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Health Tips : सोते समय ज्यादा लार आना क्या किसी बीमारी का संकेत है? जानें इसके पीछे की असली वजह

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Rama Pun Updated Wed, 12 Aug 2026 10:50 AM IST

सोते समय मुंह से लार निकलना अक्सर गहरी नींद का संकेत होता है, लेकिन बार-बार ऐसा होना सेहत से जुड़ी कुछ समस्याओं की ओर भी इशारा कर सकता है। सही स्लीपिंग पॉस्चर, खान-पान में सुधार और बंद नाक का इलाज करके इस स्थिति से आसानी से राहत पाई जा सकती है।

Drooling While Sleeping Reasons

Health Tips : सुबह उठने पर अक्सर तकिए पर लार के निशान दिखाई देते हैं। कई बार इसे लोग बहुत गहरी और सुकून भरी नींद का नतीजा मानकर अनदेखा कर देते हैं, तो कुछ लोग इसके कारण शर्मिंदगी महसूस करते हैं।

डॉक्टरी भाषा में सोते समय लार बहने की स्थिति को ‘सियलोरिया’ (Sialorrhea) कहा जाता है। वैसे तो कभी-कभार ऐसा होना पूरी तरह सामान्य है, लेकिन अगर यह समस्या रोजाना होने लगे तो इसे केवल इत्तेफाक मानकर छोड़ना ठीक नहीं है।

यह आपकी सेहत से जुड़े कुछ जरूरी संकेत हो सकते हैं।

सोते वक्त लार टपकने की मुख्य वजहें

रात में सोते समय जब चेहरे की मांसपेशियां पूरी तरह आराम की मुद्रा में होती हैं, तब लार ग्रंथि (Salivary Glands) से बनने वाली लार मुंह से बाहर आने लगती है। इसके पीछे ये कारण हो सकते हैं:

गलत पॉस्चर और मुंह से सांस लेना: पेट या करवट के बल सोने पर मुंह अक्सर हल्का खुल जाता है, जिससे लार बाहर निकलती है। इसके अलावा जुकाम, साइनस या एलर्जी की वजह से नाक बंद होने पर लोग मुंह से सांस लेते हैं, जो लार बहने की बड़ी वजह है।

एसिडिटी और पाचन की समस्या: पेट में एसिड रिफ्लक्स या एसिडिटी होने पर शरीर अधिक मात्रा में लार बनाने लगता है, ताकि एसिड को बेअसर किया जा सके।

गले व मुंह का इंफेक्शन: टॉन्सिलिटिस, गले में सूजन या साइनस इंफेक्शन होने पर निगलने की क्षमता प्रभावित होती है, जिससे सोते समय लार जमा होकर बाहर बहने लगती है।

तंत्रिका तंत्र (Nerve System) से जुड़ी स्थितियां: कुछ मामलों में मांसपेशियों पर नियंत्रण कम होने या न्यूरोलॉजिकल कारणों (जैसे पार्किंसंस, स्ट्रोक आदि) से भी निगलने में कठिनाई आती है।

समस्या से राहत पाने के व्यावहारिक तरीके

अगर आपको भी बार-बार तकिया गीला होने की शिकायत रहती है, तो अपनी दिनचर्या और सोने के तरीके में कुछ छोटे बदलाव करके इससे बचा जा सकता है:

पीठ के बल सोएं: करवट या पेट के बल सोने के बजाय पीठ के बल (Supine Position) सोने का अभ्यास करें। इससे लार प्राकृतिक रूप से गले के रास्ते नीचे चली जाती है।

बंद नाक का तुरंत इलाज करें: सोने से पहले गर्म पानी की भाप (Steam) लें। इससे सांस की नली साफ रहती है और मुंह से सांस लेने की जरूरत नहीं पड़ती।

शरीर को हाइड्रेट रखें: दिन भर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं। शरीर में पानी का सही स्तर रहने से लार का गाढ़ापन और अत्यधिक निर्माण संतुलित रहता है।

खान-पान पर ध्यान दें: सोने से तुरंत पहले भारी या बहुत मसालेदार भोजन न करें, ताकि रात में एसिडिटी की समस्या न हो।

डॉक्टर से परामर्श कब लें?

यदि लार बहने के साथ-साथ आपको सांस लेने में तकलीफ हो रही हो, खाना या थूक निगलने में दर्द महसूस हो, या फिर नींद पूरी न होने की समस्या बढ़ रही हो, तो बिना देर किए किसी विशेषज्ञ डॉक्टर से सलाह लें।

Rama Pun

रमा पुन 'दून हॉराइज़न' में हेल्थ और लाइफस्टाइल संपादक के रूप में अपनी अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्वास्थ्य, फिटनेस, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के विषयों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। रमा का फोकस हमेशा मेडिकल एक्सपर्ट्स की पुख्ता सलाह और वैज्ञानिक शोध पर आधारित (Evidence-based) खबरें लिखने पर रहता है। उनका स्पष्ट मानना है कि सेहत से जुड़ी कोई भी जानकारी शत-प्रतिशत प्रामाणिक होनी चाहिए। अपनी आकर्षक और तथ्यपरक लेखनी से वे पाठकों को एक स्वस्थ, तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित और जागरूक करती हैं।

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