Monsoon Health Tips : बारिश का मौसम भले ही गर्मी से राहत दिलाता हो, लेकिन हवा में बढ़ी हुई नमी अपने साथ कई मौसमी बीमारियां भी लेकर आती है।
इस दौरान पाचन क्रिया धीमी हो जाती है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी थोड़ी कमजोर पड़ने लगती है। नतीजतन सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर, पेट की गड़बड़ी और स्किन एलर्जी के मामले बढ़ जाते हैं।
अगर आप अपने डेली रूटीन में कुछ छोटी-छोटी सावधानियां शामिल कर लें, तो परिवार को इन संक्रमणों से दूर रख सकते हैं।
1. घर और बालकनी में पानी जमा न होने दें
बारिश में अक्सर बालकनी में रखे गमलों की ट्रे, खाली डिब्बों, कूलर और छत के कोनों में पानी जमा हो जाता है। रुका हुआ पानी डेंगू और मलेरिया के मच्छरों के पनपने की सबसे बड़ी वजह बनता है।
हफ्ते में कम से कम एक बार घर के सभी कोनों, कूलर और गमलों की जांच करें। कहीं भी पुराना पानी जमा हो तो उसे तुरंत फेंक दें और सतह को सूखा रखें।
2. हफ्ते में 1-2 बार गर्म पानी की भाप लें
मौसम में बार-बार आने वाले उतार-चढ़ाव से गले में खराश, नाक बंद होना और मौसमी फ्लू होना आम बात है। इससे बचाव के लिए स्टीम यानी भाप लेना बहुत मददगार साबित होता है।
एक बर्तन में पानी गर्म करें और सिर को तौलिए से ढककर 5 से 7 मिनट गहरी सांस लेते हुए भाप लें। इससे श्वसन नली साफ रहती है, बंद नाक से आराम मिलता है और चेहरे के पोर्स में जमी गंदगी भी हटती है।
3. देसी काढ़ा या हर्बल टी का सेवन करें
बारिश में कमजोर पड़ते हाजमे और इम्यूनिटी को ठीक रखने के लिए गर्म तरल पदार्थों का सेवन फायदेमंद रहता है। चाय या कॉफी की जगह घर पर बना सादा काढ़ा पीना बेहतर विकल्प है।
एक कप पानी में 4-5 तुलसी के पत्ते, छोटा टुकड़ा अदरक, 2 काली मिर्च और एक लौंग डालकर धीमी आंच पर उबालें।
जब पानी आधा रह जाए तो इसे छानकर गुनगुना पिएं। यह शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने और गले की जकड़न दूर करने में मदद करता है।
4. कपड़ों और जूतों को सीलन से बचाएं
हवा में नमी के कारण इस मौसम में कपड़े और जूते ठीक से सूख नहीं पाते। हल्के गीले या सीलन वाले कपड़े पहनने से दाद, खुजली और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।
जब भी धूप निकले, कपड़ों और जूतों को बाहर जरूर सुखाएं। धूप न होने पर कपड़ों को पंखे की तेज हवा में पूरी तरह सुखाने के बाद ही पहनें। कपड़ों पर हल्की प्रेस यानी आयरन कर लेना भी नमी और बैक्टीरिया को खत्म करने का अच्छा तरीका है।
5. गुनगुने तेल से मालिश और तलवों की केयर
बरसात के दिनों में शरीर में भारीपन, सुस्ती और मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होना सामान्य है। दिनभर की थकान मिटाने और शरीर को आराम देने के लिए तेल मालिश काफी असरदार है।
हल्के गर्म नारियल या सरसों के तेल से सिर की चंपी करें और रात को सोने से पहले पैरों के तलवों की 5 मिनट मालिश करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन सुधरता है, मानसिक तनाव कम होता है और रात को अच्छी नींद आती है।







