नीदरलैंड्स, 06 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। जासूसी की दुनिया में माता हारी एक ऐसा नाम है जिसके जिक्र के बिना प्रथम विश्व युद्ध का इतिहास अधूरा है। हुस्न, नजाकत और बेमिसाल दिमाग के कॉम्बिनेशन वाली इस महिला ने अपनी अदाओं से वो तबाही मचाई कि बिना हथियार उठाए ही 50 हजार सैनिकों को मौत के घाट उतार दिया।
1876 में नीदरलैंड्स में जन्मी गेरत्रुद मार्गरेट जेले उर्फ ‘माता हारी’ का बचपन पेरिस की गलियों में बीता। वह सिर्फ एक जासूस नहीं बल्कि अपने समय की सबसे चर्चित डांसर और बोल्ड परफॉर्मर थीं। पेरिस के ऊंचे रसूख वाले लोग और सैन्य अधिकारी उनके नृत्य और सुंदरता के दीवाने थे, जिसका फायदा उठाकर उन्होंने खुफिया गलियारों में अपनी पैठ बनाई।
जब प्रथम विश्व युद्ध की आग भड़की, तो जर्मनी ने माता हारी की पहुंच का फायदा उठाने के लिए उन्हें मोटी रकम के बदले जासूसी का ऑफर दिया। माता हारी ने इसे स्वीकार किया और जर्मन एजेंट ‘H-21’ बन गईं। वह अक्सर उच्च अधिकारियों को प्रेम जाल में फंसाकर उनसे युद्ध की रणनीतियां उगलवा लेती थीं।
इतिहासकारों के अनुसार, माता हारी पर आरोप था कि वह एक ‘डबल एजेंट’ के रूप में काम कर रही थीं। उन्होंने फ्रांस से पैसे लेकर जर्मनी की जानकारी देने का वादा किया, लेकिन असल में वह फ्रांस की गुप्त सूचनाएं जर्मनी तक पहुंचा रही थीं। उनकी इसी दगाबाजी के कारण फ्रांस की सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा और करीब 50,000 जवान मारे गए।
साल 1917 में जब वह स्पेन जा रही थीं, तब इंग्लैंड के फालमाउथ बंदरगाह पर ब्रिटिश इंटेलिजेंस ने उन्हें धर दबोचा। कड़ी पूछताछ के बाद उन्हें फ्रांस के हवाले कर दिया गया। फ्रांस की एक सैन्य अदालत ने उन पर देशद्रोह और जासूसी का दोष सिद्ध किया। 15 अक्टूबर 1917 को पेरिस के पास उन्हें फायरिंग स्क्वाड के सामने खड़ा कर गोलियों से भून दिया गया।
माता हारी की मौत के बाद भी विवादों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। उनके शव को लावारिस मानकर पेरिस के एक मेडिकल स्कूल को रिसर्च के लिए दे दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि उनके सिर को केमिकल के जरिए संरक्षित कर ‘एनाटॉमी म्यूजियम’ में रखा गया था। साल 2000 में जब म्यूजियम की इन्वेंट्री चेक हुई, तो पता चला कि उनका सिर वहां से गायब है और आज तक उसका कोई सुराग नहीं मिला।
उनकी रहस्यमयी जिंदगी की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 1931 में हॉलीवुड ने ‘माता हारी’ नाम से फिल्म बनाई। इस फिल्म में उस दौर की सुपरस्टार ग्रेटा गर्बो ने लीड रोल निभाया था। आज भी माता हारी को जासूसी की दुनिया की सबसे ग्लैमरस लेकिन खतरनाक विलेन के तौर पर याद किया जाता है।









