Beetroot Roti Recipe : सुबह की भागदौड़ में नाश्ते का मेन्यू तय करना अक्सर सिरदर्द बन जाता है। सादा रोटी-सब्जी से जब परिवार का मन भर जाए, तो चुकंदर की मदद से थाली को नया रूप दिया जा सकता है।
बीटरूट रोटी (Beetroot Roti) न केवल देखने में चटख गुलाबी और खूबसूरत लगती है, बल्कि यह शरीर को भारी तेल-मसालों से बचाकर जरूरी पोषण भी देती है।
खास बात यह है कि जिन बच्चों को चुकंदर का कसैला स्वाद नापसंद होता है, वे भी इस रंग-बिरंगी रोटी को बिना किसी नखरे के टिफिन में खत्म कर देते हैं।
जरूरी सामग्री और सही अनुपात
इस रेसिपी की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके लिए किचन में किसी तामझाम की दरकार नहीं होती।
- गेहूं का आटा: 2 कप
- मध्यम आकार का चुकंदर: 1 (अच्छी तरह छिला हुआ)
- नमक: आधा छोटा चम्मच (स्वादानुसार)
- गुनगुना पानी: आवश्यकतानुसार
- अजवाइन या जीरा पाउडर (वैकल्पिक): एक चुटकी, हाजमे और अतिरिक्त खुशबू के लिए
चुकंदर का छिलका उतारने के बाद उसे छोटे क्यूब्स में काट लें। ग्राइंडर में बहुत थोड़ा सा पानी डालकर इसका बारीक पेस्ट बनाएं और फिर छलनी से छानकर गाढ़ा रस निकाल लें।

कई लोग पल्प भी आटे में मिला देते हैं, मगर सिर्फ छने हुए रस से आटा गूंथने पर रोटियां ज्यादा फूली-फूली और एकदम रेशमी बनती हैं।
आटा गूंथने से लेकर तवे पर सेंकने का तरीका
एक चौड़े बर्तन में आटा और नमक मिलाएं। अब धीरे-धीरे चुकंदर का अर्क डालते हुए आटा लगाना शुरू करें। यदि खिंचाव कम लगे, तो सामान्य पानी की जगह हल्के गुनगुने पानी के छींटे मारें।
गूंधे हुए गुलाबी आटे को कम से कम 7 से 10 मिनट के लिए गीले सूती कपड़े से ढककर छोड़ दें। यह रेस्टिंग टाइम ग्लूटेन को सेट करता है, जिससे बेलते वक्त किनारों से रोटी फटती नहीं है।
इसके बाद छोटी-छोटी लोइयां तोड़कर सूखे आटे की मदद से सामान्य मोटाई में गोल बेल लें। तवे को मध्यम आंच पर पहले से अच्छा गर्म रखें।
कच्ची रोटी तवे पर डालें और जब ऊपर की सतह पर हल्के बुलबुले उभर आएं, तब पलट दें। दोनों तरफ से सूती कपड़े या चिमटे के सहारे दबाते हुए इसे सेंकें। बिना घी लगाए भी यह भाप के दबाव से गुब्बारे की तरह फूल जाती है।
परोसने के सुझाव और टिफिन टिप
तवे से उतरते ही ये रोटियां बेहद मुलायम रहती हैं। लंच बॉक्स के लिए पैक करते समय इन्हें बटर पेपर में लपेटें, ताकि भाप से निचली रोटी गीली न पड़े।
इसे जीरा-तड़का दही, पुदीने की तीखी चटनी या फिर सूखी आलू-गोभी की सब्जी के साथ गरमा-गरम परोसें। स्वाद भी भरपूर मिलेगा और पेट पर भारीपन भी नहीं रहेगा।







