बैठे हैं। उन्होंने चेताया कि जब तक मामले की पारदर्शी जांच नहीं होती और अंकिता जैसी बेटियों को पूर्ण न्याय नहीं मिलता, तब तक सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन जारी रहेगा।
जनपदवार अपराध तुलना: वास्तविक अपराध बनाम महिला अपराध (2022–2026)
| जनपद | वास्तविक अपराध (डकैती, लूट, चोरी, हत्या आदि) | महिला अपराध (कुल पंजीकृत) | कुल अपराध योग | कुल में महिला अपराध प्रतिशत |
| देहरादून | 4,538 | 3,187 | 7,725 | 41.3% |
| हरिद्वार | 6,641 | 3,278 | 9,919 | 33.0% |
| उधमसिंहनगर | 3,381 | 2,450 | 5,831 | 42.0% |
| नैनीताल | 1,373 | 1,099 | 2,472 | 44.5% |
| पौड़ी | 397 | 374 | 771 | 48.5% |
| टिहरी | 186 | 212 | 398 | 53.3% |
| अल्मोड़ा | 156 | 194 | 350 | 55.4% |
| चमोली | 130 | 142 | 272 | 52.2% |
| चम्पावत | 155 | 148 | 303 | 48.8% |
| पिथौरागढ़ | 180 | 251 | 431 | 58.2% |
| उत्तरकाशी | 177 | 143 | 320 | 44.7% |
| बागेश्वर | 61 | 69 | 130 | 53.1% |
| रुद्रप्रयाग | 64 | 70 | 134 | 52.2% |
| जीआरपी | 655 | 8 | 663 | 1.2% |
| संपूर्ण उत्तराखण्ड | 18,094 | 11,625 | 29,719 | 39.1% |
रिसॉर्ट कर्मियों की सुरक्षा और श्वेत पत्र की मांग
पहाड़ी जनपदों में टूरिज्म बूम के बीच दूरदराज के होटलों और होम-स्टे में काम करने वाली स्थानीय युवतियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कांग्रेस ने पांच सूत्रीय मांग पत्र रखा है। पार्टी ने मांग की है कि राज्य सरकार पर्वतीय रिसॉर्ट्स और होटलों में कार्यरत महिला कर्मचारियों के अनिवार्य पंजीकरण, औचक निरीक्षण और गोपनीय शिकायत निवारण तंत्र की स्थायी नियमावली लागू करे। इसके अतिरिक्त, महिला अपराधों के लंबित 900 विवेचनाधीन मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने, फास्ट ट्रैक अदालतों में सुनवाई तेज करने और महिला थानों व पेट्रोलिंग को सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया है।
यात्रा में प्रदेश कांग्रेस सह-प्रभारी सुरेंद्र शर्मा, बद्रीनाथ विधायक लखपत बुटोला, प्रतापनगर विधायक विक्रम सिंह नेगी, जिलाध्यक्ष कुलदीप कंडारी, पूर्व विधायक मनोज रावत और प्रदीप थपलियाल सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार ने महिला सुरक्षा पर अविलंब जनपदवार श्वेत पत्र जारी नहीं किया, तो आगामी विधानसभा सत्र में इस मुद्दे पर कड़ा विरोध दर्ज कराया जाएगा।
चमोली एवं रुद्रप्रयाग का विस्तृत अपराध तुलनात्मक विश्लेषण
| विवरण श्रेणी | चमोली जनपद | रुद्रप्रयाग जनपद |
| वास्तविक अपराध (कुल) | 130 | 64 |
| महिला अपराध (कुल) | 142 | 70 |
| कुल मामलों का योग | 272 | 134 |
| महिला अपराधों का अनुपात (%) | 52.2% | 52.2% |
| बलात्कार के मामले | 67 | 15 |
| छेड़खानी के मामले | 40 | 19 |
| व्यपहरण के मामले | 10 | 14 |
| 498ए / दहेज प्रतिषेध | 10 | 9 |
| हत्या के मामले | 6 | 4 |
| दहेज हत्या के मामले | 5 | 3 |
| साइबर यौन अपराध | 4 | 6 |
| विवेचनाधीन महिला अपराध | 4 | 2 |
| निस्तारित महिला अपराध | 138 | 68 |




