देहरादून (14 अक्टूबर) : रायपुर रोड पर शाम ढलते ही लगने वाले ट्रैफिक जाम और सड़क किनारे बेतरतीब खड़े ठेलों से जल्द ही दूनवासियों को निजात मिलने जा रही है। नगर निगम ने रायपुर रोड पर 32 दुकानों वाले आधुनिक फूड कोर्ट के निर्माण कार्य को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। नगर आयुक्त आलोक कुमार पांडेय ने बुधवार को निर्माणाधीन फूड कोर्ट का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्य की रफ्तार और मानकों की गहन पड़ताल की। इस दौरान उन्होंने दो टूक निर्देश दिए कि परियोजना को बिना किसी देरी के तय समयसीमा में जनता को समर्पित किया जाए।
रायपुर रोड पर बनेगा 32 दुकानों का नया ठिकाना
रायपुर क्षेत्र में तेजी से बढ़ती आबादी और व्यावसायिक हलचल को देखते हुए नगर निगम का यह फूड कोर्ट खानपान के शौकीनों के लिए बड़ा केंद्र बनेगा। इस परिसर में कुल 32 दुकानें बनाई जा रही हैं, जहां शहरवासी और पर्यटक एक ही छत के नीचे विभिन्न व्यंजनों का स्वाद ले सकेंगे। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि यहां आने वाले नागरिकों की सुविधा के लिए आधुनिक शौचालय और पर्याप्त पार्किंग स्पेस तैयार किया जा रहा है। पार्किंग की इनबिल्ट सुविधा मिलने से मुख्य रायपुर रोड पर वाहनों का जमावड़ा नहीं लगेगा और आवागमन पूरी तरह व्यवस्थित रहेगा।
सड़क पर अवैध ठेलों और ट्रैफिक से मिलेगी राहत
रायपुर रोड पर लंबे समय से अनियंत्रित फूड वेंडर्स और सड़क किनारे खड़े वाहनों के कारण पीक ऑवर्स में लंबा जाम लगता रहा है। इस फूड कोर्ट के शुरू होने से सड़क किनारे लगने वाले खानपान के ठेलों को व्यवस्थित व्यावसायिक जगह मिलेगी। इससे एक तरफ जहां स्थानीय कारोबारियों को स्थायी और सुरक्षित ठिकाना मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ मुख्य मार्ग से अतिक्रमण हटने से ट्रैफिक का दबाव भी घटेगा। नगर निगम का यह कदम शहर के स्ट्रीट फूड कल्चर को हाइजीनिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
निर्माण गुणवत्ता और तय डेडलाइन पर सख्त निर्देश
निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और मानकों पर विशेष जोर दिया। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिशासी अभियंता रजित कोटियाल, सहायक अभियंता रमेश बिष्ट और अवर अभियंता को हिदायत दी कि निर्माण कार्य में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे प्रतिदिन निर्माण कार्य की समीक्षा करें और यदि कोई अड़चन आती है तो उसका तत्काल समाधान निकालें। नगर निगम प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि दुकानों के साथ-साथ पार्किंग और जनसुविधाओं का काम भी एक साथ पूरा हो।




