दून हॉराइज़न, रांची (14 अगस्त 2026): जेपीएससी और जेएसएससी प्रतियोगी परीक्षाओं की कथित अनियमितताओं के विरोध में राजधानी रांची की सड़कों पर उतरे छात्रों का आंदोलन 21वें दिन में प्रवेश कर चुका है। गुरुवार देर शाम शहर में तेज बारिश हुई। इसके बाद भी सैकड़ों अभ्यर्थी जयपाल सिंह स्टेडियम में अपनी मांगों को लेकर जमे रहे।
सदर अस्पताल में भर्ती छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो की भूख हड़ताल का 12वां दिन है। विधानसभा घेराव कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य बिगड़ने पर प्रशासन ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टरों के इलाज के बीच उन्होंने अनशन तोड़ने से साफ इनकार कर दिया है।
देवेंद्र नाथ महतो ने अस्पताल के वार्ड से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को छात्रों के बीच आकर बैठना चाहिए और उनकी वास्तविक समस्याओं को समझकर त्वरित समाधान की दिशा में कदम बढ़ाना चाहिए।
छात्र नेता ने स्पष्ट किया कि यह केवल उनका व्यक्तिगत विरोध नहीं है। राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य और भर्ती परीक्षाओं की शुचिता का यह सवाल है। उन्होंने साफ कहा कि जब तक मांगों पर ठोस फैसला नहीं आता, आंदोलन जारी रहेगा।
देवेंद्र नाथ महतो ने अस्पताल प्रशासन से आग्रह किया है कि उन्हें डिस्चार्ज कर जयपाल सिंह स्टेडियम जाने की अनुमति दी जाए। अस्पताल परिसर के बाहर मौजूद उनके समर्थक लगातार उन्हें आंदोलन स्थल पर भेजने की मांग उठा रहे हैं।
सदर अस्पताल में उपचाराधीन छात्रा उम्मे हबीबा की तबीयत पिछले मंगलवार को स्टेडियम में धरने के दौरान अचानक बिगड़ गई थी। डॉक्टरों की देखरेख में चल रही हबीबा ने अस्पताल से एक वीडियो साझा कर सरकार के सामने अपना पक्ष रखा।
उम्मे हबीबा ने मुख्यमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा कि राज्य के प्रतियोगी छात्र गंभीर मानसिक और शारीरिक परेशानी से गुजर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी छात्र राज्य के अपने बच्चे हैं और सीधे संवाद से ही इस गतिरोध का स्थायी रास्ता निकाला जा सकता है।










