नई दिल्ली/अमृतसर, 04 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तर रेलवे के महत्वपूर्ण गलियारे पर दौड़ने वाली अमृतसर-श्री माता वैष्णो देवी कटरा (SVDK) वंदे भारत एक्सप्रेस के संचालन को लेकर रेलवे बोर्ड ने एक बड़ा रणनीतिक फैसला लिया है। अब यह सेमी-हाई-स्पीड ट्रेन अपने पुराने निर्धारित मार्ग जालंधर कैंट के बजाय गुरदासपुर के रास्ते अपनी दूरी तय करेगी।
बोर्ड ने उत्तर रेलवे (NR) के 12 मार्च 2026 के प्रस्ताव पर अपनी अंतिम मुहर लगाते हुए परिचालन संबंधी नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। इस बदलाव का सबसे बड़ा असर पंजाब के सीमावर्ती जिलों की कनेक्टिविटी पर पड़ेगा, जहां अब बटाला और गुरदासपुर के यात्रियों को भी इस प्रीमियम ट्रेन की सीधी सेवा मिल सकेगी।
ट्रेन नंबर 26405/26406 अब सप्ताह में छह दिन पटरियों पर नजर आएगी। रेलवे ने इसके ऑफ-डे (जिस दिन ट्रेन नहीं चलती) में भी बदलाव किया है। पहले यह ट्रेन मंगलवार को नहीं चलती थी, लेकिन नए नियमों के तहत अब यह शनिवार को छोड़कर सप्ताह के बाकी सभी दिन अपनी सेवाएं देगी।

सफर के वक्त की बात करें तो अमृतसर से कटरा तक की करीब 250 किलोमीटर से अधिक की दूरी यह ट्रेन मात्र 5 घंटे में पूरी करेगी। इस रूट परिवर्तन से सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण पठानकोट और सीमावर्ती इलाकों को भी वंदे भारत नेटवर्क से सीधा जोड़ा गया है।
नए रूट चार्ट के अनुसार, अमृतसर-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस अब रास्ते में कुल चार स्टेशनों पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगी। इसमें बटाला, गुरदासपुर, पठानकोट और जम्मू तवी शामिल हैं। इन स्टेशनों पर ठहराव से न केवल तीर्थयात्रियों को बल्कि व्यापारियों और दैनिक यात्रियों को भी बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
रेलवे द्वारा जारी नए शेड्यूल के मुताबिक, ट्रेन नंबर 26406 कटरा से अमृतसर के लिए सुबह 06:40 बजे प्रस्थान करेगी और सुबह 11:40 बजे अमृतसर प्लेटफॉर्म पर लगेगी। वहीं, वापसी में ट्रेन नंबर 26405 अमृतसर से शाम 16:40 बजे रवाना होगी और रात 21:45 बजे कटरा स्टेशन पर यात्रियों को उतारेगी।
ट्रेन की बनावट में कोई बदलाव नहीं है; इसमें कुल 8 आधुनिक कोच होंगे। यात्रियों के पास आरामदायक सफर के लिए एसी चेयर कार और लग्जरी अनुभव के लिए एग्जीक्यूटिव चेयर कार के दो विकल्प मौजूद रहेंगे।
रेलवे बोर्ड के आदेशानुसार, यह सभी बदलाव ‘एडवांस रिजर्वेशन पीरियड’ (ARP) के खत्म होने के बाद या बोर्ड द्वारा तय तारीख से प्रभावी होंगे। इसके उद्घाटन को एक ‘विशेष सेवा’ के रूप में भी आयोजित किया जा सकता है, जिसकी तैयारी उत्तर रेलवे ने शुरू कर दी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि जालंधर के बजाय गुरदासपुर रूट चुनने के पीछे रेलवे की मंशा उन क्षेत्रों को कवर करना है जहां यात्रियों की मांग अधिक है लेकिन तेज ट्रेन सेवाओं की कमी थी। साथ ही, अमृतसर से पठानकोट की ओर जाने वाले यात्रियों के लिए यह सबसे तेज आवाजाही का जरिया बनेगी।










