हिमालय से बुन्देलखण्ड तक कृषिवानिकी और जल संरक्षण अति आवश्यक : डीएम

हिमालय से बुन्देलखण्ड तक कृषिवानिकी और जल संरक्षण अति आवश्यक : डीएम


खेती के साथ औषधि पौधों को लगाने की वैज्ञानिकों ने किसानों को दी सलाह

झांसी,10 मई(हि. स.)। केन्द्रीय कृषिवानिकी अनुसंधान संस्थान में राष्ट्रीय दिवस की पूर्व संध्या पर बुन्देली स्ट्राबेरी पर आधारित डाकूमेन्ट्री फिल्म का विमोचन जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के मुख्य आतिथ्य में किया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि जल संरक्षण एवं कृषिवानिकी बुन्देलखण्ड की अति आवश्यकता है। उन्होंने बुन्देलखण्ड में शुष्क जलवायु वाली कृषि फसले एवं वृक्ष प्रजातियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि जब किसान अपनी आँखों से देखता है तब उसे विश्वास होता है तथा कृषिवानिकी संस्थान को झांसी जनपद के सभी विकास खण्डों में कम से कम दो गांव में अपनी तकनीकी को प्रदान करके ज्यादा से ज्यादा किसानों से जुड़ने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन के अधिकारी भी स्कूल आंगनवाड़ी केंद्र गौशाला आदि गोद लेते हैं उसी तर्ज पर वैज्ञानिक भी झांसी के प्रत्येक विकास खंड के एक-एक गांव गोद ले सकते हैं। उन्होंने वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि ऐसा होता है तो बुंदेलखंड का किसान आत्मनिर्भर तो होगा ही साथ ही उसका प्रदेश की जीडीपी में भी योगदान बढ़ जाएगा। ज्ञात हो कि रविन्द्र कुमार देश के पहले एवं केवल आई.ए.एस. अधिकारी है जो माउन्ट एवरेस्ट की चोटी पर चढ़कर विजय हासिल किये है। सन् 2013 एवं सन् 2019 में उन्होंने माउन्ट एवरेस्ट की चोटी पर नेपाल तथा चीन के रास्ते विजय हासिल की थी। उन्होंने अपने अभियान को स्वच्छ गंगा स्वच्छ भारत एवरेस्ट अभियान 2019 दिया था। यह अपने साथ गंगा लेकर एवरेस्ट की चोटी पर अर्पित किये थे। उन्होंने कृषिवानिकी एवं जल संरक्षण को जन-आंदोलन के रूप में मीशन मोड के द्वारा प्रचार-प्रसार एवं कार्यान्वयन पर जोर दिया। विशिष्ट अतिथि शैलेष कुमार मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि संस्थान द्वारा स्ट्राबेरी में किया गया कार्य बहुत ही सराहनीय है तथा यह चुनौतियों से भरा हुआ काम है जो कि कृषिवानिकी संस्थान ने कर दिखाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डा. ए अरुणाचलम, निदेशक ने संस्थान की उपलब्धियों एवं स्ट्रावेरी की डाकूमेन्ट्री फिल्म के बारे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्य मंत्री योगी, जिलाधिकारी, झाँसी, मुख्य विकास अधिकारी, झांसी, नाबार्ड आदि की भूमिका का उल्लेख किया। अभी हाल ही में कृषिवानिकी संस्थान ने 05 मई का अपना 35वीं स्थापना दिवस मनाया है। स्ट्रॉबेरी के कार्यान्वयन में उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न विभागो-कृषि उद्यान नाबार्ड तथा जिला प्रशासन के साथ मिलकर कदम से कदम मिलाकर कृषिवानिकी संस्थान ने झांसी जिले के बबीना एवं मोंठ ब्लाक में कन्वर्जन्स साकार कर समन्ववन को प्रस्तुत किया है। कृषिवानिकी संस्थान ने पूरे देश में 63 गाँवों के 18000 कृषकों के साथ सीधे सम्पर्क में कार्य कर रहा है जिसमें कि 29 गाँव बुन्देलखण्ड के जनपदों में गोंद लिये गये हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/महेश

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