चेन्नई, 06 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। आईपीएल 2026 के रोमांच के बीच पांच बार की चैंपियन चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के खेमे में इस वक्त कोहराम मचा हुआ है। टूर्नामेंट अभी अपने आधे सफर तक भी नहीं पहुंचा है, लेकिन मैदान पर टीम के लचर प्रदर्शन ने 18 साल पुराने उस भरोसे को हिला दिया है जो मैनेजमेंट और हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग के बीच रहा है।
चेन्नई, 6 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। आईपीएल 2026 में हार की हैट्रिक लगा चुकी धोनी की यह ‘येलो आर्मी’ फिलहाल दस टीमों की अंक तालिका में सबसे निचले पायदान पर रेंग रही है। तीन मैचों में शून्य अंक और गिरते नेट रन-रेट ने आलोचकों को यह पूछने पर मजबूर कर दिया है कि क्या अब फ्लेमिंग का बोरिया-बिस्तर समेटने का वक्त आ गया है।
पूर्व भारतीय स्पिनर मुरली कार्तिक इस पूरे विवाद में फ्लेमिंग के ढाल बनकर उभरे हैं। उनका कहना है कि हार का सारा ठीकरा अकेले हेड कोच पर फोड़ना बेईमानी होगी। कार्तिक ने साफ किया कि जब नीलामी की मेज पर टीम चुनी जा रही थी, तब फ्लेमिंग अकेले फैसले नहीं ले रहे थे, बल्कि पूरा थिंक-टैंक वहां मौजूद था।
जहीर खान ने टीम की नाकामी के पीछे एक अलग और तार्किक नजरिया पेश किया है। जहीर के मुताबिक, चेन्नई सुपर किंग्स इस वक्त एक बड़े ‘ट्रांजिशन फेज’ यानी बदलाव के दौर से गुजर रही है। पहले यह टीम केवल अनुभवी और मैच्योर खिलाड़ियों पर दांव खेलती थी जो मैदान पर अपनी रणनीति खुद बनाने में माहिर थे।
लेकिन अब कहानी बदल चुकी है और टीम भविष्य की टीम तैयार करने के लिए युवा चेहरों को तरजीह दे रही है। जहीर का मानना है कि जब आप अनुभव की जगह कच्ची प्रतिभा को मौका देते हैं, तो शुरुआती झटके और हार झेलने के लिए तैयार रहना चाहिए। यही वह कीमत है जो सीएसके फिलहाल चुका रही है।
इतने दबाव और कप्तानी के फैसलों पर उठते सवालों के बीच स्टीफन फ्लेमिंग खुद को शांत रखे हुए हैं। 18 साल से टीम के साथ जुड़े इस कीवी दिग्गज को अब भी अपनी स्ट्रैटेजी पर पूरा यकीन है। फ्लेमिंग ने दावा किया है कि उनकी टीम जल्द ही बाउंस बैक करेगी और टूर्नामेंट के प्ले-ऑफ की रेस में अपनी मौजूदगी दर्ज कराएगी।









