ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग फैक्ट चेक

राहुल गांधी पर केस करने वाले की जाति पर विवाद, वाल्मीकि समाज ने पुलिस को दी तहरीर

हल्द्वानी के रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद हुए 'शुद्धिकरण' विवाद में नया मोड़ आ गया है। राहुल गांधी पर केस करने वाले की जाति पर ही वाल्मीकि समाज ने सवाल खड़े कर दिए हैं।

Published On: September 8, 2026 2:56 PM
Rahul Gandhi FIR Uttarakhand

HIGHLIGHTS

  • राहुल गांधी के खिलाफ केस दर्ज कराने वाले अमित कुमार की जाति पर विवाद।
  • वाल्मीकि समाज का पुलिस में दावा- शिकायतकर्ता का हमारे समुदाय से कोई वास्ता नहीं।
  • सीएम धामी का कांग्रेस पर करारा तंज, कहा- 'नाराज फूफा' की तरह छाती पीटना बंद करें।
  • 32 सांसदों की अहम बैठक के बाद कांग्रेस का ऐलान, राष्ट्रपति तक जाएगा शुद्धिकरण का मुद्दा।
  • बसपा ने भी खोला मोर्चा, दोनों राष्ट्रीय दलों पर लगाया दलितों के राजनीतिक इस्तेमाल का आरोप।

दून हॉराइज़न, हल्द्वानी/देहरादून (08 सितंबर): हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद शुरू हुआ कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। बल्कि, अब यह पूरी तरह से एक नए बखेड़े में तब्दील हो चुका है। असली हंगामा अब उस शख्स को लेकर है, जिसने इस पूरे प्रकरण में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी।

यह भी पढ़ें : दूनवासियों को मिली साफ हवा, 3 साल के भीतर 41वें से 12वें पायदान पर पहुंची राजधानी

वाल्मीकि समाज ने सीधा आरोप लगाया है कि शिकायतकर्ता का उनके समुदाय से कोई ताल्लुक ही नहीं है। इधर, देहरादून में कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर हल्ला बोला, तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उन्हें ‘नाराज फूफा’ करार देते हुए तीखा पलटवार किया।

एफआईआर कराने वाले की जाति पर ही सवाल

दरअसल, राहुल गांधी ने हल्द्वानी में खरगे की रैली के बाद कार्यक्रम स्थल को कथित तौर पर हिंदूवादी संगठनों द्वारा गंगाजल से धोने की घटना को सोशल मीडिया पर ‘दलित अपमान’ बताते हुए कड़ी निंदा की थी, जिसके बाद उन पर सामाजिक वैमनस्य फैलाने का आरोप लगाते हुए यह एफआईआर दर्ज कराई गई थी। अब देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेश संगठन मंत्री अमित कुमार (दूसरे अमित) की अगुवाई में हल्द्वानी कोतवाली में एक नई तहरीर दी गई है।

तहरीर बेहद गंभीर है। जवाहरनगर निवासी शिकायतकर्ता अमित कुमार (पुत्र त्रिलोक सिंह) ने खुद को वाल्मीकि उपजाति का बताया था। संघ से जुड़े चौधरी अमरदीप ने इसे सिरे से खारिज कर दिया। सीओ हल्द्वानी अमित कुमार के मुताबिक, वादी ने केस दर्ज कराते वक्त जो एससी-एसटी प्रमाणपत्र दिया था, उसमें ‘वाल्मीकि’ उपजाति का कोई जिक्र नहीं है।

पुलिस पूरे मामले के दस्तावेजों की जांच कर रही है। वार्ड-15 की स्थानीय राजनीति भी इसमें कूद पड़ी है। संघ का दावा है कि शिकायतकर्ता भाजपा समर्थित एक पूर्व पार्षद प्रत्याशी का भाई है। हालांकि, मीडिया द्वारा संपर्क किए जाने पर शिकायतकर्ता ने पूरी तरह चुप्पी साध ली।

दिल्ली से देहरादून तक कांग्रेस का हल्ला बोल

देहरादून में सोमवार को कांग्रेसियों का गुस्सा चरम पर दिखा। उन्होंने राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए सीधे मुख्यमंत्री आवास की तरफ कूच किया। इस बीच, पार्टी मुख्यालय इंदिरा भवन में एससी-एसटी समुदाय के 32 सांसदों की एक हाई-लेवल बैठक हुई।

रणनीति साफ है। एम. रवि के अनुसार, इस मुद्दे को हर मंच पर उठाते हुए सीधे राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपा जाएगा। वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह और हरक सिंह रावत ने दो टूक कहा कि देवभूमि को नफरत की प्रयोगशाला नहीं बनने दिया जाएगा। पूर्व प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा और उपनेता प्रतिपक्ष भुवन कापड़ी ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों का सीधा अपमान करार दिया।

सीएम धामी का तंज: बेवजह छाती पीट रही कांग्रेस

विवाद पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का रुख बेहद आक्रामक है। कैंट रोड स्थित मुख्य सेवक सदन में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कांग्रेस की तुलना शादियों में रूठने वाले रिश्तेदारों से कर दी। उन्होंने कहा, “कांग्रेस ‘नाराज फूफा’ की तरह व्यवहार कर रही है।”

सीएम के अनुसार, रामलीला मैदान में जेहादी मानसिकता वाले नारे लगे थे और गंदगी फैलाई गई थी। इसके बाद एक सामाजिक संस्था ने अपनी व्यक्तिगत आस्था के चलते वहां सामान्य शुद्धिकरण किया। धामी ने साफ कहा कि जब किसी का अपमान हुआ ही नहीं, तो कांग्रेस जाति का रंग देकर झूठा नैरेटिव (False Narrative) क्यों गढ़ रही है।

बसपा ने खोले दोनों पार्टियों के पुराने पन्ने

इस सियासी ड्रामे के बीच बहुजन समाज पार्टी (बसपा) ने भाजपा और कांग्रेस दोनों को ही कठघरे में खड़ा कर दिया है। बसपा प्रदेश अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि दोनों दल सिर्फ दलित प्रेम का दिखावा कर रहे हैं।

यह भी पढ़ें : देहरादून में करोड़ों के भूमि घोटाले का मुख्य आरोपी नवीन मित्तल गिरफ्तार, कोर्ट ने 5 दिन की रिमांड में भेजा

उन्होंने इतिहास की परतें उधेड़ दीं। कांग्रेस राज में हुए जौनसार-बावर मंदिर प्रवेश विवाद और सोहन राम हत्याकांड की याद दिलाई। वहीं, भाजपा सरकार के कार्यकाल में टिहरी के जितेंद्र दास व केतन लाल की मौत, चंपावत के बहुचर्चित भोजनमाता विवाद और अल्मोड़ा में दूल्हे को घोड़ी से उतारने जैसी घटनाओं का जिक्र कर सरकार को आईना दिखाया। चौधरी ने हल्द्वानी की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सत्ता में रहने के बावजूद इन दोनों दलों ने कभी दलितों को असल सामाजिक सम्मान नहीं दिया।

Advertisement

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment