Hair Care Tips : उम्र के तीसवें पड़ाव पर कदम रखते ही करियर की आपाधापी, पारिवारिक जिम्मेदारियां और नींद की कमी का सीधा असर हमारे शरीर पर दिखने लगता है। अक्सर इसी दौर में शीशे के सामने खड़े होकर कंघी करते वक्त गिरते बालों का गुच्छा बेचैन कर देता है।
कई लोग इसे उम्र का स्वाभाविक तकाजा मानकर मान बैठते हैं कि अब कुछ नहीं हो सकता। सच यह नहीं है। अगर सही समय पर स्कैल्प की जरूरतों को समझकर अपनी आदतों में थोड़ा अनुशासन ले आएं, तो बालों का घनापन और चमक लंबे समय तक बरकरार रह सकती है।
पोषण में प्रोटीन, आयरन और बायोटिन को दें तरजीह

बाल सिर्फ बाहरी सीरम या कंडीशनर लगाने से स्वस्थ नहीं रहते। उन्हें असल खुराक रक्त संचार के जरिए अंदरूनी पोषण से मिलती है। 30 के बाद शरीर में मेटाबॉलिज्म की रफ्तार धीमी होने लगती है, जिसका असर पोषक तत्वों के अवशोषण पर भी पड़ता है।
ऐसी स्थिति में दालें, मूंग स्प्राउट्स, पनीर, गाढ़ी दही और मौसमी हरी पत्तेदार सब्जियां अपनी थाली का स्थायी हिस्सा बना लें। मुट्ठी भर कद्दू के बीज, अखरोट और बादाम से मिलने वाले ओमेगा फैटी एसिड्स बालों के रोम छिद्रों को सूखने से बचाते हैं।
दिनभर में कम से कम ढाई से तीन लीटर पानी जरूर पिएं, क्योंकि डिहाइड्रेशन सबसे पहले स्कैल्प की नमी छीनकर बालों को दोमुंहा और कमजोर बना देता है।
स्कैल्प हाइजीन और सही ऑयलिंग का फॉर्मूला
स्कैल्प की त्वचा भी चेहरे की तरह ही पसीना, सीबम और धूल जमा करती है। हफ्ते में दो से तीन बार किसी सौम्य, पैराबेन और सल्फेट फ्री क्लींजर से बाल धोना जरूरी है। बाल धोते वक्त नाखूनों से स्कैल्प को खुरचने के बजाय उंगलियों के पोरों से गोल-गोल घुमाते हुए दबाव डालें।
बालों में पोषण पहुंचाने के लिए तेल मालिश (Scalp Massage) का पुराना नुस्खा आज भी सबसे भरोसेमंद है। नारियल तेल या मीठे बादाम के तेल को हल्का गुनगुना करें।
अगर बाल ज्यादा झड़ रहे हैं तो उसमें थोड़ा सा कैस्टर ऑयल (अरंडी का तेल) मिला लें। दस मिनट तक हल्के हाथों से की गई मालिश जड़ों में रक्त प्रवाह को तेज करती है। तेल लगाने के तुरंत बाद बालों को बहुत कसकर बांधना बंद करें, क्योंकि खिंचाव से कमजोर जड़ें तुरंत टूटने लगती हैं।
तनाव का स्तर, नींद का चक्र और स्टाइलिंग टूल्स पर नियंत्रण
तनाव केवल आपके मूड को खराब नहीं करता, बल्कि शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का स्तर बढ़ाकर बालों के प्राकृतिक विकास चक्र को ‘टेलोजेन’ यानी विश्राम अवस्था में धकेल देता है।

नतीजा यह होता है कि बाल समय से पहले झड़ने लगते हैं। रोजाना 20 मिनट का प्राणायाम, तेज कदमों से टहलना या योग इस हार्मोनल असंतुलन को थामने में मदद करता है। इसके साथ ही, रात को 7 से 8 घंटे की गहरी नींद शरीर को सेल्युलर लेवल पर रिपेयर होने का वक्त देती है।
अक्सर युवा दिखने या प्रोफेशन के दबाव में लोग ब्लो ड्रायर, स्ट्रेटनर और कर्लिंग रॉड का रोजाना इस्तेमाल करते हैं। 180 डिग्री से अधिक तापमान बालों के बाहरी केराटिन आवरण को पूरी तरह झुलसा देता है। जब तक कोई बेहद खास मौका न हो, बालों को प्राकृतिक हवा में ही सूखने दें।
अगर घरेलू देखभाल और संतुलित आहार के दो से तीन महीने बाद भी बालों का गुच्छा असामान्य रूप से गिर रहा हो, तो किसी योग्य त्वचा रोग विशेषज्ञ (Dermatologist) से थायरॉइड और हीमोग्लोबिन स्तर की जांच जरूर करवा लें।






