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चमोली टनल में फंसे झारखंड के श्रमिक, सीएम हेमंत सोरेन ने उत्तराखंड सीएम धामी से मांगी मदद

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Rajat Sharma Updated Fri, 14 Aug 2026 11:09 PM IST

उत्तराखंड के चमोली में विष्णुगढ़-पीपलकोटी प्रोजेक्ट की सुरंग में पानी और मलबा भरने से झारखंड के कई श्रमिक फंस गए हैं। स्थिति को देखते हुए झारखंड सरकार ने परिजनों की मदद के लिए तुरंत हेल्पलाइन नंबर चालू कर दिए हैं।

Jharkhand Workers Trapped in Chamoli Tunnel, CM Hemant Soren Speaks to Uttarakhand CM Dhami

मुख्य बातें

  • विष्णुगढ़-पीपलकोटी प्रोजेक्ट टनल में घुसा पानी और मलबा
  • झारखंड के खूंटी और गुमला के श्रमिक टनल में फंसे
  • सीएम हेमंत सोरेन ने सीएम पुष्कर धामी से फोन पर बात की
  • परिजनों के लिए टोल फ्री नंबर 1800-3456-526 जारी

दून हॉराइज़न, रांची (14 अगस्त 2026): उत्तराखंड के चमोली जिले से बेहद गंभीर खबर सामने आई है। पीपलकोटी क्षेत्र में चल रहे विष्णुगढ़-पीपलकोटी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन सुरंग के भीतर अचानक भारी मात्रा में पानी और मलबा घुस गया। इस अप्रत्याशित घटना के चलते सुरंग में काम कर रहे कई श्रमिक अंदर ही फंस गए हैं।

प्रारंभिक सूचनाओं के आधार पर सुरंग के भीतर झारखंड के खूंटी, गुमला और आसपास के अन्य जिलों से गए मजदूर मौजूद हैं। घटना सामने आते ही झारखंड के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई।

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने तत्काल उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से टेलीफोन पर सीधा संपर्क साधा। बातचीत में सीएम सोरेन ने फंसे हुए सभी कामगारों की सलामती पर गहरी चिंता जताई। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भरोसा दिया कि सभी श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालने के लिए प्रशासन पूरी ताकत झोंक चुका है।

घटनास्थल पर एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और चमोली जिला प्रशासन की विशेष टीमें राहत और बचाव अभियान में जुट गई हैं। सुरंग से भारी मलबा और पानी हटाने के लिए भारी मशीनें मौके पर तैनात की गई हैं।

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने निर्माणाधीन सुरंगों में बार-बार सामने आ रहे हादसों पर तीखा रुख दिखाया। उन्होंने कहा कि विकास की गति अपनी जगह जरूरी है, लेकिन प्रकृति और पर्यावरण की अनदेखी भारी संकट को न्योता दे रही है। प्राकृतिक संसाधनों का अंधाधुंध दोहन लगातार जानलेवा हालात बना रहा है।

झारखंड सरकार ने राज्य के उन परिवारों से आगे आने की अपील की है जिनके सदस्य चमोली के इस प्रोजेक्ट पर कार्यरत थे। परिजनों को किसी भी जानकारी के लिए सीधे राज्य कंट्रोल रूम से जुड़ने को कहा गया है।

प्रशासन ने तुरंत आपातकालीन संपर्क तंत्र सक्रिय कर दिया है। परिजनों की सुविधा के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-3456-526 जारी किया गया है।

व्हाट्सऐप के जरिए सीधे संपर्क और सूचना साझा करने के लिए 9470132591, 9431336472 और 9431336427 नंबर जारी किए गए हैं।

झारखंड की एक प्रशासनिक टीम उत्तराखंड के स्थानीय अधिकारियों से हर घंटे का अपडेट ले रही है। स्थिति पर रांची स्थित राज्य सचिवालय से सीधे नजर रखी जा रही है। फंसे हुए श्रमिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए दोनों राज्यों का समन्वय लगातार जारी है।

Rajat Sharma

रजत शर्मा 'दून हॉराइज़न' में लीड बिज़नेस एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड्स, क्रिप्टोकरेंसी और सरकारी आर्थिक नीतियों को कवर करने में उनका लंबा और जमीनी अनुभव है। रजत की सबसे बड़ी खासियत जटिल आर्थिक आंकड़ों और मार्केट ट्रेंड्स को सरल, आम बोलचाल की हिंदी में डिकोड करना है। वे तथ्य-आधारित (Fact-based) और गहराई से रिसर्च की गई स्टोरीज लिखते हैं, ताकि आम निवेशक और व्यापारी सही वित्तीय फैसले ले सकें। रजत की पत्रकारिता हमेशा सत्य, निष्पक्षता और पाठकों के आर्थिक हितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ती है।

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