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Sawan Shringar Niyam : क्यों सावन में हरी चूड़ियां पहनती हैं सुहागिन महिलाएं? जानें मान्यता और महत्व

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Ganga Updated Sat, 15 Aug 2026 10:13 AM IST

सावन के पावन महीने में सुहागिन महिलाओं द्वारा हरी चूड़ियां पहनने की परंपरा सदियों पुरानी है। धार्मिक मान्यताओं के साथ-साथ इसका गहरा संबंध ज्योतिष शास्त्र और प्रकृति के संतुलन से भी जुड़ा हुआ है।

Sawan Shringar Niyam

Sawan Shringar Niyam : सावन का महीना शुरू होते ही बाजारों में चारों तरफ हरी चूड़ियों, हरी साड़ियों और मेहंदी की रौनक देखने को मिलती है। सुहागिन महिलाएं इस पूरे महीने हरे रंग के श्रृंगार को विशेष प्राथमिकता देती हैं।

भारतीय संस्कृति में यह केवल सजने-संवरने का तरीका नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरा धार्मिक महत्व, ज्योतिषीय आधार और प्रकृति के प्रति आभार की भावना जुड़ी हुई है।

प्रकृति और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है हरा रंग

बरसात के मौसम में सूखी धरती पर नई हरियाली छा जाती है। प्रकृति का यह नया रूप जीवन, नई शुरुआत और ताजगी का संदेश देता है।

हरा रंग मन को शांति देता है और वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करता है। सावन में हरे वस्त्र और हरी चूड़ियां पहनना प्रकृति के इसी सौंदर्य और जीवन चक्र का स्वागत करने का तरीका माना जाता है।

भगवान शिव और माता पार्वती की विशेष कृपा

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव को प्रकृति से जुड़ी चीजें जैसे बेलपत्र, भांग और धतूरा अत्यंत प्रिय हैं। वहीं माता पार्वती अखंड सौभाग्य की देवी मानी जाती हैं।

मान्यता है कि सावन और हरियाली तीज के मौके पर जब महिलाएं हरे रंग का श्रृंगार कर शिव-गौरी की आराधना करती हैं, तो उन्हें वैवाहिक सुख और परिवार की खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है।

ज्योतिषीय कारण: बुध ग्रह होता है मजबूत

ज्योतिष शास्त्र में हरे रंग का सीधा संबंध ‘बुध’ ग्रह से माना गया है। बुध ग्रह को बुद्धि, वाणी, व्यापार और तार्किक क्षमता का कारक माना जाता है।

करियर और व्यापार में लाभ: कुंडली में बुध की स्थिति मजबूत होने से निर्णय लेने की क्षमता बेहतर होती है और कारोबार में तरक्की के योग बनते हैं।

पारिवारिक तालमेल: मान्यता है कि सावन में हरा रंग धारण करने से व्यक्ति के स्वभाव में सौम्यता आती है और रिश्तों में आपसी समझ बढ़ती है।

सुहाग और दांपत्य जीवन में मिठास

भारतीय परंपरा में कांच की चूड़ियों की खनक को घर की सुख-शांति और सकारात्मक माहौल से जोड़कर देखा जाता है।

सावन के महीने में नई हरी चूड़ियां पहनना पति की दीर्घायु, अच्छे स्वास्थ्य और दांपत्य जीवन में प्रेम बनाए रखने की कामना का प्रतीक है।

यही वजह है कि सावन आते ही महिलाएं पूरे उत्साह के साथ अपनी कलाइयों में हरी चूड़ियां सजाती हैं।

Ganga

गंगा 'दून हॉराइज़न' में धर्म और ज्योतिष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वैदिक ज्योतिष, पंचांग, व्रत-त्योहार और वास्तु शास्त्र का गहरा ज्ञान और वर्षों का अनुभव है। गंगा का उद्देश्य सिर्फ दैनिक राशिफल बताना नहीं, बल्कि धर्म और अध्यात्म से जुड़ी सटीक, शोध-आधारित और प्रामाणिक जानकारी आम जनमानस तक पहुंचाना है। वह ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं का गहराई से विश्लेषण करती हैं। उनकी तथ्यपरक लेखनी पाठकों को अंधविश्वास से दूर रखकर एक सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिससे वे डिजिटल पाठकों के बीच एक बेहद भरोसेमंद नाम बन गई हैं।

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