भारत में अब महिलाएं सिर्फ घर नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था चलाने की तैयारी में हैं। केंद्र सरकार ने महिला उद्यमियों की वित्तीय बाधाओं को दूर करने के लिए पांच ऐसी योजनाएं तैयार की हैं, जो न केवल कम ब्याज पर लोन देती हैं, बल्कि कागजी कार्रवाई को भी बेहद सरल बनाती हैं। चाहे आपको छोटा सा बुटीक खोलना हो या कोई बड़ी मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट लगानी हो, फंड की कमी अब आड़े नहीं आएगी।
1. स्टैंड-अप इंडिया (Stand-Up India)
यह योजना उन महिलाओं के लिए गेम-चेंजर साबित हो रही है जो पहली बार अपना बड़ा बिजनेस शुरू करना चाहती हैं। इसमें ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक का लोन मिलता है। खास बात यह है कि इसमें आपको 18 महीने का ‘मोरेटोरियम पीरियड’ मिलता है, यानी बिजनेस जमने तक आपको किस्त देने की टेंशन नहीं लेनी होगी। इसे चुकाने के लिए आपको 7 साल का लंबा वक्त मिलता है।
2. प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY)
अगर आप छोटे स्तर पर काम शुरू करना चाहती हैं, तो मुद्रा लोन सबसे आसान जरिया है। इसमें तीन कैटेगरी (शिशु, किशोर और तरुण) में ₹10 लाख तक का लोन मिलता है। इसके लिए किसी गारंटी की जरूरत नहीं होती और ब्याज दरें भी काफी कम रखी गई हैं।
3. सेंट-कल्याणी स्कीम (Cent Kalyani Scheme)
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की यह स्कीम खास तौर पर उन महिलाओं के लिए है जो मैन्यूफैक्चरिंग या सर्विस सेक्टर (जैसे- कैटरिंग, ब्यूटी पार्लर, या डे-केयर सेंटर) में हाथ आजमाना चाहती हैं। इसमें ₹1 करोड़ तक का लोन बिना किसी तीसरे पक्ष की गारंटी के मिल जाता है। बैंक बस लोन राशि का 20% मार्जिन अपने पास सुरक्षित रखता है।
4. PNB महिला एंटरप्रेन्योर (PNB Mahila Entrepreneur)
पंजाब नेशनल बैंक की यह स्कीम छोटे उद्योगों के लिए रामबाण है। इसके तहत ₹10 लाख तक की मदद दी जाती है। आप इसे ‘टर्म लोन’ के रूप में 5 साल के लिए या ‘ओवरड्राफ्ट’ के तौर पर 3 साल के लिए ले सकती हैं। यह उन महिलाओं के लिए बेस्ट है जिन्हें रोजमर्रा के बिजनेस खर्चों के लिए कैश की जरूरत रहती है।
5. सेल्फ हेल्प ग्रुप (SHG) और बैंक लिंकेज
गांवों और छोटे शहरों में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए ICICI बैंक जैसे संस्थान बिना किसी गारंटी के ₹10 लाख तक का लोन दे रहे हैं। यह माइक्रो-बिजनेस शुरू करने वाली ग्रामीण महिलाओं के लिए सबसे भरोसेमंद जरिया बनकर उभरा है।











