दून हॉराइज़न, हरिद्वार (26 सितंबर) : पतंजलि मार्ग पर 12 दिन पहले दिनदहाड़े हुए बहुचर्चित कत्ल की गुत्थी को हरिद्वार पुलिस ने आधी रात मुठभेड़ (Police Encounter) के बाद सुलझा लिया है। शांतरशाह के पास देव धर्मकांटा के सामने 14 सितंबर को बाइक मैकेनिक 28 वर्षीय हैप्पी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस सनसनीखेज वारदात के पीछे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात मुकीम काला गिरोह के तार जुड़े होने की पुष्टि हुई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP Haridwar) नवनीत सिंह भुल्लर ने बहादराबाद थाने में औपचारिक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हत्याकांड की पूरी साजिश की परतें खोलीं।
बहादराबाद नहर पटरी पर आधी रात चलीं गोलियां
वारदात के बाद से फरार चल रहे बदमाशों की धरपकड़ के लिए बहादराबाद और आसपास के सीमावर्ती इलाकों में लगातार कॉम्बिंग चल रही थी। शुक्रवार देर रात पुलिस टीम गंगनहर पटरी स्थित तिरछा पुल के पास संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। तभी एक स्प्लेंडर बाइक पर सवार दो संदिग्ध आते दिखे। पुलिस ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो बदमाशों ने बचने के लिए सीधे पुलिस दल पर जानलेवा फायरिंग झोंक दी।

जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने आत्मरक्षा के लिए गोलियां चलाईं, जिसमें एक गोली बाइक सवार बदमाश की बाईं पिंडली में जा धंसी और वह बाइक समेत सड़क किनारे ढलान पर गिर पड़ा। उसका दूसरा साथी रात के अंधेरे और गंगनहर के बीहड़ का फायदा उठाकर भागने में कामयाब रहा। पकड़े गए घायल बदमाश की पहचान 20 वर्षीय मुदस्सिर पुत्र जमशेद, निवासी दतौली रांगण (थाना कोतवाली देहात, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। घायल शूटर को तुरंत रुड़की सिविल अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया। उसके पास से .315 बोर का अवैध तमंचा, कारतूस और स्प्लेंडर बाइक बरामद हुई है।
300 कैमरों की पड़ताल और मुकीम काला गैंग का नेटवर्क
एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर के अनुसार, मृतक हैप्पी के भाई कपिल की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद सीआईयू और स्थानीय पुलिस की पांच विशेष टीमें गठित की गई थीं। जांच टीमों ने बहादराबाद से लेकर सहारनपुर सीमा तक करीब 300 सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाली। इसी फुटेज से हमलावरों के भागने के रूट और उनकी कद-काठी का पहला सुराग मिला।
जांच में सामने आया कि वारदात को कुल पांच आरोपियों ने मिलकर अंजाम दिया था। 12 सितंबर को ही बदमाशों ने घटनास्थल की पूरी रेकी कर ली थी। 14 सितंबर को मुदस्सिर और मुख्य आरोपी इस्तकार ने हैप्पी पर नजदीक से ताबड़तोड़ फायरिंग की, जबकि उनका तीसरा साथी शादाब थोड़ी दूरी पर बाइक स्टार्ट कर भागने के लिए तैयार खड़ा था। सबसे चौंकाने वाला पहलू यह रहा कि हत्या में इस्तेमाल किया गया तमंचा सहारनपुर के कुख्यात अपराधी साबिर ने उपलब्ध कराया था। साबिर पश्चिमी यूपी के आतंक का पर्याय रहे मुकीम काला गैंग का सक्रिय गुर्गा रहा है—वही मुकीम काला, जिसकी मई 2021 में यूपी की हाई-सिक्योरिटी चित्रकूट जेल के अंदर हुए गैंगवार में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। साजिश में प्रयुक्त बाइक समीर नामक युवक ने दी थी।
मुखबिरी का वहम, पॉक्सो केस और स्मैक का अवैध कारोबार
पूछताछ में सामने आया कि कत्ल की पटकथा साल 2022 में सहारनपुर के जनकपुरी थाने में दर्ज एक मुकदमे से शुरू हुई थी। मुख्य आरोपी इस्तकार उर्फ इस्तयाक उस वक्त एक नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर भगा ले गया था, जिस पर उसके खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई हुई थी और उसे जेल जाना पड़ा था।
इस्तकार के दिमाग में यह बात बैठ गई थी कि उसे सलाखों के पीछे पहुंचाने वाला कोई और नहीं, बल्कि हैप्पी ही था, जिसने पुलिस को सटीक लोकेशन दी थी। करीब डेढ़ साल तक जेल काटने के बाद जब वह बाहर आया, तो वह स्मैक (स्मैक/हेरोइन) की अंतरराज्यीय तस्करी में लिप्त हो गया। आरोप है कि हैप्पी उसे लगातार चेतावनी देता था कि अगर उसने अवैध धंधा बंद नहीं किया या पैसे नहीं दिए, तो वह फिर से उसे एनडीपीएस एक्ट में पुलिस के हवाले करवा देगा।
हैप्पी के खौफ और लगातार तकरार के चलते इस्तकार पहले पिरान कलियर में छिपकर रहा और फिर सहारनपुर शिफ्ट हो गया। लेकिन शांतरशाह में अपने पुराने संपर्कों के कारण उसका आना-जाना बना रहा। बार-बार मिल रही पुलिस में पकड़वाने की धमकी से आजिज आकर इस्तकार ने अपने पुराने आपराधिक संपर्कों को सक्रिय किया और मुकीम काला गैंग के बचे-खुचे नेटवर्क का सहारा लेकर हैप्पी को हमेशा के लिए रास्ते से हटाने की खूनी योजना बना डाली। फिलहाल पुलिस फरार चल रहे इस्तकार, शादाब, समीर और साबिर की तलाश में सहारनपुर और हरिद्वार के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।










