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Dehradun Land Fraud : डीएम सविन बंसल का कड़ा एक्शन, गोल्डन फॉरेस्ट की जमीन बेचने वाले बिल्डरों पर FIR दर्ज

देहरादून के आमवाला तरला में प्रतिबंधित 'गोल्डन फॉरेस्ट' की जमीन पर भू-माफियाओं के बड़े खेल का भंडाफोड़ हुआ है। जिलाधिकारी सविन बंसल के आदेश पर जालसाजी करने वाले बिल्डरों और क्रेता-विक्रेता के खिलाफ शहर कोतवाली में संगीन धाराओं में FIR दर्ज कर दी गई है। फर्जीवाड़े की आंच अब सब-रजिस्ट्रार कार्यालय तक पहुँच गई है।

Published On: February 24, 2026 6:20 PM
Dehradun Land Fraud : डीएम सविन बंसल का कड़ा एक्शन, गोल्डन फॉरेस्ट की जमीन बेचने वाले बिल्डरों पर FIR दर्ज

HIGHLIGHTS

  1. आमवाला तरला की खसरा संख्या 94ख, 134, 135 और 136 पर न्यायालय ने रोक लगा रखी थी, जिसे कूटरचित दस्तावेजों से बेचा गया।
  2. चंडीगढ़ और पंजाब के बिल्डर्स द्वारा उत्तराखंड की सरकारी और प्रतिबंधित जमीनों पर 'गिद्ध नजर' गड़ाकर अवैध सौदेबाजी का खुलासा।
  3. तहसीलदार को दाखिल-खारिज (Mutation) तुरंत निरस्त करने के निर्देश और सब-रजिस्ट्रार देहरादून की भूमिका की गहन जांच शुरू।
  4. ऋषिकेश की तर्ज पर देहरादून रजिस्ट्री ऑफिस का बड़ा 'सर्जिकल स्ट्राइक' वाला निरीक्षण जल्द संभव।

देहरादून। (Dehradun Land Fraud) देहरादून के पॉश इलाकों और आसपास की कीमती जमीनों पर बाहरी राज्यों के बिल्डर्स और स्थानीय भू-माफियाओं ने तहलका मचा रखा था। ताजा मामला आमवाला तरला का है, जहाँ PACL (पर्ल्स एग्रो टेक कॉर्पोरेशन लिमिटेड) और गोल्डन फॉरेस्ट से जुड़ी प्रतिबंधित भूमि को फर्जी कागजात तैयार कर ठिकाने लगा दिया गया।

जिलाधिकारी के संज्ञान में आते ही इस पूरे खेल की चूलें हिल गई हैं। जाँच में सामने आया कि विलेख संख्या 8614/2025 और 8615/2025 के जरिए कोर्ट की रोक के बावजूद रजिस्ट्री करा दी गई।

सब-रजिस्ट्रार दफ्तर के भीतर तक पहुँची जाँच की आंच

डीएम ने इस मामले में केवल बाहरी लोगों पर ही नहीं, बल्कि सिस्टम के भीतर बैठे सफेदपोशों पर भी नकेल कस दी है। सब-रजिस्ट्रार देहरादून की कार्यप्रणाली अब रडार पर है।

आदेश दिए गए हैं कि यदि इन फर्जी रजिस्ट्रियों के आधार पर कोई भी दाखिल-खारिज हुआ है, तो उसे तत्काल कूड़ेदान के हवाले किया जाए। रजिस्ट्रेशन अधिनियम, 1908 की धारा 83 के तहत मुकदमा दर्ज कर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने की तैयारी पूरी हो चुकी है।

भू-माफियाओं की शामत, सरकारी जमीन पर ‘स्ट्राइक’

उत्तराखंड की शांत वादियों में जमीन जिहाद और अवैध कब्जों को लेकर प्रशासन अब ‘जीरो टॉलरेंस’ मोड में है। चंडीगढ़ और पंजाब के सिंडिकेट जो यहाँ की सरकारी जमीनों पर गिद्ध दृष्टि जमाए बैठे हैं, उनके खिलाफ यह बड़ी कार्रवाई है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना और कूटरचित दस्तावेज बर्दाश्त नहीं होंगे। जल्द ही देहरादून रजिस्ट्री दफ्तर में बड़ा प्रशासनिक छापा पड़ सकता है, जिससे बिचौलियों और भ्रष्ट अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।


संपादकीय नोट: दून हॉराइज़न (Doon Horizon) पर प्रकाशित हर रिपोर्ट हमारे वरिष्ठ संपादकों द्वारा तथ्यों की गहन जांच और मानवीय सत्यापन (Human-Verification) के बाद ही लाइव की जाती है। हम पत्रकारिता की शुचिता और सटीकता के प्रति प्रतिबद्ध हैं।


Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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