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Men Health Guide : पुरुषों में लगातार बनी रहने वाली कमजोरी को न करें इग्नोर, इन बीमारियों का हो सकता है संकेत

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Rama Pun Updated Sun, 23 Aug 2026 11:48 PM IST

अगर पर्याप्त नींद और आराम के बाद भी पुरुषों में हफ्तों तक कमजोरी बनी रहती है, तो यह सिर्फ काम की व्यस्तता नहीं बल्कि किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकता है। समय पर सही ब्लड टेस्ट और लाइफस्टाइल में छोटे बदलाव करके इस थकान की असली वजह पहचानी जा सकती है।

Men Health Guide

Men Health Guide : दिनभर की भागदौड़ के बाद शाम को शरीर का थकना स्वाभाविक है। एक अच्छी नींद और आराम के बाद यह थकान अपने आप उतर भी जाती है।

परेशानी तब शुरू होती है जब सुबह सोकर उठने के बाद भी शरीर में कोई एनर्जी महसूस न हो। अगर कमजोरी हफ्तों तक खिंचने लगे और रोजमर्रा के काम भी भारी लगने लगें, तो इसे सिर्फ व्यस्त रूटीन या उम्र का असर मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है।

सामान्य थकान और बीमारी वाली थकान में फर्क

सामान्य थकान आराम करने, पानी पीने या एक दिन की अच्छी नींद से ठीक हो जाती है। क्रोनिक या बीमारी से जुड़ी थकान हफ्तों तक बनी रहती है।

इसमें सिर में भारीपन, मांसपेशियों में खिंचाव, काम में फोकस की कमी, चिड़चिड़ापन और थोड़ा चलने पर भी सांस फूलने जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

किन कारणों से घटती है पुरुषों की एनर्जी?

स्लीप एपनिया और खराब स्लीप क्वालिटी: कई बार 7-8 घंटे बिस्तर पर रहने के बाद भी नींद पूरी नहीं होती। जोर से खर्राटे लेना और सोते समय बार-बार सांस का टूटना स्लीप एपनिया का संकेत हो सकता है, जिससे दिमाग तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचती।

विटामिन B12 और D की कमी: शरीर में नसों की सेहत और हड्डियों की ताकत के लिए ये पोषक तत्व जरूरी हैं। B12 कम होने पर हाथों-पैरों में झनझनाहट और भारी कमजोरी महसूस होती है।

अनकंट्रोल्ड ब्लड शुगर: डायबिटीज के शुरुआती दौर में शरीर ग्लूकोज को ऊर्जा में नहीं बदल पाता। इसके साथ बार-बार प्यास लगना और यूरिन आना जैसे लक्षण भी जुड़ जाते हैं।

थायरॉइड का असंतुलन: हाइपोथायरॉइडिज्म होने पर मेटाबॉलिज्म धीमा पड़ जाता है, जिससे वजन बढ़ता है और शरीर पूरे दिन सुस्त बना रहता है।

एनीमिया या आयरन की कमी: पुरुषों में खून की कमी होने पर मांसपेशियों और टिश्यूज तक ऑक्सीजन सही से नहीं पहुंच पाती, जिससे थोड़े काम में ही चक्कर और थकावट आने लगती है।

लो टेस्टोस्टेरोन: यह हार्मोन पुरुषों की मांसपेशियों की ताकत, मूड और स्टैमिना के लिए जिम्मेदार होता है। इसका स्तर गिरने पर बिना वजह लो एनर्जी और मांसपेशियों में कमजोरी महसूस होती है।

कब डॉक्टर के पास जाना बेहद जरूरी है?

  • अगर थकान 3 से 4 हफ्तों से ज्यादा समय तक बनी रहे, तो डॉक्टर से सलाह लें।
  • खासतौर पर तब, जब थकान के साथ सीने में भारीपन महसूस हो, बिना डाइट बदले अचानक वजन घटने लगे, पैरों में सूजन आए या लगातार हल्का बुखार बना रहे।

कौन से मेडिकल टेस्ट मददगार होते हैं?

बिना डॉक्टर की सलाह के खुद से कोई भी मल्टीविटामिन या सप्लीमेंट शुरू करने से बचें। डॉक्टर आमतौर पर लक्षणों के आधार पर ये जांच कराने की सलाह देते हैं:

  • सीबीसी (Complete Blood Count)
  • फास्टिंग ब्लड शुगर और HbA1c
  • थायरॉइड प्रोफाइल (TSH)
  • विटामिन B12 और विटामिन D3 लेवल
  • लिवर और किडनी फंक्शन टेस्ट

एनर्जी वापस पाने के आसान और प्रैक्टिकल कदम

  • सोने का समय फिक्स करें: स्क्रीन को सोने से 45 मिनट पहले खुद से दूर रखें ताकि गहरी नींद आ सके।
  • डाइट में प्रोटीन और फाइबर बढ़ाएं: दालें, पनीर, मौसमी फल, हरी सब्जियां और साबुत अनाज को प्राथमिकता दें।
  • हाइड्रेशन का ध्यान रखें: शरीर में पानी की कमी भी सुस्ती की बड़ी वजह बनती है, इसलिए दिन में पर्याप्त पानी पिएं।
  • हल्की वॉक से शुरुआत करें: थकावट होने पर भारी वर्कआउट के बजाय रोजाना 20-30 मिनट की सामान्य वॉक करें।

लंबे समय तक रहने वाली थकान शरीर का एक अलार्म हो सकती है। इसे नजरअंदाज करने के बजाय समय पर बेसिक जांच करवाएं और लाइफस्टाइल को बैलेंस करें।

Rama Pun

रमा पुन 'दून हॉराइज़न' में हेल्थ और लाइफस्टाइल संपादक के रूप में अपनी अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्वास्थ्य, फिटनेस, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के विषयों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। रमा का फोकस हमेशा मेडिकल एक्सपर्ट्स की पुख्ता सलाह और वैज्ञानिक शोध पर आधारित (Evidence-based) खबरें लिखने पर रहता है। उनका स्पष्ट मानना है कि सेहत से जुड़ी कोई भी जानकारी शत-प्रतिशत प्रामाणिक होनी चाहिए। अपनी आकर्षक और तथ्यपरक लेखनी से वे पाठकों को एक स्वस्थ, तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित और जागरूक करती हैं।

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