Diabetes Care Tips : डायबिटीज के मरीजों को अक्सर खाने-पीने की चीजों पर सख्त नजर रखनी पड़ती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके पानी पीने की टाइमिंग भी आपके ब्लड शुगर लेवल को सीधा प्रभावित करती है?
पर्याप्त पानी न पीना या गलत समय पर पानी पीना शरीर में शुगर के स्तर को बढ़ा सकता है। जब शरीर में पानी की कमी होती है, तो खून में मौजूद पानी का स्तर घटने लगता है।
इससे खून गाढ़ा हो जाता है और उसमें ग्लूकोज का कंसंट्रेशन (सांद्रता) बढ़ जाता है। नतीजतन, जब आप ब्लड शुगर चेक करते हैं तो रीडिंग बढ़ी हुई आती है।
डिहाइड्रेशन और इंसुलिन का कनेक्शन
पानी कम पीने से शरीर डिहाइड्रेशन का शिकार होता है, जिससे कॉर्टिसोल जैसे स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ने लगता है।
जब शरीर में कॉर्टिसोल बढ़ता है, तो कोशिकाएं इंसुलिन के प्रति सही प्रतिक्रिया देना बंद कर देती हैं। इसे इंसुलिन रेजिस्टेंस कहा जाता है।
ऐसी स्थिति में आप कितना भी हेल्दी और साफ-सुथरा खाना खा लें, शरीर में शुगर का लेवल बढ़ा ही रहता है। इसलिए शरीर को हाइड्रेटेड रखना बहुत जरूरी है।
गलत समय पर पानी पीने के नुकसान
अगर आप भारी या ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाला खाना खाने के तुरंत बाद बहुत सारा पानी पी लेते हैं, तो यह पाचन क्रिया को धीमा कर देता है। पानी पेट के पाचक एसिड को पतला कर देता है, जिससे भोजन सही से नहीं पच पाता।

पाचन धीमा होने की वजह से ग्लूकोज का सही इस्तेमाल नहीं हो पाता और शुरुआत में न सही, लेकिन कुछ समय बाद ब्लड शुगर लेवल अचानक बढ़ जाता है।
डायबिटीज के मरीज पानी पीते समय रखें इन बातों का ध्यान
एक साथ ज्यादा पानी न पिएं: दिनभर में थोड़ी-थोड़ी देर में पानी पीते रहें। एक ही बार में बहुत ज्यादा पानी पीने से बचें।
खाने से पहले पानी: भोजन करने से करीब आधा घंटा पहले एक गिलास पानी पिया जा सकता है, लेकिन खाने के तुरंत बाद ज्यादा पानी पीने से बचें।
खाने के बाद गैप रखें: खाना खाने के कम से कम 30 से 40 मिनट बाद ही पानी पिएं ताकि पाचन सही से हो सके।
पानी का तापमान: फ्रिज का बहुत ठंडा पानी पीने के बजाय नॉर्मल (रूम टेम्परेचर) या हल्का गुनगुना पानी पीना सेहत के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है।
सही मात्रा और सही समय पर पानी पीकर आप आसानी से अपने पाचन को दुरुस्त रख सकते हैं और ब्लड शुगर के अनचाहे स्पाइक से बच सकते हैं।










