देहरादून (23 अक्टूबर) : उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने राज्य के विभिन्न विभागों और विकास कार्यों के लिए 496 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी है। सरकारी स्तर पर भले ही इसे कुल विकास पैकेज के रूप में पेश किया गया हो, लेकिन इस फैसले की सबसे बड़ी राहत बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों को मिली है।
कुल स्वीकृत 496 करोड़ रुपये में से 90 फीसदी हिस्सा यानी 445.92 करोड़ रुपये अकेले समग्र शिक्षा अभियान के तहत कार्यरत शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के बकाया वेतन तथा भत्तों के भुगतान के लिए तय किया गया है। शेष बजट से हरिद्वार में महाकुंभ 2027 की आधारभूत तैयारियां, कुमाऊं-गढ़वाल के दूरस्थ मोटर मार्ग, पेयजल और नए हेलीपैड तैयार किए जाएंगे।
शिक्षकों के वेतन और भत्तों पर सबसे बड़ा फैसला
राज्य सचिवालय से जारी वित्तीय अनुमोदन के अनुसार माध्यमिक शिक्षा विभाग के अधीन संचालित समग्र शिक्षा योजना के प्राथमिक व माध्यमिक विद्यालयों और शिक्षक शिक्षा संस्थानों में लंबित देयकों को खत्म करने के लिए 445.92 करोड़ रुपये की अवशेष धनराशि सीधे मंजूर कर दी गई है। पर्वतीय और मैदानी जिलों में समग्र शिक्षा के तहत तैनात हजारों शिक्षक और कर्मचारी पिछले कुछ समय से वेतन बजट के आवंटन का इंतजार कर रहे थे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने फाइल पर अनुमोदन देते हुए संबंधित विभाग को निर्देश दिए हैं कि शिक्षकों के देयकों का भुगतान बिना किसी प्रशासनिक देरी के समय पर सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यालयों में पठन-पाठन की व्यवस्था सुचारू बनी रहे।
कुंभ 2027 की तैयारी और कांगड़ा घाट का विस्तार
शिक्षा बजट के बाद सरकार की दूसरी प्रमुख प्राथमिकता हरिद्वार महाकुंभ 2027 की बुनियादी संरचना तैयार करना है। मुख्यमंत्री ने जनपद हरिद्वार के विकासखंड बहादराबाद में गंगा नहर के दाईं ओर स्थित कांगड़ा घाट के विस्तारीकरण के लिए 8.43 करोड़ रुपये की वित्तीय संस्तुति दी है। इसके अलावा कुंभ मेले के दौरान आवश्यक फर्नीचर और साज-सज्जा के टेंटेज-सजावटी कपड़ों की व्यवस्था के लिए व्यय वित्त समिति द्वारा अनुशंसित 14.57 करोड़ रुपये के कार्यों को भी हरी झंडी दिखा दी गई है। प्रशासनिक अफसरों का कहना है कि कुंभ में भारी भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने और स्नान घाटों की क्षमता बढ़ाने के लिए यह विस्तार काम समय रहते पूरा कराया जाएगा।
पर्वतीय जिलों की सड़कों और हेलीपैड को रफ्तार
राज्य के दूरदराज इलाकों में आवागमन सुगम बनाने के लिए लोनिवि और संबंधित एजेंसियों को निर्माण बजट जारी किया गया है। जनपद टिहरी के कीर्तिनगर (जखेड़-सुमाड़ी मार्ग हेतु 2.04 करोड़) और प्रतापनगर के हुणेश्वर महादेव मंदिर में धर्मशाला-शौचालय निर्माण के लिए 98.77 लाख मंजूर हुए हैं। पिथौरागढ़ के गंगोलीहाट और डीडीहाट में डामरीकरण व संपर्क मार्गों के लिए क्रमशः 4.09 करोड़ और 61.39 लाख रुपये स्वीकृत किए गए। इसके साथ ही चंपावत, नैनीताल, खटीमा और सितारगंज में खस्ताहाल मार्गों को हॉट-मिक्स और डामरीकरण से दुरुस्त किया जाएगा।
आपातकालीन कनेक्टिविटी और वीआईपी आवाजाही के लिए पौड़ी के रिखणीखाल में 13.50 लाख और नैनीताल के डौन परेवा में 8.30 लाख से हेलीपैड का निर्माण होगा, जबकि मसूरी कैंट क्षेत्र में पेयजल संकट दूर करने के लिए 3.07 करोड़ रुपये के नलकूप व पंप हाउस का निर्माण कराया जाएगा।




