नई दिल्ली। राजधानी की कोई भी छात्रा अब आर्थिक तंगी के कारण कॉलेज की पढ़ाई नहीं छोड़ेगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि दिल्ली सरकार लखपति बिटिया योजना (Lakhpati Bitiya Yojana) के माध्यम से उच्च शिक्षा को हर घर तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
इंदिरा गांधी दिल्ली तकनीकी महिला विश्वविद्यालय (IGDTUW) के दीक्षांत समारोह में शिरकत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रेजुएशन पूरी करने वाली हर पात्र बेटी को सरकार 1.25 लाख रुपये की आर्थिक मदद देगी।
शिक्षा से सशक्तिकरण की नई राह
मुख्यमंत्री ने दीक्षांत समारोह के दौरान छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि केवल स्कूली शिक्षा पर्याप्त नहीं है। दिल्ली की हर लड़की को कम से कम स्नातक स्तर तक की पढ़ाई पूरी करनी चाहिए ताकि वह आत्मनिर्भर बन सके। सरकार का मुख्य विजन यह सुनिश्चित करना है कि छात्राएं अपनी पसंद के विषयों और पाठ्यक्रमों का चयन कर सकें।
महिला नेतृत्व वाले विकास पर जोर
रेखा गुप्ता ने रेखांकित किया कि भारत अब उस दौर में है जहां विकास की कमान महिलाओं के हाथों में है। उन्होंने IGDTUW की छात्राओं से अपील की कि वे केवल अपने करियर तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और देश के निर्माण में भी सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि तकनीकी शिक्षा में महिलाओं की बढ़ती संख्या देश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती प्रदान करेगी।
लखपति बिटिया योजना का लक्ष्य
इस योजना का प्राथमिक उद्देश्य ड्रॉप-आउट दर को कम करना और लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह राशि छात्राओं को स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के तुरंत बाद प्रदान की जाएगी, जिससे वे अपने भविष्य के लक्ष्यों या स्टार्टअप सपनों को पूरा कर सकें। सरकार महिलाओं को समान अवसर देने के लिए लगातार नई नीतियों पर काम कर रही है।








