श्रीगंगानगर, 05 अप्रैल 2026 (आरएनएस)। राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए पाकिस्तान की नार्को-टेररिज्म की साजिश को नाकाम कर दिया है। सीआईडी (बी), पुलिस और सीमा सुरक्षा बल (BSF) के साझा ऑपरेशन में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास से 12 किलो हेरोइन बरामद की गई है।
पकड़े गए नशे के इस जखीरे की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 60 करोड़ रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से उन चार आरोपियों को दबोच लिया है, जो ड्रोन द्वारा गिराई गई इस खेप को रिसीव करने पहुंचे थे।
जिला पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों को पहले से ही इनपुट मिल रहे थे कि पाकिस्तानी तस्कर भारतीय सीमा में नशीले पदार्थों की बड़ी सप्लाई भेजने की फिराक में हैं। इसी पुख्ता सूचना के आधार पर देर रात सीमावर्ती इलाकों में नाकेबंदी की गई और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जाने लगी। सन्नाटे को चीरती हुई ड्रोन की आवाज ने सुरक्षाबलों को अलर्ट कर दिया।
सर्च ऑपरेशन के दौरान पुलिस ने चार युवकों को उस वक्त घेरा जब वे ड्रोन से गिराए गए पैकेट उठाने की कोशिश कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों में एक युवक पंजाब का है, जबकि दो गजसिंहपुर और एक रावला मंडी का निवासी है। पुलिस के मुताबिक, इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड पंजाब में बैठा हो सकता है, जहां यह नशे की खेप पहुंचाई जानी थी।
पकड़े गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ जारी है ताकि इस पूरे अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट की कड़ियों को जोड़ा जा सके। जांच अधिकारियों का मानना है कि इस तस्करी में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI समर्थित नेटवर्क का हाथ हो सकता है। यह कार्रवाई पिछले कुछ महीनों में इस क्षेत्र की सबसे बड़ी बरामदगी मानी जा रही है।
विशेष जांच टीमों (SIT) का गठन किया गया है जो यह पता लगा रही हैं कि पिछले एक महीने में इस रास्ते से कितनी बार ड्रोन की आवाजाही हुई है। श्रीगंगानगर और आसपास के बॉर्डर बेल्ट में पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है और ग्रामीणों को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत साझा करने के निर्देश दिए गए हैं।











