INDW vs AUSW : ब्रिसबेन के मैदान पर भारतीय महिला क्रिकेट टीम की शुरुआत किसी बुरे सपने से कम नहीं रही, जहाँ कंगारू बल्लेबाजों ने भारतीय गेंदबाजों को बैकफुट पर धकेलते हुए 6 विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज की।
बल्लेबाजी में बिखराव, ताश के पत्तों की तरह ढहा टॉप ऑर्डर
टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का हरमनप्रीत कौर का फैसला उस वक्त आत्मघाती लगने लगा जब स्कोर बोर्ड पर खाता खुलने से पहले ही प्रतिका रावल पवेलियन लौट गईं। शेफाली वर्मा और जेमिमा रोड्रिग्ज भी ऑस्ट्रेलियाई पेस अटैक के सामने बेबस नजर आईं। महज 52 रन के स्कोर पर भारत के 3 मुख्य विकेट गिर चुके थे। मध्यक्रम पर दबाव साफ दिख रहा था, लेकिन स्मृति मंधाना ने एक छोर थामे रखा।
मंधाना-हरमनप्रीत की मेहनत पर फिरा पानी
स्मृति मंधाना ने 68 गेंदों पर 58 रनों की सूझबूझ भरी पारी खेली, जिसमें 7 कड़क चौके शामिल थे। उन्हें कप्तान हरमनप्रीत कौर (53 रन) का साथ मिला, लेकिन यह जोड़ी जैसे ही टूटी, भारतीय पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई। दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष ने निराश किया, जिसका नतीजा यह रहा कि पूरी टीम 48.3 ओवर में 214 रनों पर सिमट गई। ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने डेथ ओवरों में भारतीय बल्लेबाजों को हाथ खोलने का कोई मौका नहीं दिया।
कंगारू बल्लेबाजों का तहलका, 70 गेंद रहते मिली जीत

215 रनों का लक्ष्य ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के लिए बौना साबित हुआ। कप्तान एलिसा हीली ने कप्तानी पारी खेलते हुए टीम को तूफानी शुरुआत दी। रही-सही कसर बेथ मूनी के 76 रनों ने पूरी कर दी। भारतीय गेंदबाज विकेट निकालने के लिए तरसते नजर आए। ऑस्ट्रेलिया ने 38.2 ओवर में ही 4 विकेट खोकर जीत की मुहर लगा दी। इस हार ने भारतीय टीम की गेंदबाजी और मध्यक्रम की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।









