कानपुर, 06 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में (Viral Wedding News) शादी की पवित्र रस्मों के बीच एक ऐसी शर्मनाक घटना सामने आई है, जिसने समाज और कानून व्यवस्था दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दहेज की लोभ और छोटी मानसिकता के चलते एक दूल्हे ने मंडप में बैठी दुल्हन के सामने कपड़े उतारने की फरमाइश कर डाली, जिससे खुशियों वाले घर में मातम और आक्रोश फैल गया। शादी का घर मेहमानों से भरा था, फेरे शुरू होने ही वाले थे कि अचानक दूल्हे पक्ष ने रस्में रुकवा दीं।
दूल्हे को किसी ने गुपचुप तरीके से अफवाह फैला दी कि दुल्हन को ‘ल्यूकोडर्मा’ यानी सफेद दाग की बीमारी है। इस अफवाह को सुनते ही दूल्हे और उसके परिवार ने शादी करने से साफ इनकार कर दिया।
दूल्हे ने मांग रखी कि जब तक वह अपनी आंखों से यह पुष्टि नहीं कर लेता कि लड़की को कोई चर्म रोग नहीं है, वह फेरे नहीं लेगा। इस बेतुकी मांग को लेकर लड़की और लड़के वालों के बीच तीखी झड़प हुई।
बात इतनी बढ़ गई कि मौके पर पुलिस बुलानी पड़ी। हालांकि, पुलिस भी इस संवेदनशील मामले को सुलझाने में नाकाम रही। इसके बाद गांव की पंचायत बैठी। पंचायत ने न्याय करने के नाम पर संवेदनहीनता की सारी हदें पार करते हुए दुल्हन को आदेश दिया कि वह रिश्तेदारों के सामने अपने कपड़े उतारकर यह साबित करे कि उसके शरीर पर कोई दाग नहीं है।
मजबूरी और अपनी पवित्रता को सिद्ध करने के दबाव में दुल्हन को उस अपमानजनक स्थिति से गुजरना पड़ा। यह घटना केवल एक अफवाह का नतीजा थी, जिसने एक युवती के आत्मसम्मान को सार्वजनिक रूप से चोट पहुंचाई।
भारत में दहेज निषेध अधिनियम 1961 के तहत इस तरह का मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न गंभीर अपराध है, लेकिन जमीनी स्तर पर अफवाहें आज भी रिश्तों पर भारी पड़ रही हैं। कानपुर की यह घटना समाज के उस कुरूप चेहरे को दर्शाती है जहां आज भी महिलाओं को वस्तु समझा जाता है।
किसी अनजान व्यक्ति की बातों में आकर एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियों को उजाड़ दिया गया। फिलहाल इस मामले ने सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर भारी आक्रोश पैदा कर दिया है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठ रही है।










