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Ganesh Chaturthi : बप्पा की स्थापना के लिए मिलेगा 2 घंटे 29 मिनट का समय, नोट करें सही मुहूर्त

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Ganga Updated Sun, 13 Sep 2026 08:27 PM IST

गणेश चतुर्थी पर बप्पा की स्थापना के लिए 14 सितंबर को मध्याह्न काल में 2 घंटे 29 मिनट का श्रेष्ठ मुहूर्त मिल रहा है। इस तय समय में सही विधि, दूर्वा और मोदक के साथ पूजा संपन्न करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

Ganesh Chaturthi

Ganesh Chaturthi : गणेश चतुर्थी का पर्व आने वाला है और घरों से लेकर पूजा पंडालों तक बप्पा के स्वागत की तैयारियां जोरों पर हैं। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर भगवान गणेश की प्रतिमा घर लाने और स्थापित करने का विधान है।

अगर आप भी इस बार घर में गणपति बप्पा को विराजमान करने की योजना बना रहे हैं, तो स्थापना के शुभ मुहूर्त और जरूरी नियमों की जानकारी होना जरूरी है।

मध्याह्न काल में ही क्यों होती है गणपति स्थापना?

शास्त्रों के अनुसार, भगवान गणेश का जन्म दोपहर यानी मध्याह्न काल में हुआ था। यही कारण है कि गणेश चतुर्थी पर सुबह के बजाय दोपहर के समय पूजा और स्थापना करना सबसे उत्तम माना जाता है।

इस वर्ष चतुर्थी तिथि 14 सितंबर की सुबह से प्रभावी रहेगी। इसलिए स्थापना की सभी तैयारियां सुबह ही निपटा लें, ताकि शुभ समय शुरू होते ही पूरे विधि-विधान से पूजा की जा सके।

स्थापना का सबसे सटीक मुहूर्त

पंचांग गणना के अनुसार, 14 सितंबर को गणपति पूजन और स्थापना के लिए 2 घंटे 29 मिनट का अनुकूल समय रहेगा:

पूजा का शुभ समय: सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक

कुल अवधि: 2 घंटे 29 मिनट

इस समय सीमा के भीतर ही चौकी सजाकर बप्पा की प्राण-प्रतिष्ठा और पहली आरती संपन्न करना फलदायी रहता है।

पूजा के लिए पहले से जुटा लें ये जरूरी सामग्री

शुभ मुहूर्त शुरू होने से पहले ही सामग्री जुटाकर रख लें, जिससे पूजा के समय कोई हड़बड़ी न हो:

  • लकड़ी की नई या साफ चौकी और बिछाने के लिए लाल या पीला कपड़ा
  • रोली, चंदन, अक्षत (बिना टूटे चावल), धूप, कपूर और दीपक
  • कलश, नारियल, ताजे मौसमी फल और सुपारी
  • भगवान गणेश के प्रिय दूर्वा (दूब घास) और मोदक अथवा बेसन के लड्डू

घर पर ऐसे करें सरल पूजा विधि

सबसे पहले पूजा स्थल को साफ करके पूर्व या उत्तर-पूर्व दिशा में चौकी रखें और उस पर लाल वस्त्र बिछाएं।

  • शुभ मुहूर्त (11:02 से 1:31 के बीच) में बप्पा की प्रतिमा को चौकी पर स्थापित करें।
  • भगवान के मस्तक पर रोली और चंदन का तिलक लगाएं, फिर अक्षत और पुष्प चढ़ाएं।
  • बप्पा को 21 दूर्वा की गांठें जरूर अर्पित करें, क्योंकि धार्मिक मान्यता में दूर्वा के बिना गणेश पूजन अधूरा माना जाता है।
  • इसके बाद मोदक या घर में बने मीठे पकवानों का भोग लगाएं और परिवार सहित धूप-दीप से आरती करें।

कितने दिन रख सकते हैं बप्पा?

गणेश स्थापना की अवधि हर परिवार की अपनी परंपरा और सुविधा पर तय होती है। लोग अपनी श्रद्धानुसार बप्पा को डेढ़ दिन, तीन दिन, पांच दिन, सात दिन या पूरे दस दिनों तक घर में रखते हैं।

जो लोग पूरे दस दिनों तक उत्सव मनाते हैं, वे 25 सितंबर को अनंत चतुर्दशी के दिन गाजे-बाजे के साथ प्रतिमा का विसर्जन कर बप्पा को विदाई देंगे।

Ganga

गंगा 'दून हॉराइज़न' में धर्म और ज्योतिष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वैदिक ज्योतिष, पंचांग, व्रत-त्योहार और वास्तु शास्त्र का गहरा ज्ञान और वर्षों का अनुभव है। गंगा का उद्देश्य सिर्फ दैनिक राशिफल बताना नहीं, बल्कि धर्म और अध्यात्म से जुड़ी सटीक, शोध-आधारित और प्रामाणिक जानकारी आम जनमानस तक पहुंचाना है। वह ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं का गहराई से विश्लेषण करती हैं। उनकी तथ्यपरक लेखनी पाठकों को अंधविश्वास से दूर रखकर एक सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिससे वे डिजिटल पाठकों के बीच एक बेहद भरोसेमंद नाम बन गई हैं।

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