home ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम मनोरंजन बिजनेस ऑटो गैजेट्स खेल हेल्थ लाइफस्टाइल धर्म राशिफल लव राशिफल अंक राशिफल पंचांग करियर ट्रेंडिंग वीडियो

गुप्तेश्वर मंदिर के महंत कृष्णा गिरी महाराज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, फंदे से लटकता मिला शव

नैनीताल जिले में भवाली-अल्मोड़ा हाईवे पर स्थित प्राचीन गुप्तेश्वर मंदिर के महंत कृष्णा गिरी महाराज का शव उनकी कुटिया में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। पुलिस मामले की जांच में जुटी है, वहीं ग्रामीणों ने घटना से एक दिन पहले कोसी नदी में मछली पकड़ने को लेकर कुछ मजदूरों के साथ हुए विवाद की बात सामने रखी है।

गुप्तेश्वर मंदिर के महंत कृष्णा गिरी महाराज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत, फंदे से लटकता मिला शव

HIGHLIGHTS

  • 55 वर्षीय महंत कृष्णा गिरी महाराज पिछले 15 वर्षों से गुप्तेश्वर मंदिर में रहकर पूजा-अर्चना और व्यवस्था संभाल रहे थे।
  • शुक्रवार सुबह मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने महंत का शव फंदे से लटका देखकर खैरना पुलिस को सूचित किया।
  • घटना से एक दिन पहले कोसी नदी में संरक्षित मछलियों को मारने के विरोध पर मजदूरों के साथ महंत की कहासुनी हुई थी।
  • फॉरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं, पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट और सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

नैनीताल, 13 जून (दून हॉराइज़न)। भवाली-अल्मोड़ा हाईवे पर रामगढ़ ब्लॉक के गंगोरी क्षेत्र में स्थित प्राचीन गुप्तेश्वर मंदिर के महंत कृष्णा गिरी महाराज (55 वर्ष) का शव शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला। उनका शव मंदिर के ऊपर बनी कुटिया में मिला, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

सूचना मिलने पर पहुंची खैरना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जमा किए हैं।

श्रद्धालुओं ने देखा शव, मौके पर जुटी भीड़

शुक्रवार सुबह जब स्थानीय श्रद्धालु रोज की तरह मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए पहुंचे, तो उन्होंने महंत कृष्णा गिरी का शव फंदे से लटका हुआ पाया। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी जानकारी खैरना पुलिस चौकी को दी।

महंत की मौत की खबर फैलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु मंदिर परिसर में इकट्ठा हो गए। स्थानीय लोगों के अनुसार, महंत कृष्णा गिरी पिछले करीब 15 साल से इसी मंदिर में रह रहे थे और क्षेत्र में उनकी छवि बेहद शांत और धार्मिक व्यक्ति की थी।

मौत से पहले मछली पकड़ने को लेकर हुआ था विवाद

महंत की इस अचानक और संदिग्ध मौत को लेकर स्थानीय ग्रामीणों ने एक अहम जानकारी साझा की है। ग्रामीणों के मुताबिक, घटना से एक दिन पहले यानी गुरुवार को मंदिर के नीचे बहने वाली कोसी नदी में कुछ मजदूर संरक्षित मछलियों को पकड़ रहे थे। महंत कृष्णा गिरी ने इसका कड़ा विरोध किया था, जिसके बाद उनके और मजदूरों के बीच काफी देर तक तीखी कहासुनी हुई थी।

विवाद बढ़ने के बाद ग्रामीणों ने हस्तक्षेप कर मजदूरों को देर शाम अपना सामान समेटकर गांव से चले जाने को कहा था, जिसके बाद वे वहां से चले गए। इस विवाद के अगले ही दिन महंत का शव मिलने से स्थानीय लोग मामले को संदिग्ध मानकर उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

पुलिस का बयान और अगली कार्रवाई

चौकी प्रभारी सतीश उपाध्याय ने बताया कि पुलिस टीम घटना के हर पहलू को ध्यान में रखकर जांच को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस को अभी तक इस मामले में परिजनों या ग्रामीणों की तरफ से कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। पुलिस टीम विवाद में शामिल रहे पक्षों और स्थानीय लोगों से पूछताछ कर जानकारी जुटा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और विस्तृत जांच के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment