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कंगाल बना सकती हैं पैरों से जुड़ी ये छोटी गलतियां, जानें जूते उतारने के सही नियम

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Ganga Updated Wed, 25 Mar 2026 05:00 AM IST

वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के कुछ खास हिस्सों में जूते-चप्पल पहनकर जाना गंभीर वास्तु दोष और आर्थिक तंगी का कारण बनता है। इन नियमों का पालन न करने से मां लक्ष्मी और मां अन्नपूर्णा की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है।

Vastu Tips For Shoes

मुख्य बातें

  • रसोई और भंडार घर में जूते ले जाना अन्न की कमी का संकेत है।
  • तिजोरी के पास चप्पल पहनने से संचित धन में तेजी से गिरावट आती है।
  • पवित्र नदियों और मंदिरों की मर्यादा भंग करने से मानसिक शांति भंग होती है।

Vastu Tips For Shoes : हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में स्वच्छता को ही ईश्वर का वास माना गया है। अक्सर भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अनजाने में घर के उन हिस्सों में भी जूते-चप्पल पहनकर प्रवेश कर जाते हैं, जिन्हें बेहद पवित्र माना जाता है।

यह छोटी सी लापरवाही घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार करती है, जिसका सीधा असर परिवार की आर्थिक स्थिति और सेहत पर पड़ता है।

किचन और भंडार घर की मर्यादा

रसोई घर को मां अन्नपूर्णा का स्थान माना जाता है। यहां जूते-चप्पल पहनकर प्रवेश करना न केवल अशुद्धि फैलाता है, बल्कि कुंडली में मंगल और राहु के अशुभ प्रभाव को भी बढ़ा सकता है।

इसी तरह भंडार घर, जहां अनाज का संचय होता है, वहां नंगे पैर जाने से घर में बरकत बनी रहती है और कभी भोजन की कमी नहीं होती।

तिजोरी और धन स्थान पर बरतें सावधानी

आर्थिक समृद्धि के लिए जरूरी है कि जहां आप अपना धन या जेवर रखते हैं, उस स्थान की पवित्रता बनी रहे। तिजोरी खोलते समय या उसके करीब जाते समय जूते उतारना अनिवार्य है।

वास्तु के अनुसार, चमड़े या रबर के जूते पहनकर धन स्पर्श करने से मां लक्ष्मी रुष्ट हो जाती हैं, जिससे अनावश्यक खर्चे बढ़ने लगते हैं।

आध्यात्मिक केंद्रों का सम्मान

मंदिर और पवित्र नदियां आस्था के सबसे बड़े केंद्र हैं। किसी भी नदी में स्नान करने से पहले जूते-चप्पल और चमड़े से बनी बेल्ट जैसी चीजें दूर रख देनी चाहिए।

मंदिर के भीतर जूते ले जाना देवताओं का अपमान माना जाता है, जो जीवन में बाधाएं उत्पन्न कर सकता है।

इन पांच स्थानों पर मर्यादा बनाए रखने से न केवल वास्तु दोष दूर होता है, बल्कि घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह भी तेज होता है।

Ganga

गंगा 'दून हॉराइज़न' में धर्म और ज्योतिष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वैदिक ज्योतिष, पंचांग, व्रत-त्योहार और वास्तु शास्त्र का गहरा ज्ञान और वर्षों का अनुभव है। गंगा का उद्देश्य सिर्फ दैनिक राशिफल बताना नहीं, बल्कि धर्म और अध्यात्म से जुड़ी सटीक, शोध-आधारित और प्रामाणिक जानकारी आम जनमानस तक पहुंचाना है। वह ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं का गहराई से विश्लेषण करती हैं। उनकी तथ्यपरक लेखनी पाठकों को अंधविश्वास से दूर रखकर एक सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिससे वे डिजिटल पाठकों के बीच एक बेहद भरोसेमंद नाम बन गई हैं।

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