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आंध्र प्रदेश में बड़ा आतंकी नेटवर्क ध्वस्त, 7 राज्यों में रेड के बाद 12 संदिग्ध दबोचे

आंध्र प्रदेश पुलिस और खुफिया एजेंसियों ने सात राज्यों में फैले एक विशाल आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए 12 संदिग्धों को हिरासत में लिया है। यह नेटवर्क विदेशी हैंडलर्स के इशारे पर भारत में युवाओं को रेडिकलाइज करने और सरकारी बुनियादी ढांचे पर साइबर हमले की साजिश रच रहा था।

आंध्र प्रदेश में बड़ा आतंकी नेटवर्क ध्वस्त, 7 राज्यों में रेड के बाद 12 संदिग्ध दबोचे

HIGHLIGHTS

  • आंध्र प्रदेश, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत 7 राज्यों में एक साथ छापेमारी कर 12 गिरफ्तारियां हुईं।
  • विदेशी हैंडलर्स ने संदिग्धों को स्नाइपर राइफल और IED बनाने की ऑनलाइन ट्रेनिंग का वादा किया था।
  • गिरोह ने महिलाओं को जोड़ने के लिए 'खवातीन विंग' बनाई और 40 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल किया।

अमरावती, 05 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। देश की आंतरिक सुरक्षा को निशाना बनाने की एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए आंध्र प्रदेश पुलिस और खुफिया विभाग ने विदेशी धरती से संचालित हो रहे एक खूंखार आतंकी मॉड्यूल को ध्वस्त कर दिया है। सुरक्षा एजेंसियों ने एक व्यापक सर्च ऑपरेशन चलाकर बिहार, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और राजस्थान से 12 से अधिक संदिग्धों को दबोचा है।

इस पूरे ऑपरेशन में आंध्र प्रदेश के तीन मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी ने एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा किया है जिसके तार सीधे तौर पर ISIS और अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से जुड़े हुए हैं।

मुख्य आरोपी रहमतुल्लाह शरीफ अपने सहयोगियों के साथ मिलकर सीमा पार बैठे आकाओं के संपर्क में था। यह गिरोह ओसामा बिन लादेन, जाकिर नाइक, अनवर अल-अव्लाकी और इसरार अहमद शेख जैसे कट्टरपंथियों के जहरीले वीडियो दिखाकर मुस्लिम युवाओं को जिहाद के रास्ते पर धकेलने का काम कर रहा था।

जांच में सामने आया है कि इन संदिग्धों ने महिलाओं को कट्टरपंथी बनाने के लिए विशेष रूप से ‘खवातीन विंग’ का गठन किया था, ताकि आतंकी गतिविधियों का विस्तार किया जा सके।

यह मॉड्यूल तकनीकी रूप से बेहद सक्रिय था और करीब 40 से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए पाकिस्तान, अफगानिस्तान, सीरिया और बांग्लादेश के हैंडलर्स से जुड़ा हुआ था। जांच में अल-हकीम शुक्रूर, मोहम्मद हुजैफा, निंजा, हेमरोक्सी, अबू मुहरिब और अबू बालुशी जैसे विदेशी हैंडलर्स के नाम सामने आए हैं।

ये हैंडलर्स भारतीय युवाओं को न केवल कट्टरपंथी बना रहे थे, बल्कि उन्हें स्नाइपर राइफल चलाने और घातक हथियार चलाने का प्रशिक्षण देने का झांसा भी दे रहे थे।

सुरक्षा एजेंसियों के हाथ लगी जानकारी के मुताबिक, इस गिरोह की एक महिला सदस्य सईदा बेगम पाकिस्तान और जम्मू-कश्मीर के संदिग्ध गुर्गों के साथ निरंतर संवाद में थी। यह समूह केवल जमीन पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी ‘साइबर आतंकवाद’ के जरिए भारत को चोट पहुँचाने की फिराक में था।

इनकी योजना महत्वपूर्ण सरकारी वेबसाइट्स को हैक करने और संवेदनशील डेटा चोरी करने की थी। जांच एजेंसियां अब उन वित्तीय कड़ियों को जोड़ रही हैं जिनसे इस नेटवर्क को विदेशी फंडिंग मुहैया कराई जा रही थी।

संदिग्धों के मोबाइल और सोशल मीडिया प्रोफाइल से बेहद आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है, जिसमें वे ISIS के झंडे के साथ मास्क लगाकर फोटो खिंचवाते थे। वे भारत में एक ‘उम्माह’ और इस्लामिक स्टेट की स्थापना का सपना देख रहे थे। आरोपियों ने न केवल राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया और उसे जलाया, बल्कि राष्ट्रगान को लेकर अभद्र वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित किए।

हैरान करने वाली बात यह है कि इस गिरोह ने इंटरनेट पर काला पाउडर और आईईडी (IED) बनाने की विधि साझा की थी। पाकिस्तान और अफगानिस्तान से अवैध हथियारों की तस्करी कर भारत लाने का खाका भी तैयार किया जा चुका था। फिलहाल, राष्ट्रीय जांच एजेंसियां इन सभी 12 संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं और आने वाले दिनों में कई और चौंकाने वाली गिरफ्तारियां संभव हैं।


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Naveen Joshi

नवीन जोशी 'दून हॉराइज़न' के वरिष्ठ क्राइम रिपोर्टर हैं। पुलिस प्रशासन, कोर्ट की कार्यवाहियों और आपराधिक घटनाओं की ग्राउंड ज़ीरो रिपोर्टिंग में उन्हें कई वर्षों का गहरा अनुभव प्राप्त है। नवीन का फोकस सिर्फ वारदात की सूचना देना नहीं, बल्कि उसके पीछे के कारणों और पुलिस इन्वेस्टिगेशन की तह तक जाना है। वे अपनी खबरों में हमेशा कानूनी तथ्यों (Fact-checked) और आधिकारिक पुलिस बयानों को ही प्राथमिकता देते हैं। सनसनीखेज पत्रकारिता से दूर रहकर, नवीन की संतुलित और बेबाक लेखनी समाज को जागरूक और सतर्क करने का एक अहम काम करती है।

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