ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

मुख्यमंत्री की घोषणा रंग लाई, दिव्यांग युवाओं को मिल रही निःशुल्क कोचिंग

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Thu, 22 Oct 2026 09:19 PM IST

देहरादून में 19 लाख रुपये की लागत से बने हाईटेक सेंटर के जरिए उत्तराखंड के दूरस्थ गांवों के दिव्यांग विद्यार्थियों को सिविल सेवा की निःशुल्क कोचिंग मिल रही है।

free IAS coaching

मुख्य बातें

  • 19 लाख की लागत से तैयार हाईटेक साउंडप्रूफ कोचिंग रूम बना उम्मीद
  • गूगल मीट और साइन लैंग्वेज से गढ़वाल-कुमाऊं के युवा जुड़ रहे
  • आईएएस-पीसीएस के बाद जल्द बैंकिंग और एसएससी की मिलेगी मुफ्त कोचिंग

देहरादून (22 अक्टूबर) : उत्तराखंड के दूरस्थ और दुर्गम गांवों में बैठकर प्रशासनिक अधिकारी बनने का सपना देखने वाले दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए अब भौगोलिक दूरी और संसाधनों की कमी रुकावट नहीं बन रही है। राजधानी देहरादून में समाज कल्याण विभाग और राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांगजन सशक्तीकरण संस्थान के संयुक्त प्रयास से संचालित 19 लाख रुपये की लागत वाला हाईटेक कोचिंग सेंटर इन युवाओं के सपनों को नई उड़ान दे रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा के बाद शुरू की गई इस अनूठी पहल से गढ़वाल से लेकर कुमाऊं तक के दिव्यांग अभ्यर्थी घर बैठे आईएएस और पीसीएस जैसी कठिन परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।

हाईटेक तकनीक से दूर हुई पहाड़ों की दूरी

इस योजना की सबसे बड़ी खूबी यह है कि विद्यार्थियों को कोचिंग के लिए हर बार देहरादून आने की जरूरत नहीं पड़ती है। राजपुर रोड स्थित संस्थान में स्थापित इस आधुनिक केंद्र में हर दिन शाम चार से सात बजे तक ऑनलाइन कक्षाएं चलाई जाती हैं। गूगल मीट और साइन लैंग्वेज के प्रभावी इस्तेमाल से पढ़ाई को बेहद आसान बनाया गया है।

इस सेंटर में वीडियो मिक्सर, कॉर्डलेस माइक्रोफोन, 75 इंच की बड़ी स्क्रीन, तीन कंप्यूटर कंसोल, थिएटर लाइट और हाईटेक कैमरे जैसी आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं, जिससे सुदूर इलाकों में बैठे छात्र भी सीधे शिक्षकों से जुड़ रहे हैं।

बैंकिंग और एसएससी परीक्षाओं तक बढ़ेगा दायरा

समाज कल्याण विभाग के सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के तहत शुरू की गई इस निःशुल्क कोचिंग का दायरा अब और बढ़ाया जा रहा है। वर्तमान में छात्रों को सामान्य अध्ययन, सीसैट, तार्किक क्षमता और गणित की विशेष तैयारी कराई जा रही है। युवाओं को रोजगार के अधिक अवसर उपलब्ध कराने के लिए आने वाले दिनों में बैंक और कर्मचारी चयन आयोग यानी एसएससी की परीक्षाओं की भी निःशुल्क कोचिंग शुरू की जाएगी, जिससे अधिक से अधिक दिव्यांग अभ्यर्थियों को इसका लाभ मिल सके।

आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे पहाड़ी युवा

देहरादून से चयनित दिव्यांग छात्र मोहन दास ने इस व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि इस पहल ने दूरदराज के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने का बड़ा काम किया है। प्रशासनिक स्तर पर की गई यह व्यवस्था साबित करती है कि यदि मजबूत इच्छाशक्ति और सही संसाधन मिल जाएं, तो कोई भी शारीरिक चुनौती सपनों के आड़े नहीं आती। यह सेंटर न सिर्फ युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार कर रहा है, बल्कि उन्हें समाज में आत्मनिर्भर और सम्मानित जीवन जीने का हौसला भी दे रहा है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment