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श्रीनगर विधानसभा की बदहाल सड़कों पर कैबिनेट मंत्री का कड़ा रुख, अधिकारियों को दिए ये निर्देश

कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में आपदा से क्षतिग्रस्त हुई सड़कों के पुनर्निर्माण के लिए लोक निर्माण विभाग और PMGSY के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने और तय समयसीमा के भीतर कार्यों को पूरा करने के सख्त निर्देश दिए हैं।

श्रीनगर विधानसभा की बदहाल सड़कों पर कैबिनेट मंत्री का कड़ा रुख, अधिकारियों को दिए ये निर्देश

HIGHLIGHTS

  • घूरी, किमवाड़ी और आमधार बचेली जैसे दूरस्थ गांवों के संपर्क मार्गों को प्राथमिकता।
  • अधिकारियों को निर्माण कार्यों की नियमित स्थलीय मॉनिटरिंग के निर्देश।
  • तकनीकी मानकों और गुणवत्ता से समझौता करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी।

देहरादून, 02 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। श्रीनगर विधानसभा क्षेत्र में आपदा के कारण क्षतिग्रस्त हुए मोटर मार्गों और ग्रामीण सड़कों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया अब तेज होगी। कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने लोक निर्माण विभाग (PWD) और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी लंबित निर्माण कार्यों को तय समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।

यमुना कॉलोनी स्थित अपने शासकीय आवास पर आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान डॉ. रावत ने क्षेत्र की कनेक्टिविटी को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आपदा से प्रभावित सड़कें स्थानीय ग्रामीणों के आवागमन का मुख्य जरिया हैं, इसलिए इनके निर्माण में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

इन प्रमुख मार्गों पर केंद्रित रहा फोकस

बैठक में विशेष रूप से उन गांवों के मार्गों की समीक्षा की गई जो लंबे समय से आपदा की मार झेल रहे हैं। इसमें घूरी गांव मोटर मार्ग, हरियालु कथड़ो गांव मार्ग, घिमिड़िया, किमवाड़ी और चौरा-चुनखेत गांव के संपर्क मार्ग शामिल हैं। इसके अलावा त्रिपाली गांव, बंगाली मसूरी तोक सड़क, ढोल-ढुंगा से बुरांसी, मिलाई गांव और आमधार बचेली सड़क जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की प्रगति रिपोर्ट भी तलब की गई।

गुणवत्ता और मॉनिटरिंग पर जोर

मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि केवल कागजों पर काम न दिखाया जाए, बल्कि स्थलीय निरीक्षण कर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि निर्माण कार्यों में तकनीकी मानकों का पूर्ण पालन हो, ताकि भविष्य में आने वाली आपदाओं के प्रभाव को कम किया जा सके।

बैठक में मौजूद PWD और PMGSY के वरिष्ठ अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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