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उत्तराखंड में दफ्तरों के चक्कर होंगे अब बंद, पहाड़ पर रुकेगा योजनाओं में फर्जीवाड़ा

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Mon, 02 Nov 2026 03:52 PM IST

उत्तराखंड में सरकारी योजनाओं के लिए बार-बार दस्तावेज देने से मुक्ति मिलेगी। सीएम धामी ने शुरू किया देवभूमि परिवार पोर्टल, बनेगी यूनिक फैमिली आईडी।

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मुख्य बातें

  • हर परिवार को मिलेगी यूनिक आईडी, बार-बार दस्तावेज जमा करने से मुक्ति।
  • विजन-2047 के तहत 28 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था का बड़ा लक्ष्य।
  • राज्य स्तर पर परिवार प्राधिकरण और जिलों में तैनात होंगे विशेष अधिकारी।

देहरादून (02 नवंबर) : उत्तराखंड में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए अब नागरिकों को बार-बार प्रमाणपत्रों की फाइल लेकर सरकारी दफ्तरों की चौखट नहीं नापनी पड़ेगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में महत्वाकांक्षी ‘देवभूमि परिवार पोर्टल’ का शुभारंभ करने के साथ ही ‘विकसित उत्तराखंड विजन-2047’ का आधिकारिक विमोचन किया।

सरकार की इस नई पहल का सबसे सीधा असर यह होगा कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक परिवार का एक एकीकृत डिजिटल डेटाबेस तैयार होगा और उन्हें एक विशिष्ट ‘देवभूमि परिवार आईडी’ जारी की जाएगी, जिसके जरिए सभी विभागीय कल्याणकारी योजनाएं सीधे एक क्लिक पर जुड़ जाएंगी।

बार-बार दस्तावेज जमा करने से मिलेगी बड़ी राहत

मुख्यमंत्री धामी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए साफ कहा कि किसी भी सरकार की सफलता सिर्फ योजनाएं कागजों पर उतारने में नहीं, बल्कि असली जरूरतमंदों तक उनका सीधा हक पहुंचाने में है। अक्सर ग्रामीणों और दूरदराज के पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को जानकारी के अभाव या बाबूशाही के चक्कर में कल्याणकारी योजनाओं से वंचित रहना पड़ता था। एक ही दस्तावेज हर विभाग में अलग-अलग साबित करने की मजबूरी अब खत्म होगी। देवभूमि परिवार पोर्टल के जरिए परिवारों के सत्यापन की प्रक्रिया ऑटोमेट होगी, जिससे अपात्रों की छंटनी होगी और पात्र परिवारों को बिना दलालों या बार-बार शपथ पत्र दिए जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित होगा।

जिलों में बैठेंगे देवभूमि परिवार अधिकारी, बनेगा नया प्राधिकरण

नियोजन विभाग के प्रमुख सचिव डॉ. आर. मीनाक्षी सुन्दरम ने पोर्टल की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इस व्यवस्था को पुख्ता जमीन देने के लिए राज्य स्तर पर ‘देवभूमि परिवार प्राधिकरण’ का गठन प्रस्तावित है। इसके साथ ही प्रत्येक जिले में निगरानी और सत्यापन के लिए ‘जिला देवभूमि परिवार अधिकारी’ की तैनाती की जाएगी।

यह ढांचा राशन, स्वास्थ्य, छात्रवृत्ति और पेंशन जैसी योजनाओं के ओवरलैपिंग को पूरी तरह रोकेगा। बैठक में सेतु आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शत्रुघ्न सिंह, नीति आयोग की कार्यक्रम निदेशक डॉ. सोनिया पंत और मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की मौजूदगी में यह तय हुआ कि पोर्टल के डेटा के आधार पर ही जिलों को सीधे बजट और संसाधनों का पारदर्शी आवंटन किया जाएगा।

विजन-2047 से 28 लाख करोड़ की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य

पोर्टल के साथ सरकार ने 440 संकेतकों पर आधारित ‘विकसित उत्तराखंड विजन-2047’ का रोडमैप भी सार्वजनिक कर दिया है। इस विस्तृत कार्ययोजना के तहत वर्ष 2047 तक राज्य की अर्थव्यवस्था को 28 लाख करोड़ रुपये और प्रतिव्यक्ति आय को करीब 20 लाख रुपये सालाना तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया है।

दस्तावेज में बेरोजगारी दर को 3.5 प्रतिशत और बहुआयामी गरीबी को घटाकर 0.61 प्रतिशत पर लाने के साथ ही 22 हजार मेगावाट हरित ऊर्जा उत्पादन का खाका खींचा गया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राज्य के संवेदनशील पर्वतीय भूगोल को देखते हुए पर्यावरण संरक्षण और आपदा प्रबंधन को हर विकास परियोजना की पहली शर्त बनाया जाए।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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