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रांची में JPSC और JSSC अभ्यर्थियों का धरना तेज, छात्र नेता ने मंत्री के बयान पर खड़े किए सवाल

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Rajat Sharma Updated Fri, 14 Aug 2026 11:02 PM IST

झारखंड की राजधानी रांची में जेपीएससी और जेएसएससी अभ्यर्थियों ने मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की की टिप्पणी के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अपने एडमिट कार्ड सार्वजनिक किए हैं। छात्र नेता रवींद्र पासवान ने सरकार पर बिना जांच पहचान पर सवाल उठाने का आरोप लगाते हुए भर्ती परीक्षाओं में तत्काल पारदर्शिता और समयबद्ध प्रक्रिया की मांग दोहराई है।

JPSC and JSSC aspirants intensify protest in Ranchi, student leader questions minister's remarks

मुख्य बातें

  • मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के बयान पर अभ्यर्थियों का तीखा विरोध
  • छात्र नेता रवींद्र पासवान ने वार्ता दल के एडमिट कार्ड दिखाए
  • बिना जांच प्रदर्शनकारियों पर सवाल उठाने का कड़ा विरोध दर्ज
  • जेपीएससी और जेएसएससी में पारदर्शी और समयबद्ध भर्ती की मांग

दून हॉराइज़न, रांची (14 अगस्त 2026): झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं व लेटलतीफी को लेकर राजधानी की सड़कों पर उतरे अभ्यर्थियों का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। झारखंड सरकार की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों को लेकर दिए गए हालिया बयान ने इस आंदोलन में घी डालने का काम किया है। ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, अभ्यर्थियों ने मंत्री की टिप्पणी को उनका अपमान बताते हुए खुले मंच से अपने प्रवेश पत्र हवा में लहराए हैं।

छात्र नेता रवींद्र पासवान ने राज्य सरकार के रुख पर कड़ा एतराज जताया। बातचीत के दौरान उन्होंने सीधे तौर पर कहा कि मंत्री जी को बिना किसी तथ्यात्मक जांच के यह दावा करने का कोई अधिकार नहीं है कि आंदोलन में शामिल लोग वास्तविक छात्र नहीं हैं। इस तरह के गैर-जिम्मेदाराना बयानों से लाखों मेहनती युवाओं के स्वाभिमान को गहरी चोट पहुंची है।

आंदोलनकारी नेतृत्व ने साफ किया कि शासन से बातचीत के लिए गया पूरा प्रतिनिधिमंडल प्रतियोगी परीक्षाओं का सक्रिय अभ्यर्थी है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल प्रत्येक सदस्य के पास जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा जारी वैध एडमिट कार्ड मौजूद हैं। यह सभी युवा वर्षों से अपनी मेहनत के दम पर सरकारी सेवा में जाने की तैयारी कर रहे हैं और केवल अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए धरने पर बैठे हैं।

सड़कों पर डटे युवाओं का कहना है कि राज्य सरकार उनकी वाजिब समस्याओं को सुलझाने के बजाय ध्यान भटकाने वाली बयानबाजी कर रही है। वर्षों से अटकी भर्ती प्रक्रियाओं और परीक्षा संचालन में सामने आ रही खामियों से राज्य के लाखों परिवारों का भविष्य अधर में लटका है। युवाओं ने स्पष्ट मांग रखी है कि प्रशासन राजनीतिक बयानबाजी बंद कर परीक्षा प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करे।

अभ्यर्थी संगठनों ने साफ कर दिया है कि जब तक आयोगों के कामकाज में ठोस सुधार और कैलेंडर के अनुसार परीक्षाएं कराने का पुख्ता रोडमैप नहीं मिलता, तब तक यह आंदोलन किसी भी सूरत में वापस नहीं लिया जाएगा। शहर के प्रमुख धरना स्थल पर छात्रों का जमावड़ा लगातार बढ़ रहा है और वे चरणबद्ध तरीके से अपनी आवाज बुलंद रखने की रणनीति बना रहे हैं।

Rajat Sharma

रजत शर्मा 'दून हॉराइज़न' में लीड बिज़नेस एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड्स, क्रिप्टोकरेंसी और सरकारी आर्थिक नीतियों को कवर करने में उनका लंबा और जमीनी अनुभव है। रजत की सबसे बड़ी खासियत जटिल आर्थिक आंकड़ों और मार्केट ट्रेंड्स को सरल, आम बोलचाल की हिंदी में डिकोड करना है। वे तथ्य-आधारित (Fact-based) और गहराई से रिसर्च की गई स्टोरीज लिखते हैं, ताकि आम निवेशक और व्यापारी सही वित्तीय फैसले ले सकें। रजत की पत्रकारिता हमेशा सत्य, निष्पक्षता और पाठकों के आर्थिक हितों को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ती है।

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