Post Office Scheme : बाजार के उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता के दौर में अपनी गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखना हर आम निवेशक की पहली प्राथमिकता होती है। अगर आप बिना किसी वित्तीय जोखिम के 5 साल में ₹11.59 लाख से अधिक का फंड तैयार करना चाहते हैं, तो डाकघर की बचत योजनाएं एक मुकम्मल जरिया साबित हो रही हैं।
डाक विभाग की इस खास योजना में निवेशक को सॉवरेन गारंटी मिलती है। इसका सीधा अर्थ यह है कि बैंक की तरह यहां पैसे डूबने का लेशमात्र भी अंदेशा नहीं रहता।
कंपाउंडिंग का गणित: ₹11,59,958 का फंड कैसे बनेगा?
डाकघर की 5-वर्षीय योजनाओं में सबसे बड़ी ताकत चक्रवृद्धि ब्याज (Compound Interest) की होती है। यदि कोई खाताधारक 5 साल की तय अवधि चुनता है, तो केंद्र सरकार की ओर से निर्धारित ब्याज दर (मौजूदा स्लैब में 6.7% से 7.5% के दायरे में) का सीधा लाभ मिलता है।
ब्याज की गणना तिमाही आधार पर की जाती है। हर महीने एक तय मुश्त रकम जमा करने अथवा एकमुश्त निवेश के फॉर्मूले से 5 साल में कुल रकम ₹11,59,958 तक पहुंच जाती है।
छोटे स्तर पर शुरू किया गया निवेश समय के साथ कैसे भारी भरकम पूंजी में बदलता है, यह स्कीम उसका सटीक उदाहरण है। न कोई छुपा हुआ शुल्क, न ही बाजार गिरने का डर।
न्यूनतम ₹100 से शुरुआत, इन दस्तावेजों की होगी जरूरत
इस योजना का लाभ उठाने के लिए भारी-भरकम पूंजी की बाध्यता नहीं है। महज ₹100 की न्यूनतम राशि के साथ नजदीकी डाकघर शाखा में जाकर बचत खाता (Post Office Savings Account) खुलवाया जा सकता है।
- पहचान और पते के प्रमाण के तौर पर आधार कार्ड, वोटर आईडी अथवा पैन कार्ड देना अनिवार्य है।
- निवेशक अपनी सुविधा के अनुसार मासिक, त्रैमासिक या एकमुश्त विकल्प चुन सकते हैं।
- सिंगल अकाउंट के अलावा दो वयस्क मिलकर जॉइंट अकाउंट भी संचालित कर सकते हैं।
- योजना में नॉमिनेशन की सुविधा अनिवार्य रूप से दी जाती है ताकि परिवार सुरक्षित रहे।
टैक्स में बचत और सरकारी गारंटी का दोहरा सुरक्षा चक्र
पोस्ट ऑफिस की 5 साल की टाइम डिपॉजिट (TD) अथवा लंबी अवधि की बचत योजनाओं पर आयकर कानून की धारा 80C के तहत टैक्स छूट का फायदा भी मिल जाता है। यानी सालाना ₹1.5 लाख तक के निवेश पर टैक्स देनदारी घटाई जा सकती है।
निवेशकों को यह समझना होगा कि प्राइवेट वित्तीय कंपनियों के लुभावने विज्ञापनों के मुकाबले डाकघर में मिला रिटर्न पूरी तरह कानूनन सुरक्षित होता है।
5 साल की परिपक्वता अवधि पूरी होने पर पूरी रकम सीधे निवेशक के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है।




