नई दिल्ली, 04 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के जनक और पूर्व कमिश्नर ललित मोदी ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के मालिक संजीव गोयनका के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाते हुए उन्हें टूर्नामेंट के इतिहास का सबसे बड़ा ‘जोकर’ बताया है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर एक के बाद एक तीखे पोस्ट करते हुए मोदी ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से मांग की है कि गोयनका के व्यवहार को देखते हुए उनकी टीम की ओनरशिप तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी जानी चाहिए।
यह पूरा विवाद 1 अप्रैल को इकाना स्टेडियम में दिल्ली कैपिटल्स (DC) के खिलाफ मिली हार के बाद शुरू हुआ। मैच खत्म होने के बाद संजीव गोयनका को विपक्षी टीम के कप्तान ऋषभ पंत के साथ मैदान पर कुछ गहन चर्चा करते हुए देखा गया था। हालांकि बातचीत का विवरण सामने नहीं आया है, लेकिन ललित मोदी ने इसे गोयनका का अहंकार और खिलाड़ियों के प्रति अपमानजनक रवैया करार दिया है।
मोदी ने अपनी पोस्ट में लिखा कि अगर वह आज भी आईपीएल के चेयरमैन या कमिश्नर होते, तो संजीव गोयनका को तुरंत बैन कर देते। उन्होंने तर्क दिया कि फ्रेंचाइजी अनुबंध में एक विशेष क्लॉज होता है जो टीम मालिकों के आचरण को नियंत्रित करता है और बीसीसीआई को इसका इस्तेमाल कर ईमानदारी को सर्वोच्च रखना चाहिए। मोदी ने आरोप लगाया कि गोयनका केवल सत्ता में बैठे लोगों की चापलूसी करके बच रहे हैं।
यह पहली बार नहीं है जब संजीव गोयनका अपने व्यवहार के कारण निशाने पर आए हैं। साल 2024 के सीजन में सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ हार के बाद तत्कालीन कप्तान केएल राहुल को मैदान पर ही फटकार लगाने का उनका वीडियो खूब वायरल हुआ था। उस घटना की कड़वाहट अभी मिटी नहीं थी कि ऋषभ पंत के साथ उनके दृश्य ने आग में घी डालने का काम किया है।
इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने भी इस मामले में गोयनका की आलोचना की है। वॉन ने टिप्पणी करते हुए कहा कि टूर्नामेंट की शुरुआत में इस तरह के दृश्यों की कोई आवश्यकता नहीं थी। आलोचकों का मानना है कि गोयनका का हस्तक्षेप टीम के मनोबल को प्रभावित कर सकता है।

विवाद को बढ़ता देख लखनऊ सुपर जायंट्स ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया है। फ्रैंचाइजी ने एक वीडियो पोस्ट किया जिसमें गोयनका और पंत के बीच सहज माहौल दिखाया गया है। टीम की ओर से कहा गया कि कैमरे जो दिखाते हैं, सच हमेशा वैसा नहीं होता। खुद संजीव गोयनका ने भी पोस्ट कर टीम और कप्तान पर भरोसा जताया है, लेकिन ललित मोदी के सीधे हमले ने अब बीसीसीआई को दबाव में डाल दिया है।









