देहरादून (02 नवंबर) : देहरादून कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जन समाधान दिवस में सोमवार को आम लोगों की परेशानियों की लंबी फेहरिस्त सामने आई। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) स्मृता परमार और संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह की संयुक्त अध्यक्षता में लगी इस जनसुनवाई में कुल 110 से अधिक मामले दर्ज किए गए।
इस दौरान सबसे चौंकाने वाला मामला प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जुड़ा सामने आया, जहां ग्रिड को बिजली देने के बावजूद उपभोक्ता बिल समायोजन के लिए महीनों से दफ्तरों के चक्कर काटने को मजबूर हैं। इसके अलावा जमीनों पर अवैध कब्जे, हाट बाजार में गैरकानूनी वसूली और मालदेवता में युवक की संदिग्ध मौत की निष्पक्ष जांच की मांग पर प्रशासन ने संबंधित विभागों को जांच के कड़े आदेश दिए हैं।
सोलर यूनिट समायोजन और जमीन फर्जीवाड़े पर जांच
संजय कॉलोनी निवासी मदनमोहन नेगी ने प्रशासनिक अफसरों को बताया कि उनके घर पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल लगा है, जिससे उत्पादित 7,165 यूनिट बिजली ग्रिड में जा चुकी है। इसके बावजूद यूपीसीएल द्वारा उनके बिजली बिल में इसका विधिवत समायोजन नहीं किया जा रहा है। संयुक्त मजिस्ट्रेट ने ऊर्जा निगम के अधिकारियों को तलब कर तुरंत रिकॉर्ड दुरुस्त करने के निर्देश दिए।
वहीं शेरपुर की खीमा देवी ने निजी भूमि पर बिना इजाजत विद्युत पोल लगाने और सुनवाई न होने की बात रखी। इसके साथ ही परवल और रामपुरकलां क्षेत्र से जमीन खरीद के बाद भी कब्जा न मिलने तथा फर्जी विक्रय पत्र तैयार करने की गंभीर शिकायतें आईं, जिस पर एसडीएम विकासनगर को राजस्व रिकॉर्ड खंगालकर भूमाफियाओं पर विधिक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
मालदेवता संदिग्ध मौत मामले में सीओ को निर्देश
जनसुनवाई के दौरान डोईवाला ब्लॉक के ग्राम चिसोपानी निवासी हरक बहादुर ने मालदेवता स्थित पीपीसीएल में 09 सितंबर 2026 को हुई अपने बेटे संदेश थापा की संदिग्ध मौत का मामला उठाया। पिता ने आरोप लगाया कि मामले की जांच निष्पक्ष नहीं हो रही है। प्रकरण को बेहद संवेदनशील मानते हुए संयुक्त मजिस्ट्रेट हर्षिता सिंह ने पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) रायपुर को निर्देश दिए कि सभी पक्षों के बयान दर्ज कर स्वतंत्र और निष्पक्ष विवेचना सुनिश्चित की जाए।
इसके अतिरिक्त रामपुरकलां के ग्रामीणों ने शिकायत की कि पीठ बाजार की नीलामी मियाद खत्म होने के बावजूद वहां हर शुक्रवार अवैध वसूली की जा रही है। इस पर खंड विकास अधिकारी सहसपुर को तत्काल प्रभाव से जांच सौंपते हुए नई नीलामी तक किसी भी वसूली पर रोक लगाने को कहा गया।
फाइलों में न उलझाएं मामले, मिले वास्तविक राहत
अपर जिलाधिकारी स्मृता परमार ने उपस्थित अधिकारियों को दो-टूक कहा कि जन समाधान दिवस को महज औपचारिकता न समझा जाए। उन्होंने कहा कि फरियादियों को दफ्तरों के चक्कर कटवाने के बजाय मौके पर वास्तविक राहत मिलनी चाहिए। एडीएम ने निर्देश दिए कि भूमि विवादों में राजस्व और पुलिस विभाग संयुक्त टीम बनाकर स्थलीय निरीक्षण करें, ताकि विवादों का स्थाई हल निकल सके।
बैठक में अपर नगर मजिस्ट्रेट रविन्द्र जुवांठा, जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार सहित एमडीडीए, सिंचाई, लोनिवि और विद्युत विभाग के आला अधिकारी मौजूद रहे। सभी विभागों को समयबद्ध आख्या तलब करने की हिदायत दी गई है।




