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Dehradun DM Meeting : दून एनक्लेव में नलकूप के लिए जमीन खोजने को मिले सिर्फ 15 दिन, नहीं तो…

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Thu, 18 Jun 2026 10:20 PM IST

देहरादून के जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट के ऋषिपर्णा सभागार में विकास कार्यों और मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की कड़े शब्दों में समीक्षा की। लेटलतीफी और लापरवाही पर सख्त रुख अपनाते हुए डीएम ने संबंधित अधिकारियों को वेतन रोकने और विभागीय कार्रवाई की सीधी चेतावनी दी है।

Dehradun DM Meeting : दून एनक्लेव में नलकूप के लिए जमीन खोजने को मिले सिर्फ 15 दिन, नहीं तो...

मुख्य बातें

  • भंडारी बाग ओवरब्रिज का निर्माण अगस्त से पहले पूरा होगा।
  • लापरवाही बरतने पर जल संस्थान के एई का वेतन रोकेगा।
  • लघु सिंचाई विभाग 30 जून तक पूरे करे रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य।
  • लोक निर्माण विभाग की 218 करोड़ की योजनाएं अधर में लटकीं।

देहरादून : जल संस्थान पित्थूवाला के संबंधित एई की सैलरी रोकी जाएगी। ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट में आज हुई समीक्षा बैठक (Dehradun DM Meeting) के दौरान जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने मोहब्बेवाला क्षेत्र में ट्यूबवेल, ओवरहेड टैंक और राइजिंग मेन बिछाने के काम में अत्यधिक देरी पाए जाने पर सीधे तौर पर यह सख्त चेतावनी जारी की। अफसरों की मनमानी नहीं चलेगी।

भंडारी बाग ओवरब्रिज के निर्माण कार्य को लेकर सीधे निर्देश जारी किए गए हैं। जनता जाम से त्रस्त है। जिलाधिकारी ने लोनिवि और कार्यदायी संस्थाओं को दो टूक कहा है कि अगस्त 2026 से पहले हर हाल में इस ओवरब्रिज का काम पूरा हो जाना चाहिए ताकि आम जनता को तुरंत राहत मिल सके।

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह अब खुद मैदान में उतरकर सभी विकास कार्यों का ऑन-स्पॉट निरीक्षण करेंगे। जिलाधिकारी ने सीडीओ को निर्देश दिए हैं कि विभिन्न विभागों द्वारा जमीन पर किए जा रहे दावों की वास्तविक स्थिति की जांच कर सीधे स्थलीय निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की जाए। फाइलों का खेल खत्म होगा।

सड़क कटिंग की अनुमति न मिलने से शहर की सीवर लाइन, पेयजल लाइन और बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने का प्रोजेक्ट अटक गया है। अधिकारियों ने रोना रोया तो डीएम ने तुरंत कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने आदेश दिया कि जिन भी विभागों के काम कटिंग की अनुमति की वजह से पेंडिंग हैं, वे तत्काल अपनी लिस्ट सौंपें ताकि शासन स्तर पर बात कर अड़चनों को दूर किया जा सके।

दून एनक्लेव एक्सटेंशन क्षेत्र में प्रस्तावित नलकूप निर्माण के लिए जमीन का टोटा पड़ा हुआ है। डीएम ने इस लापरवाही पर कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को ठीक 15 दिनों के भीतर हर हाल में जमीन चिह्नित करने का अल्टीमेटम दिया है। तय समय में जमीन न मिलने पर जिम्मेदारी तय होगी।

लघु सिंचाई विभाग की सुस्ती पर कलेक्ट्रेट की बैठक में अधिकारियों को कड़ी फटकार झेलनी पड़ी है। जिले में कुल 51 रेन वाटर हार्वेस्टिंग और रिचार्ज शॉफ्ट के काम मंजूर हुए थे जिनमें से अभी तक महज 22 काम ही पूरे हो पाए हैं। डीएम ने बाकी बचे कामों की बेहद धीमी रफ्तार पर गहरा असंतोष जताया। सभी काम 30 जून 2026 तक पूरे करने होंगे।

अधिकारियों ने गलत लोकेशन चुनी तो गाज गिरना तय है। डॉ. आशीष चौहान ने साफ शब्दों में कहा है कि निरीक्षण के दौरान यदि किसी भी वॉटर हार्वेस्टिंग साइट का चयन गलत या त्रुटिपूर्ण पाया गया तो सीधे संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय विधिक कार्रवाई होगी और वेतन भी रोका जाएगा।

लोक निर्माण विभाग के पास करीब 218 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत वाले विकास कार्य लंबित पड़े हुए हैं। डीएम ने इन सभी पेंडिंग प्रोजेक्ट्स की एक-एक कर फाइलें खोलीं और विभाग के जिम्मेदार अफसरों से देरी की वजह पूछते हुए स्पष्टीकरण मांग लिया। सड़क और पुल निर्माण को पहली प्राथमिकता में रखना होगा।

मुख्यमंत्री घोषणाओं और आम जनहित से जुड़ी विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर सुस्ती बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम ने कड़े लहजे में कहा कि सभी कार्यदायी संस्थाएं और सरकारी महकमे आपस में तालमेल बिठाएं।

कलेक्ट्रेट में आयोजित इस हाई-प्रोफाइल बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मनोज शर्मा, ग्राम्य विकास अभिकरण के निदेशक विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार और जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी एस.के. गिरि सहित तमाम जिला स्तरीय अधिकारी और ठेकेदार मौजूद रहे।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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