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नेपाल के दार्चुला में भारत-नेपाल मैत्री बैठक और लखपति दीदी सम्मेलन का हुआ भव्य आयोजन

नेपाल के दार्चुला में आयोजित भारत-नेपाल मैत्री बैठक और लखपति दीदी सम्मेलन के दौरान दोनों देशों की महिलाओं ने आर्थिक सशक्तिकरण और सीमा पार सहयोग को मजबूत करने का संकल्प लिया। इस दौरान उत्तराखंड भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष रुचि भट्ट ने पिथौरागढ़ प्रवास पर रंग समुदाय की पारंपरिक संस्कृति और वेशभूषा से परिचय प्राप्त किया।

नेपाल के दार्चुला में भारत-नेपाल मैत्री बैठक और लखपति दीदी सम्मेलन का हुआ भव्य आयोजन

HIGHLIGHTS

  • नेपाल के दार्चुला में भारत-नेपाल मैत्री बैठक का आयोजन।
  • रुचि भट्ट के नेतृत्व में उत्तराखंड प्रतिनिधिमंडल की सहभागिता।
  • लखपति दीदी अभियान से महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर।
  • रंग समुदाय की पारंपरिक वेशभूषा में नजर आईं रुचि भट्ट।

देहरादून, 30 जुलाई, 2026 (दून हॉराइज़न)।

भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने रोटी-बेटी के संबंधों को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। नेपाल के दार्चुला जिले में भारत-नेपाल मैत्री बैठक एवं लखपति दीदी सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया है। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सीमांत क्षेत्रों की महिलाओं के सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक उत्थान को एक नई दिशा देना है।

इस विशेष कार्यक्रम में दोनों देशों की महिला जनप्रतिनिधियों और स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया है। इसके अलावा विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़ी महिलाओं ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। इस दौरान महिला नेतृत्व और सीमा पार सहयोग को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया है।

भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा उत्तराखंड की प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रुचि भट्ट के नेतृत्व में एक विशेष प्रतिनिधिमंडल ने इस सम्मेलन में सहभागिता की है। इस दौरान महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। कौशल विकास और स्वयं सहायता समूहों की भूमिका को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच महत्वपूर्ण विचार-विमर्श हुआ है।

भारत और नेपाल की महिलाओं ने अपने-अपने क्षेत्रों में किए जा रहे नवाचारों और सफल प्रयासों को खुलकर साझा किया है। भविष्य में महिला उद्यमिता और आजीविका के क्षेत्र में मिलकर काम करने की मजबूत प्रतिबद्धता जताई गई है। इस पहल से सीमावर्ती क्षेत्रों में आपसी सहयोग का दायरा और अधिक विस्तृत होगा।

इस सम्मेलन का सबसे प्रमुख आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित लखपति दीदी अभियान रहा है। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि यह अभियान ग्रामीण महिलाओं के जीवन में बड़ा आर्थिक परिवर्तन लेकर आया है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं अब स्वरोजगार के जरिए अपनी आमदनी लगातार बढ़ा रही हैं।

महिलाएं सूक्ष्म उद्यम और कृषि आधारित उद्योगों के माध्यम से प्रतिवर्ष एक लाख रुपये या उससे अधिक की आय अर्जित कर रही हैं। इसके अलावा हस्तशिल्प डेयरी और मधुमक्खी पालन जैसे कार्यों से भी उनकी आर्थिक स्थिति सुधर रही है। खाद्य प्रसंस्करण और सिलाई-कढ़ाई जैसी गतिविधियों ने महिलाओं को समाज में एक नई पहचान दिलाई है।

केंद्र सरकार द्वारा स्वयं सहायता समूहों को विभिन्न माध्यमों से लगातार सहायता प्रदान की जा रही है। बैंकों के जरिए आसान ऋण उपलब्ध कराने के साथ-साथ प्रशिक्षण और विपणन की सुविधाएं भी दी जा रही हैं। डिजिटल भुगतान और उत्पाद ब्रांडिंग से जोड़कर महिलाओं की आर्थिक प्रगति को और तेज किया जा रहा है।

सीमावर्ती क्षेत्रों की सामाजिक और सांस्कृतिक समानताएं दोनों देशों की मित्रता की सबसे बड़ी ताकत मानी जाती हैं। इस प्रकार के आयोजनों से महिलाओं के बीच संवाद और कौशल का आदान-प्रदान सुगम होता है। भविष्य में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया है।

भाजपा के जिला उपाध्यक्ष राजेंद्र नेगी ने अपने संबोधन में दोनों देशों के बीच के गहरे पारिवारिक और धार्मिक संबंधों का जिक्र किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सक्रिय सहभागिता से ये संबंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे। सीमांत क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए इस तरह के आयोजनों को बेहद जरूरी बताया गया है।

उत्तराखंड से इस सम्मेलन में कमला चुफाल और लक्ष्मी मेहता सहित कई प्रमुख कार्यकर्ता मौजूद रहीं। इनके अलावा शकुंतला अगारी और सीमा रोकली ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। राधा बिष्ट और राधा मर्तोलिया के साथ तुलसी और लक्ष्मी परमार ने भी इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लिया।

नेपाल की महिला प्रतिनिधियों ने सभी भारतीय अतिथियों का पारंपरिक तरीके से पूरा सम्मान किया है। दोनों देशों की मित्रता को भविष्य में और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प भी दोहराया गया है। इस संवाद से दोनों तरफ की मातृशक्ति में एक नया आत्मविश्वास देखने को मिला है।

अपने पिथौरागढ़ जिला प्रवास के दौरान प्रदेश अध्यक्ष रुचि भट्ट ने सीमांत क्षेत्र के रंग संग्रहालय का दौरा किया है। इस दौरान उन्होंने रंग समुदाय की मातृशक्ति से बहुत आत्मीय संवाद किया है। समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नजदीक से जानने का अवसर भी उन्हें प्राप्त हुआ है।

इस मुलाकात के दौरान उन्होंने समुदाय की पारंपरिक वेशभूषा चुंग बाला और रकलच जोजगा को धारण किया है। इसके अलावा उन्होंने राकलची पोशाक भी पहनी और पारंपरिक आभूषणों से भी परिचय प्राप्त किया है। बांगच और चंद्रहार के साथ बहा और बिराबली बालडंग जैसे आभूषणों की जानकारी भी ली गई है।

उत्तराखंड की लोक संस्कृति और जनजातीय विरासत को हमारी अमूल्य धरोहर बताया गया है। इनका संरक्षण और संवर्धन करना हम सभी का नैतिक दायित्व माना गया है। मातृशक्ति को हमारी संस्कृति का सबसे सशक्त संवाहक करार दिया गया है।

इस पूरे दौरे के दौरान प्रदेश महामंत्री रश्मि रस्तोगी भी उनके साथ मौजूद रहीं। प्रदेश उपाध्यक्ष कमला चुफाल और महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष लक्ष्मी मेहता ने भी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। प्रदेश कार्यालय सह-प्रभारी बबली चौहान सहित कई अन्य पदाधिकारी भी इस दौरान पूरी तरह सक्रिय नजर आईं।

कार्यक्रम के अंत में दोनों देशों की महिलाओं के बीच नियमित रूप से संयुक्त कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। भविष्य में प्रशिक्षण शिविरों और स्वयं सहायता समूहों के अनुभवों का आदान-प्रदान किया जाएगा। इससे मातृशक्ति राष्ट्र निर्माण में और अधिक प्रभावी भूमिका निभा सकेगी।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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