Panipat News : हरियाणा की दिल दहला देने वाली घटना! महज चिकन के लिए महिला ने दे दी अपनी जान

Panipat News : पानीपत में चिकन न मिलने पर एक महिला ने खुदकुशी कर ली। लिव-इन पार्टनर से विवाद के बाद तीन बच्चों की मां नीलम ने गुस्से में कुछ खा लिया और अस्पताल में दम तोड़ दिया। 
Haryana News : हरियाणा की दिल दहला देने वाली घटना! महज चिकन के लिए महिला ने दे दी अपनी जान

Panipat News : हरियाणा के पानीपत से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने सबको हैरान कर दिया। यहां एक महिला ने अपने पार्टनर से चिकन मंगवाया, लेकिन जब उसे चिकन नहीं मिला तो उसने गुस्से में एक ऐसा कदम उठा लिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। उसने खुदकुशी कर ली। यह घटना न सिर्फ दुखद है, बल्कि समाज में रिश्तों और छोटी-छोटी बातों को लेकर बढ़ती संवेदनशीलता पर भी सवाल उठाती है। आइए, इस मामले को गहराई से समझते हैं।

क्या हुआ उस दिन?

पानीपत में रहने वाली एक महिला अपने लिव-इन पार्टनर के साथ दो साल से रह रही थी। दोनों के बीच उम्र का बड़ा फासला था—महिला अपने पार्टनर से 10 साल बड़ी थी। उस दिन महिला ने अपने साथी से खाने के लिए चिकन लाने को कहा। लेकिन किसी वजह से पार्टनर चिकन नहीं ला सका। जब वह खाली हाथ घर पहुंचा तो महिला, जिसका नाम नीलम बताया जा रहा है, ने चिकन के बारे में पूछा। चिकन न मिलने की बात सुनकर वह भड़क गई। दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसने हालात को और बिगाड़ दिया। गुस्से में आकर नीलम ने कुछ ऐसा खा लिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद उसे बचाया न जा सका।

तीन बच्चों की मां थी नीलम

इस कहानी में एक और दर्दनाक पहलू है। नीलम तीन बच्चों की मां थी। वह अपने पार्टनर के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही थी और पिछले दो साल से दोनों का साथ चल रहा था। यह समझना मुश्किल है कि आखिर एक मां इतनी छोटी सी बात पर इतना बड़ा फैसला कैसे ले सकती है। क्या यह सिर्फ चिकन की बात थी, या इसके पीछे कोई गहरी नाराजगी और भावनात्मक उथल-पुथल थी? यह सवाल अब सबके मन में कौंध रहा है।

समाज के लिए सबक

यह घटना हमें सोचने पर मजबूर करती है। आज के दौर में रिश्तों में संवाद की कमी और छोटी-छोटी बातों पर बढ़ता तनाव क्या हमें इस कदर कमजोर बना रहा है? पानीपत की यह घटना महज एक खबर नहीं, बल्कि एक चेतावनी है। हमें अपने आसपास के लोगों की भावनाओं को समझने और उनकी परेशानियों को सुनने की जरूरत है। शायद थोड़ी सी सहानुभूति और धैर्य इस दुखद अंत को टाल सकता था।

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