Kajol Birthday Special : ‘हिंदी सिनेमा में अपनी दमदार अदाकारी और चुलबुले अंदाज से पहचान बनाने वाली काजोल आज अपना 52वां जन्मदिन मना रही हैं।
5 अगस्त 1974 को मुंबई में जन्मी काजोल ने फिल्मी घराने से ताल्लुक रखने के बावजूद अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर इंडस्ट्री में अलग मुकाम बनाया।
उनकी मां तनुजा अपने जमाने की मशहूर अभिनेत्री रहीं और पिता शोमू मुखर्जी एक जाने-माने निर्देशक-निर्माता थे।
इसके अलावा प्रसिद्ध अभिनेत्री नूतन उनकी मौसी थीं। पारिवारिक विरासत समृद्ध होने के बाद भी काजोल ने हर किरदार को अपनी मेहनत से जीवंत किया।
फिल्मी सफर और यादगार भूमिकाएं
काजोल ने साल 1992 में फिल्म ‘बेखुदी’ से अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक सुपरहिट फिल्में दीं।
साल 1995 उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ, जब ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ रिलीज हुई। ‘सिमरन’ के किरदार ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया।
इसके अलावा ‘बाजीगर’, ‘करण अर्जुन’, ‘कुछ कुछ होता है’ और ‘कभी खुशी कभी गम’ जैसी फिल्मों ने उन्हें 90 के दशक की सबसे सफल अभिनेत्रियों की कतार में खड़ा कर दिया।
विलेन बनकर बनाया अनोखा रिकॉर्ड
1997 में आई सस्पेंस थ्रिलर फिल्म ‘गुप्त’ में काजोल ने नकारात्मक भूमिका निभाकर सबको हैरान कर दिया था। इस फिल्म में उनके विलेन वाले किरदार को दर्शकों और समीक्षकों की जबरदस्त सराहना मिली।
इस रोल के लिए उन्हें फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला और वह निगेटिव रोल के लिए यह अवॉर्ड जीतने वाली पहली महिला अभिनेत्री बनीं।
निर्माताओं की पहली पसंद और OTT का सफर
बॉलीवुड के अलावा काजोल ने तमिल सिनेमा में भी अपनी छाप छोड़ी। उन्होंने प्रभुदेवा और अरविंद स्वामी के साथ ‘मिंसारा कनावु’ में काम किया।
मशहूर निर्देशक करण जौहर काजोल को अपना ‘लकी चार्म’ मानते हैं। करण की कई फिल्मों में यदि काजोल मुख्य भूमिका में न हों, तो उनका कैमियो जरूर देखने को मिलता है।
पर्दे पर अपनी अभिनय क्षमता साबित करने के बाद काजोल ने डिजिटल दुनिया का रुख किया। 2021 में फिल्म ‘त्रिभंगा’ से OTT डेब्यू करने के बाद वह ‘द ट्रायल’, ‘दो पत्ती’ और ‘लस्ट स्टोरीज 2’ जैसे प्रोजेक्ट्स में अपनी अदाकारी का जलवा बिखेर चुकी हैं।
34 साल का सफर पूरा करने के बाद भी काजोल का अभिनय का जादू आज भी बरकरार है।











