सितारगंज (1 नवंबर) : स्कूल में होने वाली शिक्षक-अभिभावक बैठक (पीटीएम) में शामिल होने निकलीं मां और दो मासूम बच्चियों के लिए रविवार की सुबह काल बनकर आई। सितारगंज-किच्छा हाईवे पर आरके ढाबे के पास सड़क किनारे खड़ी मां और उनकी दो बेटियों को एक तेज रफ्तार अनियंत्रित कार ने बुरी तरह रौंद दिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार मां और सात वर्षीय बच्ची को काफी दूर तक घसीटती ले गई। उप जिला चिकित्सालय सितारगंज में चिकित्सकों ने मां और छोटी बेटी को मृत घोषित कर दिया, जबकि बड़ी बेटी घायल है। पुलिस ने आरोपी चालक को वाहन सहित गिरफ्तार कर लिया है।
पीटीएम जा रही मां-बेटियों पर हाईवे का कहर
उत्तरांचल कॉलोनी (दड़हा) निवासी 34 वर्षीय मीनू देवी अपनी सात वर्षीय बेटी अनिष्का और 10 वर्षीय बेटी राधिका के साथ स्कूल की पीटीएम में शामिल होने जा रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीनों आरके ढाबे के पास सड़क किनारे वाहन का इंतजार कर रही थीं, तभी किच्छा की तरफ से आ रही तेज गति कार अनियंत्रित हो गई। कार ने सीधे सड़क किनारे खड़े परिवार को टक्कर मारी। हादसे में मीनू देवी और अनिष्का कार के नीचे आकर काफी दूर तक घिसटती चली गईं, जबकि 10 वर्षीय राधिका छिटककर दूर जा गिरी। स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को तुरंत उप जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मीनू और अनिष्का को मृत घोषित कर दिया।
शक्तिफार्म पुलिस ने आरोपी चालक को दबोचा
हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों ने घेराबंदी का प्रयास किया। शक्तिफार्म चौकी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटनाग्रस्त कार को कब्जे में ले लिया और चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शक्तिफार्म चौकी प्रभारी जगदीश तिवारी ने बताया कि मृतकों के शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया गया और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए हैं। पुलिस वाहन के पंजीकरण और चालक के ड्राइविंग लाइसेंस की जांच कर रही है ताकि लापरवाही से वाहन चलाने और गैर-इरादतन हत्या की वैधानिक धाराओं में ठोस कार्रवाई की जा सके।
स्थानीय लोगों में आक्रोश और हाईवे सुरक्षा सवाल
इस दर्दनाक हादसे के बाद दड़हा क्षेत्र और उत्तरांचल कॉलोनी में मातम पसरा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि सितारगंज-किच्छा मार्ग पर ढाबों और आबादी वाले क्षेत्रों के पास भारी व हल्के वाहन अत्यधिक गति से गुजरते हैं, जिससे पैदल चलने वाले और सड़क पार करने वाले हमेशा खतरे में रहते हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने मांग की है कि इस हिस्से में स्पीड ब्रेकर, चेतावनी बोर्ड और गति सीमा जांचने वाले कैमरे लगाए जाएं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हाईवे पर ओवरस्पीडिंग करने वालों के खिलाफ सघन चेकिंग अभियान चलाकर सख्त चालान किए जाएंगे।




