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Headache Causes : क्या आपको भी बार-बार होता है सिरदर्द? ये बीमारियां हो सकती हैं इसकी वजह

अगर आपको अक्सर सिरदर्द की शिकायत रहती है, तो यह केवल नींद की कमी या थकान नहीं बल्कि किसी अंदरूनी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। समय रहते इसके ट्रिगर्स को पहचानना और गंभीर लक्षणों पर डॉक्टर की सलाह लेना बेहद जरूरी है।

Published On: August 17, 2026 12:36 PM
Headache Causes

Headache Causes : दिनभर की भागदौड़ के बाद हल्का सिरदर्द होना सामान्य बात है, जो आराम करने या चाय-पानी लेने से ठीक हो जाता है।

परेशानी तब शुरू होती है जब यह दर्द हफ्ते में कई बार या लगातार होने लगे। बार-बार होने वाले सिरदर्द को केवल मौसम या थकान का असर मानकर नजरअंदाज करना सही नहीं है।

सिरदर्द के आम कारण और लाइफस्टाइल से जुड़ी गलतियां

अक्सर हमारे रोजमर्रा के रूटीन की छोटी-छोटी लापरवाहियां सिरदर्द का कारण बनती हैं:

  • 6 से 7 घंटे की गहरी नींद न मिलना या सोने का समय तय न होना।
  • दिनभर कम पानी पीना, जिससे शरीर में डिहाइड्रेशन होने लगता है।
  • लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप या टीवी स्क्रीन के सामने बैठना।
  • समय पर खाना न खाना और खाली पेट चाय या कॉफी ज्यादा पीना।
  • तेज धूप, उमस या लगातार तेज आवाज वाले माहौल में रहना।

किन बीमारियों या समस्याओं का संकेत हो सकता है यह दर्द?

माइग्रेन: इसमें सिर के एक तरफ या दोनों तरफ तेज टीस मारने जैसा (थ्रोबिंग) दर्द होता है, जो कई घंटों से लेकर दो-तीन दिन तक रह सकता है। इसके साथ उल्टी आने जैसा लगना या रोशनी-आवाज से चिड़चिड़ाहट हो सकती है।

टेंशन हेडेक: काम का तनाव या गर्दन की मांसपेशियों में खिंचाव होने पर सिर के चारों तरफ एक टाइट पट्टी बंधे होने जैसा दबाव महसूस होता है।

साइनस का दबाव: जब साइनस में सूजन या इंफेक्शन होता है, तो माथे, गालों की हड्डियों और आंखों के आसपास भारीपन और दर्द रहता है।

हेमिक्रेनिया कॉन्टिनुआ: यह एक विशेष प्रकार का दर्द है जो सिर के केवल एक ही तरफ लगातार बना रहता है। इसके साथ उसी तरफ की आंख लाल होना या नाक बंद होना जैसे लक्षण दिख सकते हैं।

दवाओं का ओवरयूज: दर्द से तुरंत राहत पाने के लिए बार-बार पेनकिलर खाने से ‘मेडिकेशन ओवरयूज हेडेक’ की समस्या हो जाती है।

राहत पाने के लिए अपनी दिनचर्या में लाएं ये बदलाव

  • नियमित दिनचर्या: सोने, जागने और भोजन का एक निश्चित समय तय करें। भोजन स्किप करने से बचें।
  • स्क्रीन ब्रेक: काम के दौरान हर 20-30 मिनट में स्क्रीन से नजरें हटाकर आंखों को आराम दें।
  • हाइड्रेशन: दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी, नारियल पानी या छाछ पिएं।
  • ट्रिगर डायरी: जब भी सिरदर्द हो, ध्यान दें कि आपने उससे पहले क्या खाया था या क्या तनाव था। इससे ट्रिगर पकड़ने में आसानी होगी।
  • तनाव प्रबंधन: हल्की वॉक, डीप ब्रीदिंग या योग को अपने रूटीन का हिस्सा बनाएं।

तुरंत डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए?

सिरदर्द के साथ यदि नीचे दिए गए लक्षण दिखाई दें, तो बिना देर किए तुरंत अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें:

  • अचानक इतना तेज दर्द होना जैसा पहले कभी महसूस न हुआ हो।
  • सिरदर्द के साथ तेज बुखार, गर्दन में जकड़न या उल्टी होना।
  • बोलने में लड़खड़ाहट, हाथ-पैर में कमजोरी, सुन्नपन या नजर कमजोर पड़ना।
  • सिर में किसी चोट के बाद दर्द लगातार बढ़ना।
  • 50 साल की उम्र के बाद पहली बार नया और गंभीर सिरदर्द शुरू होना।

लगातार पेनकिलर पर निर्भर रहने के बजाय दर्द के मूल कारण की पहचान करना ही इसका सुरक्षित और स्थायी समाधान है।

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Rama Pun

रमा पुन 'दून हॉराइज़न' में हेल्थ और लाइफस्टाइल संपादक के रूप में अपनी अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्वास्थ्य, फिटनेस, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के विषयों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। रमा का फोकस हमेशा मेडिकल एक्सपर्ट्स की पुख्ता सलाह और वैज्ञानिक शोध पर आधारित (Evidence-based) खबरें लिखने पर रहता है। उनका स्पष्ट मानना है कि सेहत से जुड़ी कोई भी जानकारी शत-प्रतिशत प्रामाणिक होनी चाहिए। अपनी आकर्षक और तथ्यपरक लेखनी से वे पाठकों को एक स्वस्थ, तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित और जागरूक करती हैं।

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