Haryana News : बिजली बिल पर बड़ा झटका! हरियाणा में कल से महंगी हो सकती है बिजली

Haryana News : हरियाणा में 1 अप्रैल 2025 से बिजली दरों में बढ़ोतरी की खबर। 4,520 करोड़ के घाटे से जूझ रहे बिजली निगमों के लिए HERC ने टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव दिया। FSA चार्ज से 200 यूनिट से ज्यादा खपत पर 94.47 रुपये अतिरिक्त। सरकार का दावा- निगमों की सेहत सुधारने के लिए जरूरी।
Haryana News : बिजली बिल पर बड़ा झटका! हरियाणा में कल से महंगी हो सकती है बिजली

Haryana News : हरियाणा के लोगों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है, जो उनकी जेब पर असर डाल सकती है। सूत्रों की मानें तो 1 अप्रैल 2025 से प्रदेश में बिजली की दरों में बढ़ोतरी होने वाली है। यह खबर सुनते ही आम लोग सोच में पड़ गए हैं कि अब महीने का बजट कैसे संभलेगा। दरअसल, उत्तर और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम को 4,520 करोड़ रुपये के भारी-भरकम घाटे का सामना करना पड़ रहा है। इसी घाटे से निपटने के लिए हरियाणा बिजली विनियामक आयोग (HERC) ने नए वित्तीय वर्ष में बिजली टैरिफ बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।

चार साल बाद बिजली होगी महंगी

हरियाणा में बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी कोई नई बात नहीं है, लेकिन पिछले दो साल से इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ था। आखिरी बार 2022-23 में 150 यूनिट तक की खपत पर 25 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी हुई थी। अब चार साल बाद फिर से बिजली महंगी होने की तैयारी है। इसका कारण फ्यूल सरचार्ज एडजस्टमेंट (FSA) को एक साल तक बढ़ाना बताया जा रहा है। सरकार का कहना है कि बिजली निगमों की हालत सुधारने के लिए यह कदम जरूरी है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि मुख्यमंत्री की कैबिनेट में ऊर्जा मंत्री अनिल विज इस प्रस्ताव को हरी झंडी दे सकते हैं।

घाटे से जूझ रहे बिजली निगम

हरियाणा के बिजली निगम लंबे वक्त से आर्थिक संकट से गुजर रहे हैं। दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम में 12.37% और उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम में 9.15% लाइन लॉस की समस्या है। HERC के चेयरमैन नंद लाल शर्मा ने पहले ही निगमों को ऑपरेशनल दक्षता बढ़ाने और लागत व राजस्व के बीच के अंतर को कम करने के निर्देश दिए थे। लेकिन हालात सुधरने के बजाय बिगड़ते गए। अब इस घाटे की भरपाई के लिए बिजली टैरिफ में मामूली बढ़ोतरी का रास्ता अपनाया जा सकता है।

FSA से बढ़ेगा बोझ

बीजेपी सरकार ने FSA को 2026 तक बढ़ाने का फैसला पहले ही कर लिया था। इसके तहत बिजली उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट 47 पैसे अतिरिक्त देने होंगे। अगर आपकी खपत 200 यूनिट से ज्यादा है, तो आपको 94.47 रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ सकता है। अच्छी बात यह है कि 200 यूनिट से कम बिजली खर्च करने वालों को FSA से छूट मिलेगी। सरकार का कहना है कि यह कदम बिजली निगमों पर बढ़ते डिफॉल्ट के बोझ को कम करने के लिए उठाया गया है।

कुछ राहत भी मिली थी

हरियाणा सरकार ने पिछले साल जून 2024 में लोगों को थोड़ी राहत दी थी। तब मासिक शुल्क को माफ कर दिया गया था। नतीजतन, जिन घरों में 2 किलोवाट तक के मीटर लगे हैं, उन्हें सिर्फ खर्च की गई यूनिट का ही बिल देना पड़ रहा है। लेकिन अब नई बढ़ोतरी की खबर से यह राहत फीकी पड़ती नजर आ रही है।

आम आदमी पर क्या असर?

बिजली की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। खासकर मध्यम वर्ग और छोटे परिवारों के लिए यह चिंता का सबब बन सकता है। हालांकि, सरकार का दावा है कि यह बढ़ोतरी मामूली होगी और निगमों की सेहत सुधारने के लिए जरूरी है। फिर भी, लोग यह सोचने को मजबूर हैं कि कहीं यह "मामूली" बढ़ोतरी उनकी मुश्किलें न बढ़ा दे। अब देखना यह है कि सरकार और बिजली निगम इस संतुलन को कैसे बनाए रखते हैं।

Share this story

Icon News Hub