अहमदाबाद। भारतीय क्रिकेट टीम के हालिया टी20 वर्ल्ड कप अभियान में शामिल रहे वाशिंगटन सुंदर के लिए आईपीएल 2026 (IPL 2026) की राह आसान नजर नहीं आ रही है।
दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग का 19वां सीजन 28 मार्च से शुरू होने जा रहा है, लेकिन गुजरात टाइटंस के इस ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर के लिए शुरुआती एकादश में जगह बनाना एक बड़ी पहेली बन गया है। भारतीय टीम के स्क्वॉड का हिस्सा होने के बावजूद सुंदर फ्रेंचाइजी क्रिकेट में अपनी उपयोगिता साबित करने के लिए जूझ रहे हैं।
टीम कॉम्बिनेशन बना सुंदर की राह में रोड़ा
गुजरात टाइटंस के खेमे में स्पिन विभाग की जिम्मेदारी मुख्य रूप से राशिद खान और आर. साई किशोर के कंधों पर है। पिछले सीजन में साई किशोर टीम के सबसे सफल गेंदबाजों में से एक रहे थे, जिन्होंने लगभग सभी मैचों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी। ऐसे में कप्तान शुभमन गिल के लिए सुंदर को प्लेइंग-11 में फिट करना रणनीतिक तौर पर कठिन साबित हो रहा है। टीम का संतुलन फिलहाल सुंदर को एक अतिरिक्त खिलाड़ी के रूप में देख रहा है, जो केवल इम्पैक्ट प्लेयर या चोट की स्थिति में ही मैदान पर उतर सकते हैं।
आंकड़ों की गवाही: 9 साल में सिर्फ दो बार चमकी किस्मत
वाशिंगटन सुंदर का आईपीएल करियर साल 2017 में शुरू हुआ था, लेकिन निरंतरता की कमी उनके साथ हमेशा बनी रही। पिछले 9 सीजन में वह केवल 66 मैच खेल पाए हैं, जो किसी भी इंटरनेशनल स्तर के खिलाड़ी के लिए बेहद कम हैं। आंकड़ों पर गौर करें तो केवल 2017 और 2020 ही ऐसे साल थे जब उन्होंने 10 से ज्यादा मुकाबले खेले। पिछले साल भी गुजरात ने उन्हें 3.2 करोड़ रुपये की भारी रकम पर रिटेन किया था, लेकिन प्रदर्शन और टीम की जरूरत के हिसाब से उन्हें केवल 5 मैचों में ही मौका मिल सका।

वर्ल्ड कप विनर का टैग भी नहीं आ रहा काम
टी20 वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के साथ जुड़े रहने का फायदा सुंदर को आईपीएल में मिलता नहीं दिख रहा है। हालांकि कुलदीप यादव जैसे अन्य स्पिनर्स अपनी-अपनी टीमों के मुख्य हथियार हैं, लेकिन सुंदर की बल्लेबाजी और गेंदबाजी का मिश्रण गुजरात के मौजूदा सेटअप में फिट नहीं बैठ रहा है। आगामी सीजन में सुंदर को खुद को साबित करने के लिए मिले हुए सीमित मौकों को ही भुनाना होगा, वरना 28 मार्च से शुरू हो रहे इस टूर्नामेंट में वह अधिकांश समय डगआउट में ही नजर आएंगे।









