Gold Silver Price Today : शादी-विवाह या त्योहारों के सीजन में सोने-चांदी की खरीदारी करने से पहले सही भाव जानना बेहद जरूरी होता है।
स्थानीय टैक्स और मेकिंग चार्ज के कारण देश के अलग-अलग शहरों में सोने और चांदी की कीमतों में थोड़ा-बहुत अंतर आ जाता है।
अगर आप भी आज आभूषण खरीदने का मन बना रहे हैं, तो अपने शहर की सटीक कीमत जरूर जांच लें।

24 कैरेट सोने का भाव
शुद्ध सोने यानी 24 कैरेट की बात करें तो दिल्ली, जयपुर, लखनऊ, चंडीगढ़ और अयोध्या में इसका भाव 15,502 रुपये प्रति ग्राम पर है।
वहीं अहमदाबाद, पटना, सूरत, चेन्नई और वडोदरा में 24 कैरेट सोना 15,492 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर मिल रहा है। मुंबई और कोलकाता में इसकी कीमत 15,487 रुपये प्रति ग्राम दर्ज की गई है।
गहने बनाने के लिए 22 कैरेट की कीमतें
ज्यादातर आभूषण 22 कैरेट सोने में ही तैयार किए जाते हैं। दिल्ली, जयपुर, लखनऊ और चंडीगढ़ में 22 कैरेट सोने की कीमत 14,211 रुपये प्रति ग्राम है।
मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, हैदराबाद और पुणे में 22 कैरेट सोना 14,196 रुपये प्रति ग्राम पर बिक रहा है।
इसके अलावा पटना और चेन्नई में इसका भाव 14,201 रुपये प्रति ग्राम है। वहीं 18 कैरेट सोने की बात करें तो दिल्ली में यह 11,630 रुपये प्रति ग्राम की दर से उपलब्ध है।
चांदी के रेट में भी शहरवार अंतर
सोने की तरह चांदी की कीमतों में भी कुछ शहरों के बीच अंतर देखा जा रहा है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, पुणे, जयपुर, लखनऊ और पटना में 10 ग्राम चांदी का भाव 2,549 रुपये (यानी 2,54,900 रुपये प्रति किलोग्राम) है।
दूसरी ओर, चेन्नई, हैदराबाद और केरल में चांदी थोड़ी महंगी है। यहां 10 ग्राम चांदी की कीमत 2,599 रुपये (यानी 2,59,900 रुपये प्रति किलोग्राम) दर्ज की गई है।
खरीदारी करते समय ध्यान रखें ये बातें
दुकान पर जाकर ज्वैलरी खरीदते समय केवल प्रति ग्राम भाव देख लेना ही काफी नहीं होता। अंतिम बिल बनवाने से पहले इन जरूरी बातों का ध्यान रखें:
कैरेट और हॉलमार्क: हमेशा BIS हॉलमार्क लगा हुआ सोना ही खरीदें। 22 कैरेट और 18 कैरेट की शुद्धता जरूर चेक करें।
मेकिंग चार्ज समझें: अलग-अलग दुकानों पर मेकिंग चार्ज अलग होता है। बिल में यह जरूर देखें कि मेकिंग चार्ज कितना लगाया गया है।
सटीक वजन: आभूषण में लगे पत्थरों या मोतियों का वजन सोने के वजन से अलग करवाकर ही अंतिम कीमत तय करें।

पक्का बिल लें: खरीदारी का पक्का जीएसटी बिल जरूर लें, जिससे भविष्य में री-सेल या एक्सचेंज के समय कोई दिक्कत न हो।














