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Dehradun Selaqui Crime : टॉयलेट में कैद, खाने में सिर्फ चावल… देहरादून में हैवानियत की सारी हदें पार

देहरादून के सेलाकुई में एक महिला को उसके ससुराल वालों ने 10 महीने तक शौचालय में बंधक बनाकर बेरहमी से प्रताड़ित किया। पीड़िता के पूर्व सैनिक पिता की शिकायत पर पुलिस ने केंद्रीय विद्यालय में शिक्षक पति और अन्य ससुराल वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Dehradun Selaqui Crime : टॉयलेट में कैद, खाने में सिर्फ चावल... देहरादून में हैवानियत की सारी हदें पार

HIGHLIGHTS

  • महिला को जुलाई 2025 से मई 2026 तक एक कमरे और टॉयलेट में रखा गया कैद।
  • जुड़वां बच्चों को जन्म देने के बाद मां को नवजातों से कर दिया गया अलग।
  • पीड़िता के प्राइवेट पार्ट्स पर डंडों और बोतलों से हमला करने का गंभीर आरोप।
  • पिता ने 26 मई को बेटी को रेस्क्यू कर सेलाकुई थाने में दर्ज कराई शिकायत।

देहरादून, 3 जून 2026 (दून हॉराइज़न)। राजधानी देहरादून के सेलाकुई इलाके से रूह कंपा देने वाला मामला (Dehradun Selaqui Crime) सामने आया है। यहां एक महिला को उसके ससुराल वालों ने 10 महीने तक शौचालय में बंधक बनाकर रखा और अमानवीय यातनाएं दीं। हैवानियत का आलम यह था कि पीड़िता को उसके नवजात जुड़वां बच्चों से अलग कर दिया गया और प्राइवेट पार्ट्स पर भी बेरहमी से हमला किया गया।

मामले में पीड़िता के पूर्व सैनिक पिता की तहरीर पर पुलिस ने केंद्रीय विद्यालय (KV) में कार्यरत पति और अन्य के खिलाफ सेलाकुई थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

वारदात का खुलासा तब हुआ जब सेना से हवलदार के पद से रिटायर हुए (33 साल की सेवा) पीड़िता के पिता ने अपनी बेटी को ससुरालियों के चंगुल से मुक्त कराया। पिता के मुताबिक, उन्होंने 26 मई को बेटी को रेस्क्यू किया और इसके बाद पुलिस में नामजद शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, महिला की शादी साल 2024 में केंद्रीय विद्यालय के एक शिक्षक से हुई थी। शुरुआत में सब ठीक लगा, लेकिन कुछ महीनों बाद ही सास ने प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।

फरवरी 2025 में जब महिला ने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया, तो जुल्म और बढ़ गए। आरोप है कि जुलाई 2025 से मई 2026 तक उसे एक कमरे और शौचालय में कैद रखा गया।

इस खौफनाक कैद के दौरान महिला को अपने बच्चों को दूध पिलाने तक की इजाजत नहीं थी। उसे जिंदा रहने के लिए केवल सादे चावल, प्याज और हरी मिर्च दी जाती थी। आरोप पत्र में यह भी दर्ज है कि ससुराल वालों ने महिला के प्राइवेट पार्ट्स पर डंडों और बोतलों से हमला किया।

पिता का आरोप है कि जब भी वह बेटी का हालचाल जानने के लिए फोन करते थे, तो ससुराल वाले बहाना बना देते थे कि वह सो रही है या नहा रही है। एक बिचौलिए के जरिए यह रिश्ता तय हुआ था, लड़का माता-पिता की इकलौती संतान है। पुलिस फिलहाल मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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