Haryana Budget Session 2025 : हरियाणा विधानसभा में सैनी का मास्टरस्ट्रोक! विपक्ष के वार का ऐसे दिया जवाब

Haryana Budget Session 2025 : हरियाणा की 15वीं विधानसभा का बजट सत्र इस बार खास रहा। करीब 58 घंटे तक चली चर्चाओं में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अपनी सूझबूझ और शालीनता से सबका ध्यान खींचा। जहां विपक्ष ने सरकार को नशे, प्रदूषण, पानी की गुणवत्ता, और किसानों के मुद्दों पर घेरने की कोशिश की, वहीं सैनी ने हर सवाल का जवाब इतने आत्मविश्वास से दिया कि सरकार बैकफुट पर नहीं आई। चाहे बस अड्डे का छोटा सवाल हो या डंकी रूट जैसे गंभीर मुद्दे, उन्होंने हर बात को विस्तार से समझाया और विपक्ष की धार को कुंद कर दिया।
महिलाओं के लिए साहसिक कदम, पड़ोसियों को छोड़ा पीछे
सैनी का यह पहला बजट था, और इसमें उन्होंने महिलाओं के लिए 2100 रुपये देने की योजना के लिए 5000 करोड़ रुपये का प्रावधान कर सबको चौंका दिया। पड़ोसी राज्य हिमाचल और पंजाब अपनी तीसरी-चौथी बजट सत्र में भी ऐसी हिम्मत नहीं दिखा पाए। सैनी चाहते तो इस घोषणा को अगले बजट तक टाल सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इससे उनकी सरकार की प्रतिबद्धता और जनता के प्रति संवेदनशीलता साफ झलकती है।
विपक्ष ने उठाए जनता से जुड़े मुद्दे, सरकार ने नहीं छिपाया सच
सदन में कांग्रेस और इनेलो के विधायकों ने नशे की समस्या, प्रदूषण, कैंसर, स्कूलों में शिक्षकों की कमी, और अस्पतालों में संसाधनों की कमी जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाया। ये वो सवाल थे जो आम लोगों के जीवन से सीधे जुड़े थे। विपक्ष ने इन मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
लेकिन सैनी ने न सिर्फ इनका जवाब दिया, बल्कि डेटा के साथ पारदर्शिता भी दिखाई। नशे और डंकी रूट जैसे संवेदनशील मुद्दों पर उन्होंने पार्टी लाइन से ऊपर उठकर विपक्ष को साथ आने का न्योता दिया, जो उनकी दूरदर्शिता को दर्शाता है।
बजट की बारीकियों को समझा, शालीनता से संभाला हमला
नगर निगम चुनाव की व्यस्तता के बावजूद सैनी ने बजट सत्र को छोटा करने के बजाय इसे गंभीरता से लिया। कर्ज, राजस्व घाटा, और पूंजीगत व्यय जैसे जटिल मुद्दों पर भी उन्होंने विपक्ष को शांत करने में कामयाबी हासिल की। जब बजट अभिभाषण पर जवाब देने आए, तो उनके माथे पर तिलक देखकर लगा कि यह दिन उनके लिए कितना खास था।
पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने तंज कसा, "गुरु गुड़ और चेला शक्कर हो गया," तो सैनी ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया कि मनोहर लाल ने हरियाणा की तस्वीर बदल दी। रघुबीर कादियान और बीबी बत्रा की आलोचनाओं का भी उन्होंने नम्रता से जवाब दिया, हालांकि एक बार हल्का गुस्सा जरूर झलका जब बत्रा ने उनके भाषण को अधिकारी द्वारा लिखा हुआ बताया। सैनी ने तुरंत कहा, "गीता भुक्कल जब मुझसे मिलीं, तब मैं खुद अपना भाषण लिख रहा था।"
पीर बोधी पर विपक्ष की जीत, फिर भी सैनी रहे हावी
रोहतक के पीर बोधी अतिक्रमण मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरा। पहले सरकार ने जोहड़ होने से इनकार किया, लेकिन बाद में माना कि वहां जोहड़ था। विपक्ष इसे अपनी जीत के तौर पर भुना सकता था, लेकिन सैनी ने मौका ही नहीं दिया। 2009 की इंस्पेक्टर भर्ती और दादूपुर नलवी जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने विपक्ष को उल्टे पैरों पर ला दिया। हाईकोर्ट के फैसले का हवाला देकर सैनी ने साबित किया कि चयन प्रक्रिया सही थी, और विपक्ष इस जाल में फंसकर रह गया।
कांग्रेस ने दिखाई एकजुटता, हुड्डा रहे छाए
सदन में नेता प्रतिपक्ष की कमी के बावजूद कांग्रेस विधायकों ने कमाल कर दिखाया। भूपेंद्र हुड्डा हर चर्चा में छाए रहे, और विधायकों ने उनसे सलाह लेकर मुद्दों को मजबूती से उठाया। वॉकआउट जैसे मौकों पर भी कांग्रेस एकजुट नजर आई। खुद सैनी ने भी हुड्डा को विपक्ष के नेता के तौर पर सम्मान दिया।
हरियाणा का यह बजट सत्र नायब सिंह सैनी के लिए एक बड़ा इम्तिहान था, और उन्होंने इसे न सिर्फ पास किया, बल्कि अपनी छाप भी छोड़ी। उनकी शालीनता, सूझबूझ, और जनता के प्रति प्रतिबद्धता ने साबित कर दिया कि वे चुनौतियों से डरने वाले नहीं हैं।