देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी में आज महिला कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए रसोई गैस किल्लत (LPG Shortage) और बढ़ती कीमतों को लेकर तीखे सवाल दागे हैं।
प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने साफ तौर पर कहा कि पिछले 12 वर्षों में घरेलू गैस सिलेंडर के दाम ₹450 से बढ़ाकर ₹1100 तक पहुँचा दिए गए हैं। इस बेतहाशा वृद्धि ने न केवल गरीब बल्कि मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है और गृहिणियों का बजट पूरी तरह तहस-नहस हो गया है।
विदेशी नीति और कच्चे तेल पर घेरा

प्रेस वार्ता के दौरान ज्योति रौतेला ने अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का हवाला देते हुए सरकार की विदेश नीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अपने न्यूनतम स्तर पर थीं, तब केंद्र सरकार ने इसका लाभ आम जनता को क्यों नहीं दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार संसद में चर्चा करने से भाग रही है और देश की विदेश नीति का असर अब सीधे आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है।
चुनावी चंदे और उद्योगपतियों से साठगांठ का आरोप
कांग्रेस ने बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि तेल कंपनियों और चुनिंदा औद्योगिक घरानों ने चुनावी बॉन्ड के माध्यम से भाजपा को भारी चंदा दिया है। रौतेला के अनुसार इसी का प्रतिफल है कि सरकार इन कंपनियों को निजी लाभ पहुँचाने के लिए आम आदमी पर महंगाई का बोझ डाल रही है। उन्होंने दावा किया कि देश के कई हिस्सों में हालात इतने खराब हैं कि होटल और व्यावसायिक प्रतिष्ठान सिलेंडर की कमी के कारण बंद होने की कगार पर पहुँच गए हैं।
आंदोलन की दी चेतावनी
महिला कांग्रेस ने सरकार से मांग की है कि रसोई गैस की कीमतों में तत्काल कटौती की जाए। प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार महंगाई को नियंत्रित करने के लिए ठोस कदम नहीं उठाती है, तो कांग्रेस पार्टी पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक तरीके से उग्र आंदोलन शुरू करेगी। इस दौरान नजमा खान, उर्मिला थापा और पूनम सिंह सहित कई वरिष्ठ महिला नेत्री मौजूद रहीं।









