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बजट कार खरीदने का है प्लान? मारुति सुजुकी जल्द बढ़ाने वाली है अपनी छोटी कारों के दाम

देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी बढ़ती लागत के दबाव के कारण अपनी छोटी कारों की कीमतों में बढ़ोतरी करने की तैयारी कर रही है। मध्य-पूर्व संकट और लॉजिस्टिक्स की समस्याओं के चलते बढ़ी इनपुट कॉस्ट का बोझ अब ग्राहकों पर डाला जा सकता है।

Published On: April 4, 2026 10:23 PM
बजट कार खरीदने का है प्लान? मारुति सुजुकी जल्द बढ़ाने वाली है अपनी छोटी कारों के दाम

HIGHLIGHTS

  • मारुति सुजुकी के पास फिलहाल 1.9 लाख कारों के ऑर्डर पेंडिंग हैं, बावजूद इसके कंपनी कीमतें बढ़ाने की समीक्षा कर रही है।
  • फाइनेंशियल ईयर 2026 में डिजायर 2.3 लाख यूनिट्स की बिक्री के साथ देश की नंबर-1 कार बनकर उभरी है।
  • टाटा मोटर्स, महिंद्रा और एमजी मोटर जैसी कंपनियां पहले ही अप्रैल 2026 से दाम बढ़ाने का ऐलान कर चुकी हैं।

नई दिल्ली, 04 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। भारत के ऑटोमोबाइल सेक्टर की दिग्गज कंपनी मारुति सुजुकी अब अपनी छोटी कारों के दाम बढ़ाने (Maruti Suzuki Price Hike 2026) की दहलीज पर खड़ी है। बढ़ती उत्पादन लागत और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पैदा हुए दबावों के चलते कंपनी जल्द ही अपनी कीमतों की समीक्षा करने वाली है।

मारुति सुजुकी में मार्केटिंग और सेल्स के सीनियर एग्जीक्यूटिव ऑफिसर पार्थो बनर्जी ने इस बदलाव के स्पष्ट संकेत दिए हैं। उन्होंने ऑटोकार प्रोफेशनल से बातचीत में स्वीकार किया कि कंपनी अब इस बात पर विचार कर रही है कि बढ़ती लागत का कितना बोझ ग्राहकों के कंधों पर डाला जाए। हालांकि, अब तक कंपनी ने ‘फर्स्ट टाइम बायर्स’ यानी पहली बार कार खरीदने वालों को राहत देने के लिए कीमतों को स्थिर रखा था, लेकिन अब हालात बदल रहे हैं।

मारुति के लिए यह सेगमेंट रीढ़ की हड्डी माना जाता है, क्योंकि ग्रामीण और शहरी दोनों ही बाजारों में कम बजट वाली कारों की जबरदस्त डिमांड रहती है। बनर्जी के मुताबिक, बाजार में मांग की कोई कमी नहीं है और फिलहाल कंपनी के पास 1.9 लाख कारों के पेंडिंग ऑर्डर मौजूद हैं। प्रोडक्शन की स्थिति भी संतोषजनक है, लेकिन मुद्रा के उतार-चढ़ाव और लॉजिस्टिक्स खर्चों ने मुनाफे पर असर डालना शुरू कर दिया है।

इस बढ़ती लागत के पीछे एक बड़ा कारण वैश्विक अस्थिरता भी है। मध्य-पूर्व (Middle-East) में जारी संघर्ष अब अपने पांचवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। इस तनाव की वजह से न केवल कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, बल्कि कच्चे माल की सप्लाई चेन भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। वैश्विक व्यापार में आई इस रुकावट ने कार निर्माताओं के लिए इनपुट कॉस्ट को रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा दिया है।

मारुति सुजुकी अकेली ऐसी कंपनी नहीं है जो इस राह पर है। एमजी मोटर, टाटा मोटर्स, महिंद्रा, और लग्जरी सेगमेंट में बीएमडब्ल्यू (BMW) व मर्सिडीज बेंज जैसी कंपनियां पहले ही अप्रैल 2026 से अपनी कारों की कीमतों में इजाफा करने की घोषणा कर चुकी हैं। बाजार में मची इस होड़ के बीच मारुति भी अब अपने पोर्टफोलियो को अपडेट करने की तैयारी में है।

मारुति की बिक्री के आंकड़े बताते हैं कि छोटी कारों का दबदबा आज भी कायम है। मार्च 2026 के आंकड़ों पर नजर डालें तो सेलेरियो, वैगनआर, स्विफ्ट, बलेनो और डिजायर जैसे मॉडल्स की कुल 83,530 यूनिट्स बिकीं। वहीं, पूरे वित्त वर्ष 2026 में इस सेगमेंट ने 9,20,393 यूनिट्स की कुल सेल दर्ज की है।

विशेष रूप से, मारुति डिजायर ने वित्त वर्ष 2026 में 2.3 लाख यूनिट्स बेचकर ‘देश की सबसे ज्यादा बिकने वाली कार’ का खिताब अपने नाम किया है। गौरतलब है कि सितंबर 2025 में लागू हुए GST 2.0 के बाद इन कारों की कीमतें काफी किफायती हो गई थीं, जिससे बिक्री में बड़ा उछाल देखा गया था। लेकिन अब नए रेट हाइक के बाद इन बजट कारों की कीमतों में बड़ा अंतर आने की संभावना है।

प्रमुख मॉडल्स और बाजार की स्थिति

कार मॉडल FY2026 कुल बिक्री (अनुमानित) प्रमुख प्रतिद्वंद्वी (Competitors)
मारुति स्विफ्ट 1.85 लाख+ यूनिट्स हुंडई ग्रैंड i10 निओस
मारुति बलेनो 1.60 लाख+ यूनिट्स टाटा एल्ट्रोज़, हुंडई i20
मारुति डिजायर 2.30 लाख यूनिट्स होंडा अमेज, टाटा टिगोर
मारुति वैगनआर 1.75 लाख+ यूनिट्स टाटा टियागो

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Yash Ojha

ऑटोमोबाइल सेक्टर की गहरी समझ रखने वाले यश ओझा 'दून हॉराइज़न' के वरिष्ठ ऑटो एक्सपर्ट हैं। नई लॉन्चिंग से लेकर ऑटो पॉलिसी के बदलावों तक, यश हर खबर का बारीकी से विश्लेषण करते हैं। उनका लेखन केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वे गाड़ी की परफॉरमेंस को सड़क की असल परिस्थितियों और आम आदमी की जेब के हिसाब से परखते हैं। रिसर्च और असल टेस्ट-ड्राइव के प्रति उनका समर्पण उन्हें पाठकों के बीच एक भरोसेमंद नाम बनाता है।

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